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बैंकिंग सिस्टम में ₹10.3 लाख करोड़ की रिकॉर्ड नकदी, अक्टूबर में RBI बढ़ा सकता है ब्याज दरें
अतिरिक्त नकदी को सोखने के लिए RBI 7 लाख करोड़ रुपये की 30-दिन की VRRR नीलामी करेगा; अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना पर बाजार की नजर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 39 minutes ago
भारतीय बैंकिंग तंत्र में रिकॉर्ड 10.3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त लिक्विडिटी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अगले कदम को लेकर बाजार में हलचल बढ़ गई है. केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को कहा हा कि वह सोमवार को 7 लाख करोड़ रुपये की 30-दिन की वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी करेगा. इसके साथ ही 5 से 7 अक्टूबर को होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है.
बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त लिक्विडिटी गुरुवार को बढ़कर 10.3 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जबकि बुधवार को यह 9.7 लाख करोड़ रुपये थी. लिक्विडिटी में इस तेज बढ़ोतरी की प्रमुख वजह विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) जमा यानी FCNR(B) के लिए RBI की रियायती स्वैप विंडो रही. इस विंडो के जरिये बैंकों ने रिकॉर्ड 127.2 अरब डॉलर जुटाए थे. यह सुविधा 31 अगस्त को बंद हो गई.
RBI ने VRRR नीलामी में किया बदलाव
RBI ने सोमवार को होने वाली VRRR नीलामी को बैंकों के लिए ज्यादा लचीला बनाया है. पहली बार बैंकों को नीलामी में जमा की गई रकम को तय अवधि पूरी होने से पहले आंशिक रूप से निकालने की अनुमति दी गई है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि समय से पहले निकासी का अनुरोध मूल निकासी तारीख से कम से कम दो कार्यदिवस पहले किया जा सकता है.
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से VRRR नीलामी में बैंकों की भागीदारी बढ़ सकती है. महीने के अंत में कर भुगतान की जरूरत को देखते हुए बैंक लंबे समय तक अपनी रकम लॉक करने से हिचक रहे थे. ऐसे में समय से पहले रकम निकालने का विकल्प उन्हें नीलामी में अधिक पैसा रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है.
अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना
बाजार में इस बात की चर्चा तेज है कि अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक में RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख के मुताबिक, रुपये पर दबाव, ऊंची बॉन्ड यील्ड और बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी के असंतुलन को देखते हुए ब्याज दर बढ़ाना केंद्रीय बैंक के लिए उपयुक्त कदम हो सकता है. बाजार भागीदारों का यह भी मानना है कि VRRR के जरिये अतिरिक्त लिक्विडिटी को नियंत्रित करने के कदम से अक्टूबर की MPC बैठक से पहले RBI के रुख का संकेत मिल सकता है.
एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा कि आंशिक निकासी की सुविधा से बाजार को राहत मिल सकती है. उनके मुताबिक, इससे बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में 2-3 आधार अंकों की नरमी देखने को मिल सकती है.
विदेशी मुद्रा भंडार भी रिकॉर्ड स्तर पर
FCNR(B) स्वैप विंडो के कारण बैंकिंग सिस्टम में आई अतिरिक्त लिक्विडिटी का असर देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी दिखाई दिया है. 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर रिकॉर्ड 740.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया. पिछले लगातार नौ सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 73.9 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है. यह अप्रैल-जून 2021 के बाद विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का सबसे लंबा सिलसिला है. भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा संपत्तियां (FCA) इस सप्ताह 9.34 अरब डॉलर बढ़कर 600 अरब डॉलर पर पहुंच गईं.
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