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महादेव बेटिंग केस: ईबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग को राहत नहीं, कोर्ट ने 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने मंगलवार को ED की याचिका स्वीकार करते हुए विकास गर्ग की 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की. एजेंसी ने अदालत से कहा था कि रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश करने के लिए गर्ग को वहां ले जाना जरूरी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार ईबिक्स (Ebix) के चेयरमैन विकास गर्ग को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से राहत नहीं मिली. कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी है, जिसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर ले जाया जाएगा. वहां उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गठित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा. यह कार्रवाई महादेव बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े कथित अवैध धन के लेनदेन की जांच के तहत की गई है.

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय शंकर ने मंगलवार को ED की याचिका स्वीकार करते हुए विकास गर्ग की 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की. एजेंसी ने अदालत से कहा था कि रायपुर स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश करने के लिए गर्ग को वहां ले जाना जरूरी है.

940.7 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच

गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ED ने PMLA के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं की करीब 940.7 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) की थीं. एजेंसी के मुताबिक इनमें आवासीय संपत्तियां, जमीन, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं. ED का आरोप है कि ये सभी संपत्तियां अवैध बेटिंग नेटवर्क से अर्जित अपराध की आय (Proceeds of Crime) से खरीदी गईं.

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

10 जुलाई को जारी अपने बयान में ED ने कहा था कि विकास गर्ग के खिलाफ "महादेव ऑनलाइन बुक या स्काईएक्सचेंज अवैध ऑनलाइन बेटिंग मामले" में PMLA के तहत कार्रवाई की जा रही है. जांच के दायरे में महादेव बुक ऐप और दुबई स्थित बेटिंग प्लेटफॉर्म स्काईएक्सचेंज भी शामिल हैं.

अप्रैल 2025 में ED ने विकास गर्ग के आवास और उनकी कंपनियों के कार्यालयों पर छापेमारी की थी. उस समय उनकी कंपनियों ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा था कि जांच कुछ तीसरे पक्ष और उनके लेनदेन से जुड़ी है. बाद में नियामकीय फाइलिंग में कंपनियों ने PMLA के तहत चल रही कार्रवाई की पुष्टि की, लेकिन सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे कानूनी मंचों पर इसका विरोध कर रही हैं.

कई सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़े हैं विकास गर्ग

विकास गर्ग, विकास लाइफकेयर और विकास इकोटेक के प्रमोटर हैं. दोनों कंपनियां नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध हैं. इसके अलावा ईबिज (Ebiz) बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध है. अगस्त 2024 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक भी नियुक्त किया गया था.

क्या है महादेव बेटिंग ऐप मामला?

महादेव बेटिंग ऐप मामले में आरोप है कि सिंडिकेट ने हवाला, क्रिप्टोकरेंसी और बेनामी बैंक खातों के जरिए अवैध कमाई को वैध दिखाने की कोशिश की. ED के अनुसार यह नेटवर्क टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365 और लेजर247 जैसे कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फ्रेंचाइजी मॉडल पर पूरे भारत में संचालित होता था. एजेंसी का दावा है कि इसका संचालन दुबई से कथित मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल करते थे.

ओमान में मिला सौरभ चंद्राकर

इस मामले में एक अन्य बड़ी कार्रवाई के तहत महादेव बेटिंग ऐप के कथित प्रमोटर और लगभग 6,000 करोड़ रुपये के घोटाले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर का ओमान में पता लगाया गया है. ED और छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है. भारत सरकार ने उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

ED इससे पहले सौरभ चंद्राकर से जुड़ी लगभग 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी कुर्क कर चुकी है, जिनमें दुबई स्थित लग्जरी विला और प्रीमियम अपार्टमेंट शामिल हैं.

2022 से जारी है जांच

महादेव बेटिंग ऐप मामले की जांच 2022 से चल रही है और समय के साथ इसका दायरा काफी बढ़ गया है. ED के अनुसार अब तक देशभर में 175 से अधिक स्थानों पर तलाशी ली जा चुकी है, 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 74 आरोपियों के खिलाफ पांच अभियोजन शिकायतें (Prosecution Complaints) दायर की गई हैं और भारत व विदेशों में हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं.


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