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सड़क हादसों से GDP को 3% की चोट, गडकरी ने सामूहिक प्रयासों पर दिया जोर
गडकरी ने बताया कि बेहतर और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए देश में 2,500 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं.
रितु राणा 1 hour ago
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उबर के सुरक्षा कार्यक्रम में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं भारत और दुनिया के लिए एक गंभीर समस्या हैं. उन्होंने कहा कि सड़क हादसों के कारण देश को हर साल जीडीपी का करीब 3 प्रतिशत नुकसान उठाना पड़ता है. गडकरी ने कहा कि आतंकवाद, युद्ध और अन्य आपदाओं की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक लोगों की जान जाती है.
अपने संबोधन के दौरान गडकरी ने एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 1999 में महाराष्ट्र में उनका भी एक गंभीर सड़क हादसा हुआ था. उन्होंने कहा कि ट्रक के नीचे लगी सुरक्षा संरचना की वजह से उनकी और उनके परिवार की जान बच सकी. इस घटना के बाद उन्होंने सड़क सुरक्षा को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लिया.
ब्लैक स्पॉट सुधारने पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने देशभर में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान की है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इन स्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए करीब 50 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो रहा सड़क निर्माण
गडकरी ने कहा कि नई सड़कों और हाईवे के निर्माण में अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया जा रहा है. बेहतर साइनेज, मार्किंग सिस्टम, अंडरपास और अन्य सुरक्षा सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके.
कैब कंपनियों से मांगा सहयोग
उन्होंने कहा कि देश में कैब सेवाओं का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और उबर की इसमें बड़ी हिस्सेदारी है. ऐसे में कैब कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. उन्होंने उबर और अन्य प्लेटफॉर्म से सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की.
वाहन सुरक्षा और हेलमेट नियमों को किया सख्त
गडकरी ने बताया कि सरकार ने ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और वाहन सुरक्षा मानकों में कई सुधार किए हैं. दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है. साथ ही वाहन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे बाइक बेचते समय हेलमेट भी उपलब्ध कराएं, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके.
दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा पुरस्कार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. सरकार ऐसे 'गुड सेमेरिटन' लोगों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार भी देती है.
दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का खर्च उठाएगी सरकार
उन्होंने कहा कि देश की किसी भी सड़क पर दुर्घटना होने के बाद घायल व्यक्ति को किसी भी अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है. सरकार सात दिनों तक इलाज के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक का खर्च वहन कर रही है. इस योजना का लाभ हजारों लोगों को मिल चुका है.
देशभर में खुलेंगे 2,500 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल
गडकरी ने बताया कि बेहतर और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए देश में 2,500 ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं. इसके अलावा परिवहन विभाग की 16 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे लोगों को सुविधा मिलेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा.
हिट एंड रन मामलों में बढ़ाया गया मुआवजा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिट एंड रन मामलों में मुआवजा राशि बढ़ा दी गई है. अब ऐसे मामलों में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे परिवार को तत्काल राहत मिल सके.
अपने संबोधन के अंत में नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. इसमें कैब कंपनियों, परिवहन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने सभी से मिलकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाने की अपील की.
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