होम / बिजनेस / 2030 तक 100 अरब डॉलर के टेक्सटाइल निर्यात का रोडमैप तैयार, गिरिराज सिंह ने जारी किया 'CXO ब्लूप्रिंट 2030'

2030 तक 100 अरब डॉलर के टेक्सटाइल निर्यात का रोडमैप तैयार, गिरिराज सिंह ने जारी किया 'CXO ब्लूप्रिंट 2030'

रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्सटाइल कचरे की रिसाइक्लिंग के जरिए करीब 9.4 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक मूल्य भी सृजित किया जा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

भारत को वैश्विक टेक्सटाइल और परिधान (Apparel) विनिर्माण का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को 'इंडिया टेक्सटाइल्स एंड अपैरल CXO ब्लूप्रिंट 2030' जारी किया. क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CMAI) और ग्लोबल अलायंस फॉर टेक्सटाइल सस्टेनेबिलिटी (GATS) द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में 2030 तक 100 अरब डॉलर के टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यात के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी रणनीतियां और प्राथमिकताएं तय की गई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्सटाइल कचरे की रिसाइक्लिंग के जरिए करीब 9.4 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक मूल्य भी सृजित किया जा सकता है.

भारत टेक्स 2026 में जारी हुई रिपोर्ट

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'भारत टेक्स 2026' के दौरान कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इस रिपोर्ट का विमोचन किया. उन्होंने कहा कि वैश्विक खरीदारों की मौजूदगी में इस ब्लूप्रिंट का जारी होना सही समय पर हुआ है. उनके मुताबिक, रिपोर्ट में दिए गए सुझाव भारतीय टेक्सटाइल उद्योग के लिए भविष्य की दिशा तय करेंगे और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति को मजबूत बनाएंगे. उन्होंने उद्योग से जुड़े सभी हितधारकों से रिपोर्ट में सुझाए गए व्यावहारिक उपायों को अपनाने और नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की.

100 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यात पिछले छह वर्षों से लगभग 40 अरब डॉलर के आसपास स्थिर बना हुआ है, जबकि वैश्विक व्यापार लगातार बढ़ा है. भारत फिलहाल दुनिया का छठा सबसे बड़ा टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यातक है और वैश्विक व्यापार में उसकी हिस्सेदारी करीब 4.1% है.

रिपोर्ट में 2030 तक 100 अरब डॉलर के निर्यात और 250 अरब डॉलर के घरेलू बाजार का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए केवल कम लागत पर उत्पादन करने के बजाय क्षमता, नवाचार और गुणवत्ता आधारित प्रतिस्पर्धा पर जोर देने की जरूरत बताई गई है.

वैश्विक बाजार में बढ़ रहे अवसर

रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय संघ (EU), ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ओमान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ व्यापार समझौतों और बदलती वैश्विक सोर्सिंग रणनीतियों के कारण भारत के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं. हालांकि, इन अवसरों का लाभ तभी मिलेगा जब भारतीय कंपनियां ट्रेसेबिलिटी, दस्तावेजीकरण, सस्टेनेबिलिटी और आधुनिक उत्पादन क्षमताओं के साथ खुद को तैयार करेंगी.

पांच प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताएं

'इंडिया टेक्सटाइल्स एंड अपैरल CXO ब्लूप्रिंट 2030' में आने वाले वर्षों के लिए पांच प्रमुख प्राथमिकताएं तय की गई हैं.

1. सर्कुलैरिटी (Circular Economy)
2. एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी
3. संसाधन-कुशल विनिर्माण
4. उत्पाद विविधीकरण
5. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन प्राथमिकताओं को अलग-अलग पहल के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग की मुख्य कारोबारी रणनीति का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

रिसाइक्लिंग से 9.4 अरब डॉलर का अवसर

रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सटाइल कचरे को रिसाइक्लिंग के जरिए दोबारा उपयोग में लाकर भारत करीब 9.4 अरब डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक मूल्य पैदा कर सकता है. साथ ही इससे सस्टेनेबल और सर्कुलर टेक्सटाइल इकोसिस्टम विकसित होगा, जो वैश्विक बाजार की नई जरूरतों के अनुरूप होगा.

रिपोर्ट यह भी बताती है कि भारत के कुल टेक्सटाइल एवं अपैरल निर्यात का लगभग 50% हिस्सा अमेरिका और यूरोपीय संघ को जाता है. ऐसे में इन बाजारों में लागू हो रहे सस्टेनेबिलिटी मानकों का पालन करना भारतीय कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा.

भारत की ताकत और चुनौतियां

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के टेक्सटाइल एवं कपड़ा निर्यात में घरेलू वैल्यू एडिशन 83.2% है, जो दुनिया की सबसे मजबूत एकीकृत सप्लाई चेन में से एक है.

भारत वैश्विक कपास निर्यात में 12.3% और कालीन निर्यात में 10.5% हिस्सेदारी रखता है. हालांकि, देश के 52% से अधिक टेक्सटाइल निर्यात केवल 134 उत्पाद श्रेणियों पर निर्भर हैं, जिससे उच्च विकास वाले नए उत्पाद क्षेत्रों में विस्तार की जरूरत बताई गई है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

1 hour ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

3 hours ago

सरकार ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 16वीं नीलामी शुरू की, 9 राज्यों के 25 ब्लॉक शामिल

2020 में निजी क्षेत्र की भागीदारी शुरू होने के बाद अब तक 147 कोयला खदानों की नीलामी, छह पहले आवंटित खदानों के लिए विकास एवं उत्पादन समझौते भी हुए.

3 hours ago

टर्म प्लान की बढ़ती मांग, दिल्ली में ICICI प्रूडेंशियल लाइफ का कारोबार 53.89% बढ़ा

31 मार्च 2026 तक दिल्ली में 3.69 लाख लोगों को बीमा सुरक्षा, बीमित राशि ₹1.30 लाख करोड़; कंपनी ने पिछले सात साल में ग्राहकों को ₹6,087 करोड़ के लाभ दिए.

3 hours ago

टाटा संस लिस्टिंग पर टाटा ट्रस्ट्स की असहमति, दूसरे विकल्प तलाशने का फैसला

17 सितंबर को हुई टाटा संस के निदेशक मंडल की बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल एन. टाटा ने समूह की एक सदी से अधिक पुरानी संरचना को बनाए रखने के पक्ष में ट्रस्ट्स का रुख दोहराया.

4 hours ago


बड़ी खबरें

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

1 hour ago

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

4 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

3 hours ago

बॉन्ड और एफडी के बाद पैसाबाजार का MF में प्रवेश, ₹10 से डेली SIP की शुरुआत

अनियमित आय वाले लोगों के लिए रोजाना छोटी रकम निवेश करने का विकल्प; पिछले साल बॉन्ड और एफडी के बाद कंपनी ने बढ़ाया निवेश उत्पादों का दायरा

3 hours ago

सरकार ने वाणिज्यिक कोयला खदानों की 16वीं नीलामी शुरू की, 9 राज्यों के 25 ब्लॉक शामिल

2020 में निजी क्षेत्र की भागीदारी शुरू होने के बाद अब तक 147 कोयला खदानों की नीलामी, छह पहले आवंटित खदानों के लिए विकास एवं उत्पादन समझौते भी हुए.

3 hours ago