होम / बिजनेस / ED की जांच का रिलायंस इंफ्रा और पावर पर नहीं पड़ेगा कोई असर : अनिल अंबानी
ED की जांच का रिलायंस इंफ्रा और पावर पर नहीं पड़ेगा कोई असर : अनिल अंबानी
अनिल अंबानी ने ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से खुद को और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर व पावर को अलग बताते हुए कहा है कि इन कंपनियों का जांच में शामिल संस्थाओं से कोई संबंध नहीं है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
उद्योगपति अनिल अंबानी ने गुरुवार को एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर की संचालन व्यवस्था या गवर्नेंस से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि ये दोनों सूचीबद्ध कंपनियां पूरी तरह से स्वतंत्र हैं और करीब ₹3,000 करोड़ के व्यापक जांच मामले से असंबंधित हैं.
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईडी ने अनिल अंबानी के पूर्ववर्ती व्यवसायों से जुड़ी 35 से अधिक जगहों पर छापेमारी की है. अंबानी ने कहा कि, “रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध कंपनियां हैं जिनका रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) या रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) से कोई वित्तीय या परिचालनिक संबंध नहीं है.”
उन्होंने यह भी बताया कि चल रही जांच करीब एक दशक पुराने मामलों से जुड़ी है, जो उन कंपनियों पर केंद्रित हैं जो या तो दिवालिया हो चुकी हैं या समाधान प्रक्रिया में हैं. उदाहरण के तौर पर, आरकॉम दिवालिया प्रक्रिया में है और आरएचएफएल का निपटारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत किया गया है.
अनिल अंबानी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह न तो रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और न ही रिलायंस पावर के बोर्ड में किसी पद पर हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईडी की किसी भी कार्रवाई का इन कंपनियों के संचालन, गवर्नेंस या व्यवसायिक निरंतरता पर "कोई असर नहीं" है.
ईडी की यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा पहले दर्ज की गई एफआईआर पर आधारित है, जिसमें रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (RAAGA) से जुड़ी कंपनियों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है. इस जांच के तहत 50 से अधिक कंपनियों और 25 से ज्यादा व्यक्तियों को जांच के दायरे में लिया गया है.
निवेशकों और शेयर बाजार को भरोसा दिलाते हुए, अनिल अंबानी ने कहा, “रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर अपने व्यापारिक लक्ष्यों और शेयरधारकों के हितों पर केंद्रित हैं. मीडिया की अटकलें और जांच की प्रक्रिया इन कंपनियों की स्थिरता या प्रदर्शन पर कोई असर नहीं डालती.”
टैग्स