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भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होगी MakeMyTrip, 1 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी
कंपनी की भारतीय इकाई MMT India ने IPO के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास गोपनीय आधार पर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
देश की अग्रणी ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी MakeMyTrip ने भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. Nasdaq में सूचीबद्ध कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय इकाई MMT India ने IPO के लिए SEBI के पास गोपनीय आधार पर ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है. प्रस्तावित आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होंगे. कंपनी इस आईपीओ के जरिए करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) जुटाने की तैयारी में है. MakeMyTrip वर्ष 2010 से अमेरिकी शेयर बाजार Nasdaq में सूचीबद्ध है और भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स में शामिल है.
IPO में कौन बेचेगा शेयर?
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) को दी गई जानकारी के अनुसार, इस आईपीओ में MakeMyTrip और उसकी सिंगापुर स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Ibibo Group Holdings अपने इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगी. हालांकि, लिस्टिंग के बाद भी MMT India, MakeMyTrip की सहायक कंपनी बनी रहेगी और उसके वित्तीय नतीजे समूह के समेकित वित्तीय विवरणों का हिस्सा रहेंगे.
भारत में लिस्टिंग से क्या होगा फायदा?
कंपनी का मानना है कि भारत में सूचीबद्ध होने से उसकी ब्रांड पहचान और बाजार में विश्वसनीयता और मजबूत होगी. साथ ही, देश में बढ़ती टेक टैलेंट की प्रतिस्पर्धा के बीच बेहतर पेशेवरों को आकर्षित करने और उन्हें प्रोत्साहन देने में भी मदद मिलेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपनी नकदी स्थिति मजबूत करने, दीर्घकालिक कारोबारी विस्तार, रणनीतिक अधिग्रहण (इनऑर्गेनिक ग्रोथ) और कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज समेत अन्य प्रतिभूतियों के पुनर्खरीद (रीपर्चेज) जैसे उद्देश्यों के लिए करेगी.
दोहरी लिस्टिंग की भी तैयारी
नियामकीय मंजूरियों के बाद कंपनी मध्यम अवधि में ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार कर रही है, जिससे निवेशक भारत और अमेरिका दोनों बाजारों में एक ही सिक्योरिटी के जरिए कारोबार कर सकें. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दोहरी लिस्टिंग से शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ेगी, वैश्विक निवेशकों की पहुंच आसान होगी और कंपनी की वैल्यूएशन को भी फायदा मिल सकता है.
भारत का रुख क्यों कर रही है कंपनी?
जून 2026 में MakeMyTrip के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) राजेश मागो ने संकेत दिए थे कि कंपनी भारतीय बाजार में लिस्टिंग पर विचार कर रही है. उनके मुताबिक, भारत का ट्रैवल बाजार अब परिपक्व हो चुका है, संस्थागत निवेश बढ़ रहा है और लोगों का यात्रा पर खर्च लगातार बढ़ रहा है.
उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका में निवेशकों का फोकस फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों पर अधिक है. ऐसे में MakeMyTrip जैसी कंपनियों को अपेक्षित वैल्यूएशन और निवेशकों का ध्यान नहीं मिल पा रहा है. इसके विपरीत, भारत में इंटरनेट और टेक कंपनियों के IPO को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिल रहा है, जिससे यहां बेहतर वैल्यूएशन मिलने की संभावना है.
कंपनी की वित्तीय स्थिति
मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में MakeMyTrip का राजस्व 1 अरब डॉलर रहा. हालांकि, Tracxn के आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में कंपनी का मार्केट कैप 12.6 अरब डॉलर था, जो अप्रैल 2026 तक घटकर 3.88 अरब डॉलर रह गया.
इसके बावजूद कंपनी के पास मजबूत नकदी भंडार है और वह अधिग्रहण के जरिए अपने कारोबार का विस्तार कर रही है. हाल ही में कंपनी ने रीजनल ग्रुप हॉलिडे पैकेज क्षेत्र में काम करने वाली फ्लेमिंगो ट्रांसवर्ल्ड में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी है. साथ ही, परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए कंपनी अपने विभिन्न कारोबारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग भी तेजी से बढ़ा रही है.
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