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पीएम मोदी की अपील के बाद विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल, 60 हजार करोड़ रुपए बढ़ा खजाना
लगातार दो हफ्तों की गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार वापसी हुई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 6.295 अरब डॉलर यानी करीब 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लगातार दो हफ्तों की गिरावट के बाद आए इस उछाल को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
दिलचस्प बात यह है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, विदेशी यात्राओं को टालने और सोना-चांदी की खरीद में सावधानी बरतने की अपील की थी. माना जा रहा है कि सरकार का फोकस देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने पर है.
696 अरब डॉलर के करीब पहुंचा फॉरेक्स रिजर्व
आरबीआई के अनुसार, 8 मई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 696.988 अरब डॉलर हो गया. इससे पहले वाले सप्ताह में इसमें 7.794 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी और रिजर्व घटकर 690.693 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. इस साल फरवरी के अंत में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था. हालांकि बाद में पश्चिम एशिया संकट और रुपए पर बढ़ते दबाव के कारण इसमें गिरावट देखने को मिली. उस दौरान रुपए को स्थिर रखने के लिए आरबीआई को विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप करना पड़ा था.
विदेशी मुद्रा संपत्तियों में भी बढ़ोतरी
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां यानी फॉरेन करेंसी असेट्स भी बढ़ी हैं. 8 मई को समाप्त सप्ताह में ये 562 मिलियन डॉलर बढ़कर 552.387 अरब डॉलर हो गईं. इन परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में बदलाव का असर भी शामिल होता है. डॉलर के मुकाबले इन मुद्राओं में मजबूती आने से विदेशी मुद्रा संपत्तियों का मूल्य बढ़ा है.
गोल्ड रिजर्व ने भी बढ़ाई ताकत
देश के गोल्ड रिजर्व में भी मजबूत इजाफा देखने को मिला है. आरबीआई के मुताबिक, सोने के भंडार का मूल्य 5.637 अरब डॉलर बढ़कर 120.853 अरब डॉलर हो गया. इसके अलावा, विशेष आहरण अधिकार (SDRs) में 84 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.873 अरब डॉलर तक पहुंच गया. वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी बढ़कर 4.875 अरब डॉलर हो गई.
अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है फॉरेक्स रिजर्व
फॉरेक्स रिजर्व किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का बड़ा संकेतक माना जाता है. इससे आयात भुगतान, विदेशी कर्ज और रुपए की स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है. रिजर्व मजबूत होने से वैश्विक स्तर पर निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में अगर विदेशी निवेश और निर्यात में सुधार जारी रहता है, तो भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फिर से रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ सकता है.
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