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कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लॉन्च करेंगी 'NITI-NCAER स्टेट्स इकॉनमी फोरम' पोर्टल, जानें इसके फायदे

सरकार द्वारा लॉन्च किए जाने वाला 'NITI-NCAER स्टेट्स इकॉनमी फोरम' पोर्टल नीति निर्माण में पारदर्शिता और जानकारी की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार यानी 1 अप्रैल, 2025 नई दिल्ली में 'NITI-NCAER स्टेट्स इकॉनमी फोरम' पोर्टल को लॉन्च करेंगी. यह पोर्टल नीति आयोग और नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च (NCAER) के सहयोग से विकसित किया गया है. इसका उद्देश्य राज्यों की आर्थिक और वित्तीय स्थिति को समझने के लिए एक व्यापक और भरोसेमंद स्रोत प्रदान करना है. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

30 वर्षों के आर्थिक और वित्तीय डेटा का भंडार

इस पोर्टल में 1990-91 से 2022-23 तक के आंकड़े शामिल हैं. इसमें सामाजिक, आर्थिक और वित्तीय पहलुओं से जुड़े डेटा के साथ-साथ शोध रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख और विशेषज्ञों की राय भी उपलब्ध होगी. यह पोर्टल नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए राज्यवार आर्थिक प्रदर्शन को समझने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा.  

पोर्टल के प्रमुख सेक्शन

यह पोर्टल चार मुख्य सेक्शन में विभाजित है, जैसे-

1. पहले स्टेट रिपोर्ट्स-इस सेक्शन में देश के 28 राज्यों की अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है. यह रिपोर्ट जनसंख्या, आर्थिक संरचना, सामाजिक-आर्थिक और राजकोषीय आंकड़ों जैसे इंडिकेटर्स पर आधारित होगी.  

2. दूसरा डेटा रिपॉजिटरी-इस सेक्शन में उपयोगकर्ताओं को पांच प्रमुख श्रेणियों-जनसंख्या, आर्थिक संरचना, वित्तीय स्थिति, स्वास्थ्य और शिक्षा में विभाजित डेटा तक सीधी पहुंच मिलेगी. यह डेटाबेस शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा.  

3. तीसरा स्टेट फिस्कल एंड इकॉनमिक डैशबोर्ड-इस डैशबोर्ड में राज्यों से जुड़े प्रमुख आर्थिक आंकड़े ग्राफ और चार्ट के माध्यम से प्रदर्शित किए गए हैं. इसके साथ ही, डेटा अपेंडिक्स और समरी टेबल्स के ज़रिए विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है.  

4. रिसर्च और कमेंट्री-इस खंड में राज्यों की वित्तीय स्थिति और फिस्कल पॉलिसी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन शोध और विश्लेषण उपलब्ध होगा. यह नीति निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा.  

आसान और उपयोगी प्लेटफॉर्म

यह पोर्टल आर्थिक, सामाजिक, जनसांख्यिकीय और वित्तीय आंकड़ों को समझने और विश्लेषण करने में मदद करेगा. इसमें सभी आवश्यक सेक्टोरल डेटा एक ही जगह उपलब्ध होंगे, जिससे जानकारी जुटाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा. डेटा को सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है, ताकि नीति निर्माता, शोधकर्ता और आम नागरिक सभी इसका उपयोग कर सकें.

राज्यों की तुलना और नीतिगत निर्णयों में सहायक

यह पोर्टल न केवल राज्यवार आंकड़ों की तुलना की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के डेटा के साथ तुलना कर राज्यों के प्रदर्शन का आकलन भी आसान बनाएगा. यह नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को सूचना-आधारित चर्चाओं और बहसों में सहायता करेगा.  

विकास के लिए एक अनूठा संसाधन

पिछले 30 वर्षों के सामाजिक, आर्थिक और वित्तीय संकेतकों का एक व्यापक डेटाबेस इस पोर्टल पर उपलब्ध होगा. यह एक केंद्रीय सूचना केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिससे उपयोगकर्ता ट्रेंड्स को समझ सकते हैं, उभरते पैटर्न पहचान सकते हैं और विकास के लिए साक्ष्य-आधारित नीतियां तैयार कर सकते हैं. रीयल-टाइम एनालिटिक्स की मदद से यह पोर्टल गहन शोध करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होगा. एक्सपर्ट्स के अनुसार यह पोर्टल राज्यों की आर्थिक स्थिति को बेहतर ढंग से समझने, तुलनात्मक विश्लेषण करने और नीतिगत निर्णयों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा.


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