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दिवाली हमारी, चेहरे भी हमारे ही खिले, इस बार बाजार में सेंध नहीं लगा पाईं चीनी कंपनियां
इस बार दीपावली के मौके पर लोगों ने चीनी उत्पादों को नकारते हुए पूरी तरह से भारतीय सामान को प्राथमिकता दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश के अधिकांश हिस्सों में दीपावली का त्यौहार कल यानी 31 अक्तूबर को सेलिब्रेट किया गया. महाराष्ट्र सहित कुछ जगहों पर दिवाली आज मनाई जा रही है. इस दीवाली रिकॉर्ड कारोबार हुआ है. सबसे अच्छी बात यह रही कि हमारी दीवाली पर चीन के घर खुशियों के दीये नहीं जले हैं. कहने का मतलब है कि चीनी कंपनियां भारतीय बाजार में सेंध लगाने में कामयाब नहीं हुई हैं. लोगों ने 'वोकल फॉर लोकल' पर अमल करते हुए भारतीय सामान की खरीदारी की है.
लोगों ने जमकर की खरीदारी
कल सुबह से ही बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी. लोगों ने स्थानीय सामान की जमकर खरीदारी की. कुछ साल पहले तक चीनी कंपनियां हमारे बाजार पर हावी हो गई थीं. दीपावली से जुड़े लगभग हर सामान में चीनी कंपनियों का दबदबा था. स्थिति ये हो गई थी कि लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी चीन निर्मित आने लगी थीं. इस वजह से भारतीय व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था. लेकिन अब तस्वीर काफी हद तक बदल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल नारे ने व्यापक असर दिखाया है. अब लोग लोकल सामान की खरीदारी को तवज्जो देने लगे हैं.
इस बार रिकॉर्ड कारोबार
एक रिपोर्ट में कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल के हवाले से बताया गया है कि इस वर्ष दिवाली पर 4.25 लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ है, जो अब तक का रिकॉर्ड व्यापार है. उन्होंने यह भी बताया कि इस बार लोगों ने चीनी उत्पादों को नकारते हुए पूरी तरह से भारतीय सामान को प्राथमिकता दी. अब उन्हें देवउठनी एकादशी यानी शादियों के सीजन में बड़े व्यापार की उम्मीद है. बता दें कि दीपावली पर मिटटी के दीयो का इस्तेमाल भी अब फिर से बढ़ रहा है, जिसकी वजह से स्थानीय कुम्हारों की कमाई में वृद्धि हुई है.
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