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शेयरों से मुंह मोड़ सरकारी बॉन्ड की ओर बढ़े विदेशी निवेशक, जून में ₹55,518 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सोमवार तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने ऋण बाजार में 55,518 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारतीय शेयर बाजार से दूरी बना रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का झुकाव अब सरकारी बॉन्ड की ओर बढ़ता दिख रहा है. जून में विदेशी निवेशकों ने भारतीय सरकारी ऋण बाजार में 55,518 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि इसी दौरान शेयर बाजार से 49,340 करोड़ रुपये की निकासी की. विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई और केंद्र सरकार की हालिया नीतिगत पहल, टैक्स राहत और भारतीय बॉन्ड की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है.
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सोमवार तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने ऋण बाजार में 55,518 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया. वहीं, 29 जून तक वे शेयर बाजार में 49,340 करोड़ रुपये के शुद्ध बिकवाल रहे.
ऋण बाजार में सबसे अधिक 30,620 करोड़ रुपये का निवेश सामान्य श्रेणी के तहत हुआ. इसके अलावा पूर्णत: सुलभ मार्ग (FAR) के जरिए 21,652 करोड़ रुपये और स्वैच्छिक रिटेंशन मार्ग (VRR) के तहत 3,246 करोड़ रुपये का निवेश आया.
आरबीआई और सरकार के कदमों से बढ़ा आकर्षण
विशेषज्ञों के अनुसार, आरबीआई द्वारा FAR के दायरे का विस्तार कर 15, 30 और 40 वर्ष की अवधि वाली नई सरकारी प्रतिभूतियों को शामिल करने और विदेशी निवेश नियमों को आसान बनाने से बॉन्ड बाजार को बड़ा समर्थन मिला है.
इसके अलावा केंद्र सरकार ने विदेशी निवेशकों को कुछ सरकारी प्रतिभूतियों से होने वाली ब्याज आय और पूंजीगत लाभ पर कर छूट देने का फैसला किया है. इन कदमों का उद्देश्य घरेलू बॉन्ड बाजार को मजबूत करना और विदेशी पूंजी आकर्षित करना है.
भारतीय बॉन्ड बने ज्यादा आकर्षक
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू बॉन्ड यील्ड में गिरावट, कच्चे तेल की अपेक्षाकृत कम कीमतें, स्थिर आर्थिक माहौल और भारतीय बॉन्ड के वैश्विक सूचकांकों में शामिल होने की संभावनाओं ने भी विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है.
सिटी के भारतीय बाजार प्रमुख आदित्य बागरी के अनुसार, विदहोल्डिंग टैक्स हटने के बाद भारतीय सरकारी बॉन्ड विदेशी निवेशकों के लिए और आकर्षक हो गए हैं. उनका मानना है कि बेहतर व्यापक आर्थिक स्थिति और आरबीआई के हालिया कदमों के कारण आने वाले समय में भी बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश का रुझान मजबूत बना रह सकता है.
शेयर बाजार से जारी रही निकासी
सरकारी बॉन्ड में रिकॉर्ड निवेश के बावजूद विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में बिकवाली जारी रखी. वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण उभरते बाजारों में निवेश प्रभावित हुआ है.
साल 2026 में अब तक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.74 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं. इसके विपरीत, इसी अवधि में उन्होंने भारतीय ऋण बाजार में 63,784 करोड़ रुपये का निवेश किया है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सुधारों के बाद भारत के ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने की संभावना और मजबूत हुई है, जिससे आने वाले समय में विदेशी निवेश में और तेजी देखने को मिल सकती है.
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