होम / बिजनेस / Skyroot का 'विक्रम-1' ऑर्बिट में पहुंचा, ISRO के साथ अब निजी कंपनियां भी भरेंगी अंतरिक्ष की उड़ान

Skyroot का 'विक्रम-1' ऑर्बिट में पहुंचा, ISRO के साथ अब निजी कंपनियां भी भरेंगी अंतरिक्ष की उड़ान

विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है. अब तक देश में सैटेलाइट लॉन्चिंग की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ISRO निभाता था, लेकिन निजी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और क्षमता दोनों बढ़ेंगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 hours ago

भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. हैदराबाद की निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) का पहला ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है. इस उपलब्धि के साथ भारत के निजी स्पेस सेक्टर ने एक नए दौर में प्रवेश कर लिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सैटेलाइट लॉन्चिंग, निवेश, स्टार्टअप्स, रोजगार और वैश्विक स्पेस मार्केट में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी.

मिशन आगमन

हैदराबाद स्थित स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित इस रॉकेट को दोपहर 12 बजे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया. इस मिशन को 'मिशन आगमन' नाम दिया गया है. इस मिशन के तहत विक्रम-1 टेक्नोलॉजी और कला से जुड़े विभिन्न पेलोड अंतरिक्ष में लेकर गया है. मिशन की कुल लागत लगभग 20 से 30 लाख डॉलर (करीब 19 से 28 करोड़ रुपये) बताई जा रही है. इससे पहले कंपनी ने वर्ष 2022 में 'विक्रम-एस' नाम के सब-ऑर्बिटल रॉकेट का सफल परीक्षण किया था, जिसके बाद यह अगला बड़ा कदम माना जा रहा है.

ISRO के पूर्व वैज्ञानिकों ने रखी कंपनी की नींव

स्काईरूट एयरोस्पेस की स्थापना वर्ष 2018 में ISRO के दो पूर्व वैज्ञानिकों पवन कुमार चंदना और नागा भरत डाका ने की थी. दोनों ने सरकारी नौकरी छोड़कर भारत की पहली निजी रॉकेट लॉन्च कंपनी बनाने का सपना देखा था.

पवन कुमार चंदना कंपनी के सह-संस्थापक (Co-founder) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं, जबकि नागा भरत डाका सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) हैं. दोनों ISRO में रॉकेट और लॉन्च सिस्टम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं. पवन कुमार चंदना का नाम फोर्ब्स की '30 अंडर 30 एशिया' सूची में भी शामिल हो चुका है. उन्होंने IIT खड़गपुर से पढ़ाई की है. वर्तमान में स्काईरूट एयरोस्पेस का मूल्यांकन करीब 10,500 करोड़ रुपये है.

भारतीय स्पेस सेक्टर को क्या होगा फायदा?

विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है. अब तक देश में सैटेलाइट लॉन्चिंग की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ISRO निभाता था, लेकिन निजी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और क्षमता दोनों बढ़ेंगी.

कम लागत पर सैटेलाइट लॉन्च करने की क्षमता विकसित होने से दुनिया भर की कंपनियां अपने उपग्रह लॉन्च कराने के लिए भारत का रुख कर सकती हैं. इससे भारत वैश्विक कमर्शियल स्पेस मार्केट में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा.

स्टार्टअप्स, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा होंगे. साथ ही घरेलू और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी होने की संभावना है. इससे उच्च तकनीक आधारित रोजगार भी बढ़ेंगे और भारत का अंतरिक्ष उद्योग नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकेगा.

नई स्पेस पॉलिसी से मिला बढ़ावा

केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में भारतीय अंतरिक्ष नीति (Indian Space Policy) लागू की थी, जिसके बाद निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने के नए अवसर खुले. सरकार ने 2024 से अंतरिक्ष क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की भी अनुमति दे दी है. इससे विदेशी कंपनियों के लिए भारत के स्पेस सेक्टर में निवेश करना और आसान हो गया है.

