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Q4 में केनरा बैंक को झटका, ₹4,505 करोड़ पर आया मुनाफा, शेयर फिसला

नतीजों के बाद बैंक के शेयरों में दबाव देखने को मिला और स्टॉक दिन के उच्च स्तर से फिसल गया. बढ़ते स्लिपेज और दूसरी आय में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

सरकारी क्षेत्र के केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 9.9 प्रतिशत घटकर ₹4,505 करोड़ रह गया है. पिछले साल की समान तिमाही में बैंक ने ₹5,002 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था. नतीजों के बाद बैंक के शेयरों में दबाव देखने को मिला और स्टॉक दिन के उच्च स्तर से फिसल गया. बढ़ते स्लिपेज और दूसरी आय में गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. 

तिमाही नतीजों के बाद केनरा बैंक के शेयरों में दबाव देखने को मिला. खबर लिखे जाने के दौरान शेयर 3.62 प्रतिशत टूटकर ₹129.48 पर ट्रेड करता दिखाई दिया. इस साल अब तक बैंक का शेयर लगभग 15 प्रतिशत कमजोर हो चुका है.

प्रॉफिट में गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?

केनरा बैंक का मुनाफा घटने की सबसे बड़ी वजह दूसरी आय (Other Income) में आई तेज गिरावट रही. मार्च तिमाही में बैंक की दूसरी आय घटकर ₹4,824 करोड़ रह गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹6,350 करोड़ थी. हालांकि टैक्स खर्च और प्रावधानों (Provision) में कमी आई, लेकिन इससे मुनाफे में गिरावट को पूरी तरह संतुलित नहीं किया जा सका.

प्रावधानों में आई बड़ी कमी

बैंक के प्रावधान दिसंबर तिमाही के ₹2,414 करोड़ से घटकर मार्च तिमाही में ₹992 करोड़ रह गए. इसके बावजूद नेट प्रॉफिट में गिरावट दर्ज की गई, जिससे संकेत मिलता है कि आय के दूसरे स्रोतों पर दबाव बना हुआ है.

नेट इंटरेस्ट इनकम में हल्की बढ़ोतरी

केनरा बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी मुख्य आय में सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. मार्च तिमाही में बैंक की NII बढ़कर ₹9,809 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹9,442 करोड़ थी. इससे बैंक की कोर बैंकिंग गतिविधियों में स्थिरता का संकेत मिलता है.

एसेट क्वालिटी में सुधार जारी

बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला है. मार्च 2026 के अंत तक बैंक का ग्रॉस NPA घटकर 1.84 प्रतिशत रह गया, जो दिसंबर तिमाही में 2.08 प्रतिशत था. वहीं नेट NPA भी 0.45 प्रतिशत से घटकर 0.43 प्रतिशत पर आ गया.

ग्रॉस NPA में ₹2,000 करोड़ से ज्यादा की कमी

एब्सोल्यूट आधार पर देखें तो बैंक का ग्रॉस NPA दिसंबर तिमाही के ₹24,832 करोड़ से घटकर ₹22,740 करोड़ रह गया. वहीं, नेट NPA में मामूली कमी आई और यह ₹5,322 करोड़ से घटकर ₹5,209 करोड़ पर पहुंच गया.

स्लिपेज बढ़ने से बढ़ी चिंता

हालांकि एसेट क्वालिटी में सुधार के बावजूद बैंक के स्लिपेज बढ़े हैं. मार्च तिमाही में स्लिपेज ₹2,000 करोड़ के पार पहुंच गए, जबकि दिसंबर तिमाही में यह करीब ₹1,900 करोड़ थे. बढ़ते स्लिपेज को लेकर बाजार में सतर्कता देखने को मिली.

आगे कैसी रहेगी नजर?

विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार सकारात्मक संकेत है, लेकिन बढ़ते स्लिपेज और दूसरी आय में कमजोरी निकट अवधि में दबाव बनाए रख सकती है. अब निवेशकों की नजर बैंक की क्रेडिट ग्रोथ, रिकवरी और आने वाली तिमाहियों में मुनाफे की स्थिरता पर रहेगी.
 


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