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बिजनेस और पर्यावरण को बदल सकती है ये तकनीक...

जानकारों का मानना है कि टेक-इनेबल्ड बिजनेस सॉल्यूशंस में स्थिरता के साथ-साथ विकास के लिए बिजनेस एम्पावरमेंट को आगे बढ़ाने की क्षमता है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

बीते कुछ समय में अगर इंटरनेट के हमारे जीवन पर असर का आंकलन करें तो इसने एक बड़ा बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है. इसके कारण हमारे जीवन के काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव आया है. हालाँकि, जैसे-जैसे दुनिया तेजी से जुड़ती जा रही है, इंटरनेट के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. जबकि अगर एक ईमेल या इंटरनेट सर्च की बात करें तो उसके लिए इंटरनेट की कम ही ऊर्जा लगती है. लेकिन आज सामूहिक वैश्विक इंटरनेट के उपयोग के कारण CO2 उत्सर्जन बढ़ रहा है और ये ग्‍लोबल वार्मिंग की चुनौतियों को बढ़ा रहा है. लेकिन इस बीच कई तरह की नई तकनीकों ने कई तरह के कारोबार के लिए बेहतर स्थितियां पैदा की हैं. इंडस्‍ट्री 4.0 आज दुनिया के कारोबार के लिए एक सहायक के रूप में काम कर रही है. लेकिन आज हर इंडस्‍ट्री ये जान रही है कि उसे ग्रीन एनर्जी को लेकर काम करना है. ऐसे में हर कोई विकल्‍प तलाश रहा है. 

तेजी से बढ़ रहा है आईओटी का बाजार 
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हरित प्रौद्योगिकी का बाजार अगले पांच वर्षों के दौरान 45-55 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. ग्रीन आईओटी समय की आवश्यकता बन गया है क्योंकि यह संसाधनों की खपत को समय के अनुसार बदल रहा है और कचरे को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल मान्‍यताओं को बढ़ावा देने के लिए डेटा एकत्र करने और विश्लेषण करने के लिए जुड़े उपकरणों और सेंसर के उपयोग को बढ़ाता है. व्यापार जगत के नेता भी स्थिरता के प्रयासों को बढ़ाने के लिए हरित IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) प्रौद्योगिकियों का तेजी से लाभ उठाकर अपने संगठन को बढ़ाने के तरीकों की तलाश कर रहे हैं.

क्‍यों समय की आवश्‍यकता है ग्रीन टेक 
IoT इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स के समाधान व्यवसायों, सरकारों और उपभोक्ताओं के लिए मौजूदा समय में प्रदर्शन को पारदर्शी बनाने का काम कर रहे हैं. इसके जरिए जहां उन्‍हें ट्रैक किया जा सकता है वहीं उन क्षेत्रों की पहचान भी की जा सकती है जहां ऊर्जा हानि और खपत को कम किया जा सकता है. यही नहीं कारोबार से निकलने वाले अपशिष्ट उत्पादन, संग्रह और उन्‍हें निपटाने की प्रक्रिया के लिए विभिन्न तरीकों से उनका इस्‍तेमाल किया जा सकता है, यही नहीं इनके जरिए कई तरह का रीयल-टाइम डेटा भी लिया जा सकता है. 
हमारे देश में कारोबारियों को कई इस तरह की समस्‍याओं से भी रूबरू होना पड़ता है जिसमें एक अच्‍छी पॉलिसी के बनाने से लेकर उनके फंड मैनेजमेंट और राज्य-केंद्र के बीच अपर्याप्त समन्वय की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं. इसके कारण हम ग्रीन सेक्‍टर के प्रारंभिक चरण के फंडिंग, प्‍लॉनिंग, पूर्वानुमान और बिजली खरीद समझौते (पीपीए) को आसानी से समझा जा सकता है. 

सरकार कर चुकी है राष्‍ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की घोषणा 
हालाँकि, भारत सरकार ने पहले ही राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का खुलासा कर दिया है, जिसका उद्देश्य देश भर में हरित प्रौद्योगिकी और स्थिरता समाधान और सेवाओं को अपनाने के साथ ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों को डीकार्बोनाइज़ करना है. सरकार का उद्देश्य भारत में स्मार्ट सिटीज मिशन के तहत टिकाऊ और टेक्‍नोलॉजी से चलने वाले शहरी केंद्रों को विकसित करना है. स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में संसाधनों की कैपेसिटी और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए ग्रीन टेक्‍नोलॉजी को शामिल किया गया है.
व्यवसायों को इंटरनेट से जुड़े उपकरणों जैसे सेंसर और प्लेटफार्मों में निवेश करके हरित इंटरनेट को बढ़ावा देने और लागू करने में एक आवश्यक भूमिका निभाने की जरूरत है जो स्थिरता को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं. इसके लिए व्‍यवसायिक संगठनों को आईओटी समाधान प्रदाताओं और स्टार्टअप्स के साथ जुड़ना होगा जो स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करते हैं और व्यवसाय के स्थिरता लक्ष्यों के साथ संरेखित होने वाले अनुकूलित आईओटी समाधानों को विकसित और आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ सहयोग करते हैं. 

क्‍या हो सकता है भविष्‍य का रास्‍ता 
बिजनेस और व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को यह जांच करनी चाहिए कि वे कितनी ऊर्जा का उपयोग करते हैं, वे कितने गैर-बायोडिग्रेडेबल उत्पादों का उपयोग करते हैं, और वे सिस्टम और उत्पादों पर कितना भरोसा करते हैं. उन्‍हें ये भी देखना होगा कि वो कितने खतरनाक और हानिकारक उत्‍पादों को पर्यावरण में छोड़ते हैं. लेकिन एक कंपनी के मौजूदा सिस्‍टम में गैर-IoT से संबंधित प्रणालियों को अपडेट करके जहां वर्कफ़्लो को बढ़ाया जा सकता है वहीं दूसरी ओर ऊर्जा को भी बचाया जा सकता है. टेक-इनेबल्ड बिजनेस सॉल्यूशंस में स्थिरता के साथ-साथ विकास के लिए बिजनेस एम्पावरमेंट को आगे बढ़ाने की क्षमता है. IoT समाधानों द्वारा संचालित विभिन्न प्रकार के विश्लेषणात्मक उपकरण डेटा कई तरह से बिजनेस की मदद कर सकते हैं. 
 


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