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महंगाई मापने का तरीका बदलेगा, नई CPI सीरीज में खाद्य पदार्थों का वजन घटेगा

नई CPI सीरीज से महंगाई की तस्वीर ज्यादा संतुलित और यथार्थवादी होने की उम्मीद है. खाद्य महंगाई के अत्यधिक प्रभाव को कम कर यह बदलाव नीति निर्धारण और ब्याज दरों से जुड़े फैसलों को अधिक स्थिर आधार प्रदान कर सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago

केंद्र सरकार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की नई सीरीज में महंगाई की गणना को ज्यादा संतुलित और स्थिर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रही है. नई CPI सीरीज में खाद्य और पेय पदार्थों (Food & Beverages) का वजन घटाकर 36.75 प्रतिशत किया जाएगा, जो अभी 45.86 प्रतिशत है. इसका मकसद हेडलाइन महंगाई को कम अस्थिर बनाना और मौद्रिक नीति को बेहतर संकेत देना है.

12 फरवरी को जारी होगी नई CPI सीरीज

2024 को आधार वर्ष मानकर तैयार की गई नई CPI सीरीज 12 फरवरी को जारी की जाएगी. पहली रिलीज में जनवरी 2025 से आगे के सूचकांक और जनवरी 2026 की महंगाई दर के आंकड़े शामिल होंगे. इस नई सीरीज के वजन *घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023-24* के आधार पर तय किए गए हैं.

358 वस्तुओं की नई महंगाई टोकरी

CPI 2024 सीरीज में कुल 358 वेटेड आइटम शामिल होंगे. इन्हें COICOP 2018 वर्गीकरण के अनुसार 12 डिवीजन, 43 ग्रुप, 62 क्लास और 192 सब-क्लास में बांटा गया है. इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के बदलते खर्च पैटर्न को अधिक सटीक तरीके से दर्शाना है.

विशेषज्ञ समूह की प्रमुख सिफारिशें

विशेषज्ञ समूह ने अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की सिफारिश की है. इसमें COICOP 2018 फ्रेमवर्क को सब-क्लास स्तर तक लागू करना, CPI टोकरी और उसके वजन को अपडेट करना, आधुनिक तकनीक से मूल्य संग्रह, प्रशासनिक व ई-कॉमर्स डेटा को शामिल करना और हाउस रेंट इंडेक्स में सुधार जैसे कदम शामिल हैं.

SBI रिसर्च: CPI में मामूली बढ़ोतरी संभव

SBI रिसर्च के मुताबिक, पुराने सूचकांक पर नए वजन लागू करने से कुल CPI में 20 से 30 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि जिन महीनों में खाद्य महंगाई अधिक रहती है, उन दौरान नई CPI में 20–30 बेसिस पॉइंट की कमी देखने को मिल सकती है.

किन सेक्टरों का वजन घटा, किनका बढ़ा

नई महंगाई सीरीज में कपड़ा और फुटवियर का वजन घटकर 6.38 प्रतिशत रह जाएगा, जो अभी 6.53 प्रतिशत है. शिक्षा सेवाओं का वजन 4.46 प्रतिशत से घटकर 3.33 प्रतिशत किया गया है. वहीं पान, तंबाकू और नशीले पदार्थों का वजन बढ़कर 2.99 प्रतिशत हो जाएगा. आवास, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधन का वजन 16.91 प्रतिशत से बढ़कर 17.66 प्रतिशत होगा. परिवहन, सूचना और संचार का हिस्सा भी 8.59 प्रतिशत से बढ़कर 12.41 प्रतिशत हो जाएगा.

महंगाई में उतार-चढ़ाव होगा कम: क्रिसिल

क्रिसिल की प्रमुख अर्थशास्त्री दीप्ति देशपांडे के अनुसार, यह बदलाव केवल री-वेटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पद्धतिगत सुधार भी शामिल हैं. खाद्य पदार्थों का हिस्सा घटने से महंगाई की अस्थिरता कम होने की संभावना है, क्योंकि खाद्य कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखा जाता है.

गांव-शहर से जुटेंगे दाम, बढ़ेगी सेवाओं की हिस्सेदारी

कीमतों का संग्रह 1,465 ग्रामीण और 1,395 शहरी बाजारों से किया जाएगा, जो 434 शहरों और कस्बों में फैले होंगे. वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़कर 314 और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़कर 50 हो जाएगी. इसके लिए नया बाजार सर्वे भी किया जाएगा.

CPI में शामिल होगा ऑनलाइन और ई-कॉमर्स डेटा

नई CPI सीरीज में पहली बार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से कीमतों का डेटा शामिल किया जाएगा. 25 लाख से ज्यादा आबादी वाले 12 बड़े शहरों में ऑनलाइन बाजार जोड़े जाएंगे. इनसे साप्ताहिक आधार पर कीमतें जुटाई जाएंगी.

HCES 2023-24 के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 10.5 प्रतिशत खर्च ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है.

अन्य अहम सिफारिशें

बिजली, रेल किराया, डाक सेवाएं, ईंधन और टेलीकॉम सेवाओं के दाम केंद्रीय स्तर पर जुटाए जाएंगे. सोने-चांदी के गहनों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार मानकीकृत आभूषणों की कीमतें ली जाएंगी, ताकि डेटा ज्यादा विश्वसनीय हो सके.

 


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