होम / कोर्ट कचहरी / महादेव बेटिंग ऐप केस: स्काईएक्सचेंज की कमाई से हुई थी Ebix डील? ED का बड़ा दावा
महादेव बेटिंग ऐप केस: स्काईएक्सचेंज की कमाई से हुई थी Ebix डील? ED का बड़ा दावा
जांच एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट और अन्य विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए भारत में लाया गया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा खुलासा करने का दावा किया है. एजेंसी के अनुसार, अवैध ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म स्काईएक्सचेंज (Skyexchange) से अर्जित धन का इस्तेमाल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी Ebix के अधिग्रहण के लिए किया गया. ED का कहना है कि इस धन को विदेशी निवेश के जरिए वैध निवेश का रूप देकर भारत लाया गया.
ED का क्या है आरोप?
ED के मुताबिक, कारोबारी विकास गर्ग ने स्काईएक्सचेंज के जरिए कमाई गई अवैध रकम को Eraaya Lifespaces के माध्यम से Ebix के अधिग्रहण में लगाया. एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी अपने अंतरिम कुर्की आदेश में यह दावा किया है.
जांच एजेंसी का कहना है कि अवैध धन को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI), प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (FCCBs), क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) और अन्य विदेशी निवेश माध्यमों के जरिए भारत में लाया गया.
765.77 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल
ED के अनुसार, लगभग 765.77 करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित राशि को विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों तक पहुंचाया गया. इन पैसों का इस्तेमाल Eraaya Lifespaces में हिस्सेदारी खरीदने और बाद में Ebix के अधिग्रहण के लिए किया गया.
एजेंसी का दावा है कि Eraaya Lifespaces ने अगस्त 2024 में अमेरिकी दिवालिया अदालत (US Bankruptcy Court) के जरिए Ebix में 57.58% हिस्सेदारी खरीदी थी.
कैसे हुई फंडिंग?
ED के मुताबिक, Ebix के अधिग्रहण के लिए कई स्रोतों से धन जुटाया गया, जिनमें लगभग 250 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश, करीब 374.4 करोड़ रुपये का QIP और FCCBs के जरिए जुटाई गई राशि शामिल थी.
जांच में यह भी सामने आया कि अगस्त 2024 में Eraaya के QIP एस्क्रो खाते में विदेशी निवेशकों से 248.5 करोड़ रुपये आए, जिन्हें बाद में कंपनी के मुख्य खाते में ट्रांसफर कर Ebix अधिग्रहण में इस्तेमाल किया गया.
इसके अलावा, जांचकर्ताओं ने विकास लाइफकेयर से जुलाई 2024 से जुलाई 2025 के बीच Ebix को लगभग 292.4 करोड़ रुपये के ट्रांसफर का भी पता लगाया. एजेंसी का आरोप है कि इन लेन-देन को कंपनी के वित्तीय विवरणों में ऋण, अग्रिम और निवेश के रूप में दर्ज किया गया.
कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर का भी नाम
ED का आरोप है कि कोलकाता स्थित कथित एंट्री ऑपरेटर अमित सरावगी ने लगभग 526 करोड़ रुपये की फर्जी लेखा प्रविष्टियों (एंट्री) की व्यवस्था की. एजेंसी के मुताबिक, इनमें से करीब 175 करोड़ रुपये विकास गर्ग से जुड़ी कंपनियों में भेजे गए, जिनमें GG Engineering जैसी कंपनियां भी शामिल हैं.
हर महीने 450 करोड़ रुपये की कथित अवैध कमाई
ED का दावा है कि महादेव ऑनलाइन और स्काईएक्सचेंज नेटवर्क हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई कर रहे थे. इस धन को शेल कंपनियों, फर्जी दस्तावेजों और कई स्तरों वाले वित्तीय लेन-देन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया गया.
940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच
डिजिटल सबूतों, बैंक रिकॉर्ड और PMLA के तहत जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर ED ने निष्कर्ष निकाला कि विकास गर्ग से जुड़ी संस्थाओं में निवेश किए गए 765.77 करोड़ रुपये अपराध से अर्जित आय हैं.
इसी आधार पर एजेंसी ने Ebix में Eraaya Lifespaces की 163.8 करोड़ रुपये की शेयरहोल्डिंग और लगभग 47.74 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों समेत कुल 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है.
जांच अभी जारी
ED ने कहा है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज नेटवर्क के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों के खिलाफ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर जांच जारी है. एजेंसी का कहना है कि संपत्तियों को कुर्क करने का उद्देश्य उन्हें बेचे जाने या स्थानांतरित किए जाने से रोकना है, ताकि जांच और कानूनी कार्रवाई प्रभावित न हो.
टैग्स SkyExchange’s Earnings