तेजी से बढ़ रहा भारतीय स्पेस इकोसिस्टम

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में देश में 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स शुरू हो चुके हैं. इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 तक 376 स्टार्टअप्स ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया था.

वहीं, 2015 से 2024 के बीच ISRO ने 393 विदेशी और 3 भारतीय वाणिज्यिक उपग्रह लॉन्च किए, जिससे भारत को करीब 439 मिलियन डॉलर (लगभग 4,227 करोड़ रुपये) की आय हुई.

2040 तक 100 अरब डॉलर की स्पेस इकोनॉमी का लक्ष्य

वर्ष 2021 में वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में भारत की हिस्सेदारी करीब 2 फीसदी (8.4 अरब डॉलर) थी. सरकार का अनुमान है कि 2030 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी 40-45 अरब डॉलर और 2040 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. वहीं, स्पेस एक्सपोर्ट 11 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग को इसी लक्ष्य की दिशा में भारत का एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा खतरा; कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

5 hours ago

ऑटो सेक्टर में नई रफ्तार: पहली छमाही में यात्री वाहनों की थोक बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर, 4 लाख यूनिट के पार आंकड़ा

ऑटो उद्योग का मानना है कि SUV और यूटिलिटी व्हीकल की बढ़ती मांग, बेहतर मॉडल लॉन्च और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं के चलते यात्री वाहन बाजार में आगे भी तेजी बनी रह सकती है.

5 hours ago

निवेश के लिहाज से गुजरात नंबर-1, महाराष्ट्र और तमिलनाडु दूसरे-तीसरे स्थान पर: नीति आयोग

नीति आयोग का कहना है कि राज्यों में निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार होने से घरेलू और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी होगी. इससे औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

8 hours ago

भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होगी MakeMyTrip, 1 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी

कंपनी की भारतीय इकाई MMT India ने IPO के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास गोपनीय आधार पर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है.

9 hours ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 नतीजे: मुनाफा 22% घटा, लेकिन रेवेन्यू में 27% की दमदार बढ़त

ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C), डिजिटल सेवाओं और टेलीकॉम कारोबार के बेहतर प्रदर्शन ने आय को मजबूती दी, जबकि बढ़ती लागत, ब्याज और मूल्यह्रास के खर्च का असर मुनाफे पर देखने को मिला.

9 hours ago


बड़ी खबरें

Skyroot का 'विक्रम-1' ऑर्बिट में पहुंचा, ISRO के साथ अब निजी कंपनियां भी भरेंगी अंतरिक्ष की उड़ान

विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है. अब तक देश में सैटेलाइट लॉन्चिंग की जिम्मेदारी मुख्य रूप से ISRO निभाता था, लेकिन निजी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और क्षमता दोनों बढ़ेंगी.

3 hours ago

ग्रीन एनर्जी में भारत की बड़ी छलांग, पहली छमाही में 25% बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इस उपलब्धि में सबसे बड़ा योगदान सौर ऊर्जा क्षेत्र का रहा.

3 hours ago

अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा खतरा; कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस घटनाक्रम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

5 hours ago

अब म्यूचुअल फंड से हर महीने पैसा निकालना होगा आसान, SEBI ने डीमैट निवेशकों को दी बड़ी सुविधा

इस कदम से निवेशकों को अपने निवेश को मैनेज करना आसान होगा और वे तय समय पर पैसे निकालने या एक स्कीम से दूसरी स्कीम में ट्रांसफर करने की सुविधा हासिल कर सकेंगे.

6 hours ago

ऑटो सेक्टर में नई रफ्तार: पहली छमाही में यात्री वाहनों की थोक बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर, 4 लाख यूनिट के पार आंकड़ा

ऑटो उद्योग का मानना है कि SUV और यूटिलिटी व्हीकल की बढ़ती मांग, बेहतर मॉडल लॉन्च और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं के चलते यात्री वाहन बाजार में आगे भी तेजी बनी रह सकती है.

5 hours ago