होम / बिजनेस / निजी कंपनियों ने निवेश में लगाया जोर, प्राइवेट कैपेक्स 67% उछलकर 7.7 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

निजी कंपनियों ने निवेश में लगाया जोर, प्राइवेट कैपेक्स 67% उछलकर 7.7 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

CII ने CMIE Prowess डेटाबेस में शामिल करीब 1,200 कंपनियों का विश्लेषण किया. रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने निजी निवेश में सबसे बड़ा योगदान दिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

भारत में निजी निवेश का माहौल तेजी से मजबूत होता दिखाई दे रहा है. सितंबर 2025 तक देश का प्राइवेट कैपेक्स 67 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी के साथ 7.7 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. एक साल पहले यह आंकड़ा 4.6 लाख करोड़ रुपये था. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने इसे देश की निवेश साइकिल में बड़े बदलाव का संकेत बताया है. संगठन का कहना है कि निजी क्षेत्र का बढ़ता निवेश न सिर्फ औद्योगिक विस्तार को गति देगा, बल्कि रोजगार सृजन, निर्यात और आर्थिक विकास को भी मजबूती देगा.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच CII ने अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए 5-पॉइंट एक्शन प्लान भी पेश किया है.

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना निवेश का सबसे बड़ा इंजन

CII ने CMIE Prowess डेटाबेस में शामिल करीब 1,200 कंपनियों का विश्लेषण किया. रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने निजी निवेश में सबसे बड़ा योगदान दिया. इस सेक्टर में करीब 3.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो कुल प्राइवेट कैपेक्स का लगभग आधा हिस्सा है. मेटल, ऑटोमोबाइल और केमिकल सेक्टर निवेश के प्रमुख केंद्र रहे.

वहीं सर्विस सेक्टर का योगदान करीब 3.1 लाख करोड़ रुपये रहा. इसमें ट्रेड, कम्युनिकेशन और आईटी-आईटीईएस सेक्टर की अहम भूमिका रही.

निवेश चक्र में आया बड़ा बदलाव

CII के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि प्राइवेट कैपेक्स में 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी इस बात का सबसे मजबूत संकेत है कि भारत का निवेश चक्र निर्णायक रूप से बदल चुका है. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 74.3 प्रतिशत से बढ़कर 75.6 प्रतिशत हो गया.

इसके अलावा नए ऑर्डर बुक में सालाना आधार पर 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि बैंक क्रेडिट ग्रोथ वित्त वर्ष 2026 के दूसरे हाफ में करीब 14 प्रतिशत तक पहुंच गई.

CII ने पेश किया 5-पॉइंट एक्शन प्लान

अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए CII ने पांच बड़े सुझाव दिए हैं.

1. पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में राहत

CII ने सुझाव दिया है कि पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की केंद्रीय एक्साइज कटौती को अगले 6 से 9 महीनों में धीरे-धीरे वापस लिया जाए, जैसे-जैसे कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हों.

2. ऊर्जा बचत पर उद्योगों का फोकस

उद्योग संगठन ने सदस्य कंपनियों से अगले दो तिमाहियों में फ्यूल और बिजली की खपत में 3 से 5 प्रतिशत तक कमी लाने का प्रस्ताव रखा है.

3. MSME के लिए 45 दिन पेमेंट गारंटी

छोटे और मझोले उद्योगों पर दबाव कम करने के लिए TReDS और सप्लाई-चेन फाइनेंस के जरिए 45 दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है.

4. सप्लाई-चेन को मजबूत बनाने पर जोर

CII ने इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने और घरेलू वैल्यू एडिशन बढ़ाने के लिए स्पेशलिटी केमिकल्स और कैपिटल गुड्स सेक्टर में स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने की बात कही है.

5. निवेश और इंटर्नशिप को बढ़ावा

मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी ट्रांजिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में वित्त वर्ष 2027 के निवेश को पहले शुरू करने और PMIS योजना के तहत इंटर्नशिप बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है.

सरकार की नीतियों से मिला निवेश को बढ़ावा

चंद्रजीत बनर्जी ने निजी निवेश में तेजी का श्रेय सरकार की नीतियों को दिया. उन्होंने कहा कि लगातार सरकारी पूंजीगत खर्च, राजकोषीय अनुशासन, आधुनिक टैक्स ढांचा, PLI योजनाएं और मुक्त व्यापार समझौते निवेश बढ़ाने में अहम साबित हुए हैं.

उन्होंने कहा कि भारत अब उस स्थिति में पहुंच चुका है जहां उद्योगों को इस सकारात्मक माहौल को बड़े पैमाने पर उत्पादन, रोजगार और निर्यात में बदलना होगा.

GDP ग्रोथ और एक्सपोर्ट को लेकर बड़ी उम्मीद

CII को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.6 प्रतिशत से अधिक रह सकती है. संगठन का अनुमान है कि देश का निर्यात 863 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार 700 बिलियन डॉलर के पार जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि निजी निवेश में आई यह तेजी भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

5 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

6 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

7 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

8 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

9 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

8 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

5 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

6 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

7 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

14 hours ago