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कर्ज में डूबी कंपनियों पर Ambani की नजर, अब इस पर लगाया दांव

सुमित इंडस्ट्रीज की स्थापना 1998 में हुई थी. कंपनी पर अकेले बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) का 667 करोड़ रुपए का कर्जा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की विस्तार रणनीति का एक अहम हिस्सा है कर्ज में डूबी कंपनियों को खरीदना. ऐसी कंपनियां अपने शुरुआती वैल्यूएशन से कम में मिल जाती हैं और घाटे को प्रॉफिट में कैसे बदला जाता है, ये अंबानी को अच्छे से आता है. पिछले कुछ समय में मुकेश अंबानी कुछ कंपनियों को अपना बना चुके हैं और कई दूसरी कंपनियां उनकी लिस्ट में शामिल हैं.  

जमा किए जरूरी पेपर 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश अंबानी अब सुमित इंडस्ट्रीज (Sumeet Industries) को अपना बनाना चाहते हैं. कपड़ा बनाने वाली ये कंपनी दिवालिया हो चुकी है. हालांकि, इस दौड़ में अंबानी की रिलायंस अकेले नहीं है. कोलकाता की MPCI और अन्य आठ कंपनियों ने भी कर्ज के बोझ से लदी टैक्सटाइल कंपनी सुमित इंडस्ट्रीज को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. सभी कंपनियों ने इस संबंध में जरूरी पेपर जमा कर दिए हैं. पेपर की जांच होने के बाद पात्र कंपनियों की बोली पर विचार किया जाएगा. 

BoB का इतना है कर्ज
सुमित इंडस्ट्रीज की स्थापना 1998 में हुई थी. कंपनी कई अलग-अलग वजह से पहले भी चर्चा में रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ साल पहले शेयरों की कीमत प्रभावित करने को लेकर सेबी ने कंपनी को फटकार लगाई थी. जबकि पिछले साल तकनीकी खराबी के चलते कंपनी के सूरत प्लांट में 15 दिन कामकाज बंद रहा था. सूरत की यार्न और पॉलिस्टर बनाने वाली यह कंपनी कर्ज के बोझ तले दबी है. सुमित इंडस्ट्रीज पर अकेले बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) का 667 करोड़ रुपए का लोन है. 2022 में लोन रिस्ट्रक्चरिंग में विफल रहने पर कंपनी बैंकरप्सी कोर्ट में चली गई थी.

कर्जदाताओं को जगी उम्मीद
सुमित इंडस्ट्रीज पिछले कुछ सालों से आर्थिक परेशानियों से जूझ रही थी. वह अपने लोन की रिस्ट्रक्चरिंग करना चाहती थी, लेकिन बैंकों ने कंपनी के रिजोल्यूशन प्लान पर सहमति नहीं जताई. इसके बाद सुमित इंडस्ट्रीज को बैंकरपसी कोर्ट में जाना पड़ा. अब जब इस कंपनी को अपना बनाने की इच्छा रखने वालों की दौड़ में मुकेश अंबानी का नाम शामिल हो गया है, तो कर्जदाताओं को अपना पैसा वापस मिलने की उम्मीद जग गई है. दिसंबर 2022 तिमाही में सुमित इंडस्ट्रीज को करीब 25 करोड़ का नुकसान हुआ था.  

इससे पहले 2 को बनाया अपना
अंबानी इससे पहले 2 और बैंकरप्ट कंपनियों को खरीद चुके हैं. इसमें आलोक इंडस्ट्रीज और सिंटेक्स इंडस्ट्रीज शामिल हैं. पिछले साल रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 3567 करोड़ रुपए में Sintex Industries को अपना बनाया था. जबकि आलोक इंडस्ट्रीज का सौदा 2020 में हुआ था. ये दोनों कंपनियां ग्लोबल ब्रैंड जैसे कि ह्यूगो बॉस, अरमानी, बरबरी और डीजल आदि को फैब्रिक की सप्लाई करती हैं. अब सुमित इंडस्ट्रीज के रिलायंस के पोर्टफोलियो में जुड़ जाने से अंबानी के लिए कपड़ा बाजार में पैर जमाना और भी ज्यादा आसान हो जाएगा.


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