होम / बिजनेस / मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को लगा झटका, जून में PMI घटकर 54.2 पर पहुंचा
मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को लगा झटका, जून में PMI घटकर 54.2 पर पहुंचा
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार जून 2026 में PMI घटकर 54.2 पर आ गया, जबकि मई में यह 55 था. यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान 54.5 से भी कम रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विकास रफ्तार जून में कुछ धीमी पड़ गई. HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI तीन महीने के निचले स्तर 54.2 पर आ गया. हालांकि सूचकांक लगातार 56वें महीने 50 के ऊपर बना रहा, लेकिन नए ऑर्डर, निर्यात मांग, उत्पादन और रोजगार में वृद्धि की गति कमजोर पड़ने से सेक्टर पर वैश्विक मांग में नरमी का असर साफ दिखाई दिया.
तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI
S&P Global द्वारा तैयार किए गए HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के अनुसार जून 2026 में PMI घटकर 54.2 पर आ गया, जबकि मई में यह 55 था. यह आंकड़ा शुरुआती अनुमान 54.5 से भी कम रहा. हालांकि 50 से ऊपर का स्तर यह दर्शाता है कि मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां अब भी विस्तार के दौर में हैं और भारतीय विनिर्माण क्षेत्र ने लगातार 56वें महीने वृद्धि दर्ज की है.
नए ऑर्डर और निर्यात की रफ्तार घटी
सर्वे के मुताबिक मार्च को छोड़ दें तो उत्पादन और नए ऑर्डर की वृद्धि पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर रही. कई कंपनियों ने मांग में सुधार की बात कही, लेकिन ग्राहकों की कमजोर खरीदारी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने कारोबार की गति को प्रभावित किया. अंतरराष्ट्रीय मांग भी 39 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जिसकी बड़ी वजह यूरोपीय बाजारों से ऑर्डर में कमी रही.
लागत का दबाव कुछ कम हुआ
जून में इनपुट कॉस्ट बढ़ने की रफ्तार फरवरी के बाद सबसे धीमी रही, जिससे कंपनियों को कुछ राहत मिली. हालांकि केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, गैस, धातु, पेट्रोलियम उत्पाद, प्लास्टिक, रबर और लकड़ी जैसी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही.
क्या बोले HSBC के अर्थशास्त्री
HSBC की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव के दौरान मांग में जो तेजी देखने को मिली थी, उसके बाद अब सामान्य स्थिति लौटने के साथ मांग की रफ्तार धीमी हुई है. इसका असर उत्पादन, नए ऑर्डर, निर्यात और रोजगार पर भी दिखाई दिया है. खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय बिक्री में मार्च 2023 के बाद सबसे कमजोर वृद्धि दर्ज की गई.
टैग्स