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गोल्ड पर पीएम मोदी की अपील का असर, ज्वेलरी स्टॉक्स में भारी बिकवाली, टाइटन समेत कई शेयर 7% तक गिरे

सोने की खरीद टालने की अपील से बाजार में मचा हड़कंप, ज्वेलरी सेक्टर पर दबाव बढ़ा

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने और सोने की खरीद टालने की अपील का असर शेयर बाजार में साफ दिखाई दिया है. सोमवार को ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें टाइटन, सैंको गोल्ड और अन्य प्रमुख कंपनियों के स्टॉक्स 10 प्रतिशत तक टूट गए. निवेशकों में बढ़ी चिंता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच इस बयान ने ज्वेलरी सेक्टर में तेज बिकवाली को जन्म दिया.

टाइटन समेत प्रमुख ज्वेलरी शेयरों में तेज गिरावट

सुबह के कारोबार में टाइटन कंपनी के शेयर करीब 7 प्रतिशत तक टूट गए और निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल हो गए. खबर लिखे जाने के दौरान यह शेयर 6.22 प्रतिशत की गिरावट क साथ 4,232.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था. यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी ने हाल ही में मजबूत तिमाही नतीजों के बाद अपने अब तक के उच्चतम स्तर को छुआ था. इसी तरह कल्याण ज्वेलर्स, सैंको गोल्ड और पीसी ज्वेलर्स जैसे शेयरों में भी 8 से 10 प्रतिशत तक की तेज गिरावट देखने को मिली. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल कंपनी के फंडामेंटल्स नहीं बल्कि नीतिगत संकेतों और उपभोक्ता मांग को लेकर बनी अनिश्चितता का नतीजा है.

पीएम मोदी की अपील से बढ़ी बाजार की संवेदनशीलता

प्रधानमंत्री ने हाल ही में देश से अपील की थी कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सोने की खरीद और अनावश्यक विदेशी यात्राओं को एक साल तक टाला जाए. उन्होंने कहा कि देश को विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया संकट के कारण तेल, खाद और अन्य आयातित वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है.

इस बयान के बाद निवेशकों और बाजार प्रतिभागियों में सतर्कता बढ़ गई, जिसका सीधा असर ज्वेलरी और ट्रैवल सेक्टर पर देखा गया.

बाजार पर व्यापक दबाव, सभी सेक्टर लाल निशान में

सुबह के कारोबार में शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 1,045 अंक गिरकर 76,282 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 300 अंक से अधिक टूटकर 23,877 के नीचे आ गया. सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. खासकर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.

ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी असर

सोने के साथ-साथ अनावश्यक विदेशी यात्रा कम करने की अपील का असर ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी पड़ा है. IRCTC और अन्य ट्रैवल से जुड़े स्टॉक्स में भी बिकवाली का दबाव देखा गया. विश्लेषकों का कहना है कि यह असर अल्पकालिक भावनात्मक प्रतिक्रिया भी हो सकता है, लेकिन निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं.

किन सेक्टरों पर दिखेगा असर

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, इस तरह के नीतिगत संकेतों का असर कुछ सेक्टरों पर अधिक दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि ज्वेलरी, फ्यूल, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और फर्टिलाइजर जैसे सेक्टरों में दबाव बढ़ सकता है. वहीं फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर अपेक्षाकृत मजबूत बने रह सकते हैं.

आगे क्या रह सकता है रुझान?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट भावनात्मक प्रतिक्रिया का हिस्सा हो सकती है, लेकिन वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी मुद्रा स्थिति आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करेंगी. निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार की नीतियां और वैश्विक परिस्थितियां आगे बाजार को किस दिशा में ले जाती हैं.

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)


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