✕

होम / बिजनेस / SEBI की चौंकाने वाली नरमी: आदेश में जेन स्ट्रीट को ट्रेडिंग की अनुमति

SEBI की चौंकाने वाली नरमी: आदेश में जेन स्ट्रीट को ट्रेडिंग की अनुमति

SEBI अपने 35 साल के इतिहास में पहली बार एक बाजार में हेरफेर करने वाली कंपनी को जांच पूरी होने से पहले ही दोबारा ट्रेडिंग की अनुमति दे रहा है, जिससे 16 लाख रिटेल निवेशकों के साथ विश्वासघात हुआ है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

पलक शाह

अमेरिका स्थित क्वांट फर्म जेन स्ट्रीट ग्रुप एलएलसी के खिलाफ सेबी का 3 जुलाई 2025 का अंतरिम आदेश भारत के वित्तीय बाजारों को झकझोर गया है, इसका कारण जुर्माना नहीं, बल्कि उसमें दिखाई गई असाधारण नरमी है. इस आदेश में जेन स्ट्रीट पर ₹36,500 करोड़ ($4.3 अरब) की बैंक निफ्टी में हेरफेर की गंभीर साजिश का आरोप लगाया गया है. बावजूद इसके, वही आदेश कंपनी को जल्दी बाजार में लौटने का रास्ता भी देता है.

इस बात के प्रमाण होने के बावजूद कि जेन स्ट्रीट के सिंक्रोनाइज्ड ट्रेड्स ने लाखों रिटेल निवेशकों को चूना लगाया, सेबी का आदेश (धाराएं 62.1, 62.10, 62.11) अमेरिकी फर्म को अपने कथित अवैध मुनाफे का सिर्फ 10 प्रतिशत जमा कर ट्रेडिंग फिर से शुरू करने की अनुमति देता है, जिसे बताया जा रहा है कि उसने पहले ही जमा कर दिया है. सेबी के 35 वर्षों के इतिहास में यह प्रावधान अभूतपूर्व है, जो एक बाजार में हेरफेर करने वाले को जांच पूरी होने से पहले ही वापसी का मौका देता है, और उन भारतीय रिटेल निवेशकों के साथ विश्वासघात करता है जिन्होंने अपनी बचत इस हेरफेर में गंवा दी.

17 जनवरी 2024 को जेन स्ट्रीट ने एक ही दिन में ₹734 करोड़ का मुनाफा कमाया. इस दौरान उसने ₹4,370 करोड़ के स्टॉक्स खरीदे, जबकि ₹32,115 करोड़ के बेयरिश ऑप्शंस अपने पास रखे थे. यह पूरा सौदा “मार्किंग द क्लोज” नामक रणनीति के तहत किया गया, जिसे एक्सपायरी के दिन बेहद सटीक तरीके से अंजाम दिया गया. इस चाल में 16 लाख रिटेल ट्रेडर्स ऑप्शंस बाजार की चकाचौंध में खिंच आए, जबकि उसी दिन कैश मार्केट में केवल 4,675 और फ्यूचर्स में 26,593 ट्रेडर्स ही सक्रिय थे. यह सारा माहौल एक कैसीनो जैसे जोखिम भरे बाजार में बदल गया, जिसमें आम निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

सेबी ने इसे “अपूरणीय क्षति” बताया है, फिर भी उसकी नरमी जेन स्ट्रीट को आसानी से बच निकलने का रास्ता देती है, और भारत के असुरक्षित निवेशकों के साथ गहरा विश्वासघात करती है.

16 लाख रिटेल ट्रेडर्स तबाह

सेबी की जांच एक भयावह सच्चाई को उजागर करती है: जेन स्ट्रीट की कथित योजना ने भारत के ऑप्शंस मार्केट को निशाना बनाया, जहां 16,15,011 (1.6 मिलियन से अधिक) रिटेल ट्रेडर्स, जबकि कैश मार्केट में केवल 4,675 और फ्यूचर्स में 26,593 को, एक कैसीनो जैसी उन्मादपूर्ण स्थिति में खींचा गया, और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा. इस फर्म के हांगकांग और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से किए गए सिंक्रोनाइज़्ड ट्रेड्स ने BANK NIFTY इंडेक्स को कृत्रिम रूप से हिलाया, और एक ही दिन में ₹735 करोड़ का मुनाफा कमाया. सेबी ने इसे बाजार के विश्वास को हुई "अपूरणीय क्षति" कहा, फिर भी जब उसने केवल 10 प्रतिशत अमानत जमा पर ट्रेडिंग प्रतिबंध हटा दिया, तो यह उन असहाय निवेशकों की दुर्दशा का मजाक बन गया, जिनमें से 93 प्रतिशत ने ऑप्शंस ट्रेडिंग (FY22–FY24) में पैसे गंवाए.

