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चीनी के दाम घटे, सरकार ने बढ़ाई ड्यूटी-फ्री रॉ शुगर इंपोर्ट की डेडलाइन; त्योहारों से पहले राहत
सरकार के कदमों का असर दिखना शुरू, हफ्तेभर में चीनी की खुदरा कीमत करीब ₹2 प्रति किलो घटी; हालांकि एक महीने पहले के मुकाबले अब भी 25% महंगी
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 39 minutes ago
त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे उपायों का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है. देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत पिछले एक सप्ताह में करीब 2 रुपये प्रति किलो घट गई है. इसी बीच सरकार ने ड्यूटी-फ्री रॉ शुगर के आयात के लिए चीनी मिलों को आवेदन करने की समयसीमा भी बढ़ाकर 7 सितंबर कर दी है.
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, चीनी मिलें एडवांस ऑथराइजेशन को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) में बदलने के लिए 7 सितंबर तक आवेदन कर सकती हैं. सरकार के इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और त्योहारी मांग के दौरान कीमतों पर दबाव को नियंत्रित करना है.
शुक्रवार को ₹61.93 किलो रहा चीनी का औसत भाव
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को देशभर में चीनी का औसत खुदरा भाव 61.93 रुपये प्रति किलो रहा. एक सप्ताह पहले यह कीमत 64.10 रुपये प्रति किलो थी. यानी इस अवधि में चीनी करीब 2.17 रुपये प्रति किलो सस्ती हुई है. हालांकि, एक महीने पहले के मुकाबले चीनी अभी भी काफी महंगी है. एक महीने पहले इसका औसत खुदरा भाव 49.71 रुपये प्रति किलो था. इस लिहाज से मौजूदा कीमत करीब 25 फीसदी ज्यादा है.
सरकार और चीनी उद्योग संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) दोनों का कहना है कि देश में चीनी की कमी नहीं है. इसके बावजूद त्योहारी मांग और कीमतों में तेजी को देखते हुए सरकार लगातार बाजार की स्थिति पर नजर रख रही है.
10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मंजूरी
चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कॉमर्स मिनिस्ट्री ने 20 अगस्त को टैरिफ रेट कोटा (TRQ) स्कीम के तहत 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की अनुमति दी थी. इसके बाद DGFT ने इस कोटे में बचे करीब 2 लाख टन रॉ शुगर के आयात के लिए नए सिरे से आवेदन आमंत्रित किए थे. अब सरकार ने आवेदन की समयसीमा बढ़ाकर 7 सितंबर कर दी है. इससे चीनी मिलों को आयात प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
त्योहारों से पहले कीमतों पर नजर
देश में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में सरकार के सामने घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के साथ कीमतों को नियंत्रित करने की चुनौती है. पिछले कुछ समय में चीनी की कीमतों में तेजी ने सरकार की चिंता बढ़ाई थी. इसके बाद स्टॉक लिमिट और आयात जैसे कई उपाय किए गए. अब कीमतों में आई शुरुआती नरमी को सरकार के इन कदमों के असर के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, मौजूदा भाव अभी भी एक महीने पहले की तुलना में काफी ऊंचा है. इसलिए आने वाले दिनों में त्योहारी मांग, घरेलू उपलब्धता और आयात की रफ्तार यह तय करेगी कि चीनी की कीमतों में और कितनी नरमी आती है.
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