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वाइब्रेंट गुजरात योजना ने बदली है गांवों की तस्‍वीर, अब हो रही है करोड़ों की कमाई 

इस योजना के कारण पंचायत परिवारों को उनकी पहली बेटी के जन्म पर अपनी निधि से ₹5,000 का प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

गुजरात के मौजूदा मुख्‍यमंत्री भूपेन्‍द्र सिंह पटेल की लीडरशिप में राज्‍य में इस साल वाइब्रेंट गुजरात के दसवें संस्‍करण का आयोजिन होने जा रहा है. 2003 से शुरू हुआ ये सफर आज भी लगातार जारी है और इसने कई लोगों को फायदा पहुंचाया है और सशक्‍त करने का काम किया है. पीएम मोदी के द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के कारण कई अविकसित समुदायों को फायदा मिला है. आज चार गांवों की पंचायत 20 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की कमाई कर रही है. तीन पंचायतों को कंपनियों द्वारा दिए गए करों से 1 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. इससे समाज में कई तरह के बदलाव हुए हैं. 

क्‍यों गांवों को कर देती हैं ये कंपनियां? 
गुजरात के सानंद-2 औद्योगिक इस्टेट ने चार पड़ोसी गांवों बोल, हीरापुर, शियावड़ा, और चारल से 2003 हेक्टेयर भूमि प्राप्त की है. इस क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों की स्थापना के पश्चात्, ग्राम पंचायत को पेशेवर कर मिलने लगे हैं. 2012-13 से 2021-22 के दौरान, बोल गांव ने पेशेवर कर में सबसे अधिक 13 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया, हीरापुर ने ₹3.95 करोड़, चारल ने ₹1.97 करोड़ और शियावड़ा ने ₹1.31 करोड़ के पेशेवर कर के रूप में अधिक प्राप्त किया.

शून्‍य आय वाले गांवों ने दर्ज की करोड़ों की आय 
2012-13 में, इन चार गांवों में पेशेवर कर का राजस्व शून्य था. सालों के साथ, यह आंकड़ा स्थिर रूप से बढ़ा और 2021-22 में एक करोड़ से अधिक हो गया. 2021 में, व्यापार कर से आय बोल गांव के लिए ₹2.4 करोड़, हीरापुर के लिए ₹93.25 लाख, चारल के लिए ₹29.45 लाख, और शियावड़ा के लिए ₹35.26 लाख थी. च्हरोदी पंचायत की आय दस साल में ₹15 करोड़ से अधिक बढ़ गई. सानंद से 15 किलोमीटर दूर स्थित च्हरोदी में जीआईडीसी के कारण, च्हरोदी ग्राम पंचायत की आय दस साल में दोगुनी हो गई है. 2012-13 में, च्हरोदी पंचायत ने ₹52.38 लाख का पेशेवर कर राजस्व दर्ज किया, जो 2021-22 में ₹1.35 करोड़ तक बढ़ गया. 2012-13 से 2021-22 तक, च्हरोदी पंचायत ने कुल ₹15.54 करोड़ की पेशेवर कर राजस्व जमा किया.

क्‍या बोले गांव के सरपंच? 
औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के पश्चात् ग्रामीणों के जीवन में हुए परिवर्तन के संदर्भ में, बोल गांव के सरपंच, नरेंद्र सिंह बराड़, ने कहा कि गांव में कई लोग अब करदाता बन गए हैं. ग्रामीणों के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं में विशेष रूप से वृद्धि हुई है, और कई स्थानीय उद्यमिक उद्यमों की शुरुआत की है. इस समृद्धि ने पड़ोसी गांवों पर भी अच्छा प्रभाव डाला है. हम अपने जीवन में हुए सकारात्मक परिवर्तनों के लिए आभारी हैं, और हम इस परिवर्तन के लिए नरेंद्र मोदी सर का ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं. सरपंच नरेंद्र सिंह बराड़ ने बोल गांव में महत्वपूर्ण विकासों को साझा किया.

गांव में अब पूरा सीवर लाइन नेटवर्क है. बोल के पास अच्छी तरह से निर्मित आरसीसी सड़कें, सीसीटीवी कैमरे, और सड़कों पर रोशनी की यह सुविधाएं हैं. प्रभावी संचार के लिए, सभी निवासियों को पंचायत से महत्वपूर्ण संदेशों को पहुंचाने के लिए गांव-व्यापी ध्वनि प्रणाली स्थापित की गई है. इसके अलावा, बोल गांव ने स्वच्छता के लिए दरवाजे से दरवाजे तक कचरा इकट्ठा करने की प्रणाली को लागू किया है.
 


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