न्याय का उपहास

यह नरमी सेबी की अपनी ही नीतियों और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के खिलाफ जाती है.

जेन स्ट्रीट की योजना, जो सेबी बनाम राखी ट्रेडिंग (2018) और सेबी बनाम केतन पारेख (2007) में निंदा किए गए सिंक्रोनाइज्ड ट्रेड्स से मेल खाती है, सुप्रीम कोर्ट की धोखाधड़ी की परिभाषा में फिट बैठती है. राखी ट्रेडिंग मामले में, कोर्ट ने फैसला दिया कि जो ट्रेड्स कृत्रिम बाजार की स्थिति बनाते हैं, भले ही उनका सीधा नुकसान साबित न हो, वे PFUTP रेगुलेशन का उल्लंघन करते हैं. केतन पारेख मामले में, सर्कुलर ट्रेडिंग के लिए 14 साल का प्रतिबंध बरकरार रखा गया था जिसने बाजार को विकृत किया.

जेन स्ट्रीट का एक्सपायरी-डे डोमिनेंस (BANK NIFTY ऑप्शंस का 28 प्रतिशत) और भारतीय ब्रोकिंग संस्थाओं (JSI Investments, JSI2 Investments) के माध्यम से रेगुलेशन से बचना, ताकि FPI नियमों को दरकिनार किया जा सके. यह सब हेरफेर की स्पष्ट मिसाल है. फिर भी, केतन पारेख के विपरीत, जेन स्ट्रीट को संभावित रूप से फ्री पास मिल गया है.

एक खतरनाक मिसाल

यह मिसाल दर्शाती है कि सेबी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्मों को नियंत्रित करने में कितनी कमजोर है. अगर यह आदेश कायम रहता है, तो यह भारत के बाजारों में विश्वास को क्षीण कर देगा और रिटेल निवेशकों को भविष्य के शिकारी तत्वों के लिए असुरक्षित छोड़ देगा.

जेन स्ट्रीट की अपारदर्शी संरचना, जिसे रहस्यमय व्यक्ति जैसे रोब ग्रानिएरी संचालित करते हैं और जिसकी सदस्य इक्विटी की जानकारी सार्वजनिक नहीं है. प्रतिबंधित "पार्टिसिपेटरी नोट्स" (P-Notes) युग की याद दिलाती है, जो गुमनाम निवेशकों को भारतीय बाजार और ट्रेडर्स को लूटने की छूट देती थी.

सेबी का FPI रेगुलेशंस की धारा 22(1)(J) लागू न करना, ताकि जेन स्ट्रीट के अंतिम लाभार्थियों (UBOs) की पहचान हो सके, इस शिकारी रणनीति को और भी मजबूत करता है. फर्म की भारतीय संस्थाएं, ब्रोकर्स के रूप में पेश आकर FPI के इंट्राडे ट्रेडिंग बैन को चकमा देती हैं, और सेबी के अनुसार, उन्होंने "शून्य व्यावसायिक तर्क" के साथ ट्रेड किए, जबकि इसकी विदेशी शाखाओं ने ₹32,681 करोड़ कमाकर विदेश भेज दिए.

यह गोपनीयता, सेबी की नरमी के साथ मिलकर, बाजार लूट की एक नई लहर को वैधता देने का खतरा पैदा करती है.

भारत के रिटेल ट्रेडर्स, जिन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई गंवा दी, केवल सेबी के प्रतीकात्मक कदम के हकदार नहीं हैं. जेन स्ट्रीट के लिए दरवाज़ा खुला छोड़कर, नियामक अपने भारत के बाजारों की रक्षा करने के दायित्व को कमजोर कर रहा है.

यह अभूतपूर्व नरमी तत्काल जांच की मांग करती है,  इससे पहले कि अगला मैनिपुलेटर उसी छेद से निकल जाए और अपने पीछे लाखों और तबाह कर दे.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

100 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट लक्ष्य की ओर भारतीय ज्वेलरी उद्योग, FTA से नए बाजारों पर नजर

भारत मंडपम में 26 से 28 सितंबर तक आयोजित हो रहे तीन दिवसीय बी2बी एक्सपो में 650 से अधिक प्रदर्शक, 3,000 से ज्यादा ब्रांड और 1.5 लाख से अधिक अनूठे डिजाइन प्रदर्शित किए जा रहे हैं. 

1 day ago

अक्टूबर में आएगी 100% इथेनॉल से चलने वाली कार, गडकरी ने बताया ₹25 वाला फॉर्मूला

गडकरी ने इथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देने की सरकार की नीति का बचाव करते हुए कहा कि भारत में इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ने से पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

1 day ago

अगले हफ्ते 7 शेयर होंगे एक्स-डिविडेंड, R Systems देगी ₹8 प्रति शेयर

BSE के आंकड़ों के मुताबिक, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच इन कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे. इस सूची में Steel Authority of India (SAIL), Indraprastha Gas (IGL) और R Systems International जैसी कंपनियां शामिल हैं.

1 day ago

शादी अब सिर्फ रस्म नहीं, पूरा एक्सपीरियंस है: VanVivaha 2026 में दिखी बदलती वेडिंग इंडस्ट्री की तस्वीर

फैशन से ज्वेलरी, डेस्टिनेशन वेडिंग से ट्रैवल और डेकोर से टेक्नोलॉजी तक, भारतीय शादियों का कारोबार तेजी से एक बड़े लाइफस्टाइल इकोसिस्टम में बदल रहा है. गुरुग्राम में आयोजित VanVivaha 2026 में इसी बदलती तस्वीर की झलक देखने को मिली

1 day ago

UPITS 2026: YEIDA में 469 करोड़ रुपये की 5 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 के उद्घाटन के दौरान इन कंपनियों को जमीन आवंटन पत्र सौंपे गए. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पांचों कंपनियों के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट प्रदान किए.

1 day ago


बड़ी खबरें

स्मार्ट कारोबार बाजार में बदलाव से पहले तैयारी करते हैं: राजीव दुबे

BW Marketing World के साथ बातचीत में American Business Solutions Inc. के President और CEO ने नए बाजारों की पहचान करने, कारोबारी चक्रों का अनुमान लगाने और उन क्षेत्रों में निवेश करने के बारे में बात की, जहां तकनीक मानवीय विशेषज्ञता की पूरक है.

7 hours ago

अक्टूबर में आएगी 100% इथेनॉल से चलने वाली कार, गडकरी ने बताया ₹25 वाला फॉर्मूला

गडकरी ने इथेनॉल आधारित वाहनों को बढ़ावा देने की सरकार की नीति का बचाव करते हुए कहा कि भारत में इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ने से पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.

1 day ago

100 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट लक्ष्य की ओर भारतीय ज्वेलरी उद्योग, FTA से नए बाजारों पर नजर

भारत मंडपम में 26 से 28 सितंबर तक आयोजित हो रहे तीन दिवसीय बी2बी एक्सपो में 650 से अधिक प्रदर्शक, 3,000 से ज्यादा ब्रांड और 1.5 लाख से अधिक अनूठे डिजाइन प्रदर्शित किए जा रहे हैं. 

1 day ago

घर खरीदने या किराये पर लेने से पहले जांच सकेंगे इंटरनेट कनेक्टिविटी, TRAI ने लॉन्च किया रेटिंग प्लेटफॉर्म

इस प्लेटफॉर्म पर घरों, दफ्तरों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों की डिजिटल कनेक्टिविटी को एक से पांच स्टार के पैमाने पर रेटिंग दी जाएगी.

1 day ago

अगले हफ्ते 7 शेयर होंगे एक्स-डिविडेंड, R Systems देगी ₹8 प्रति शेयर

BSE के आंकड़ों के मुताबिक, 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच इन कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे. इस सूची में Steel Authority of India (SAIL), Indraprastha Gas (IGL) और R Systems International जैसी कंपनियां शामिल हैं.

1 day ago