✕

होम / बिजनेस / 2024 में QIP फंडिंग ने बनाया रिकॉर्ड, रियल एस्टेट ₹22,320 करोड़ के साथ रहा सबसे आगे

2024 में QIP फंडिंग ने बनाया रिकॉर्ड, रियल एस्टेट ₹22,320 करोड़ के साथ रहा सबसे आगे

संस्थागत निवेशकों (QIP) का लंबी अवधि के विकास पर भरोसा कायम है, जो मजबूत आर्थिक नींव (फंडामेंटल्स) में उनके विश्वास को दर्शाता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे निवेशकों की भावनाएँ प्रभावित हुई हैं. सितंबर 2024 के अंत में, जब निफ्टी 50 और सेंसेक्स ने रिकॉर्ड स्तर छुआ, उसके बाद बाजार में गिरावट शुरू हो गई और प्रमुख इंडेक्स तेज़ी से नीचे आ गए.

हालांकि, इस गिरावट के बावजूद, Qualified Institutional Placements (QIPs) में निवेश का रुझान मजबूत बना हुआ है. Anarock रिसर्च के अनुसार, 2024 फंड जुटाने के लिहाज से रिकॉर्ड वर्ष रहा. जहां छोटे और रिटेल निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं, वहीं संस्थागत निवेशक (institutional investors) अब भी रियल एस्टेट सेक्टर की दीर्घकालिक (long-term) वृद्धि संभावनाओं का फायदा उठा रहे हैं.

Anarock Group के चेयरमैन अनुज पुरी ने रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूती पर ज़ोर दिया, जो इस फंडिंग वृद्धि के दौरान साफ़ दिखी. उन्होंने कहा कि “Anarock के 2024 के QIP फंडिंग विश्लेषण से पता चलता है कि रियल एस्टेट सेक्टर मजबूत बना हुआ है और भारत की आर्थिक स्थिरता पर संस्थागत निवेशकों का भरोसा बरकरार है. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, पूंजी बाजार (कैपिटल मार्केट) मज़बूत बने हुए हैं और रणनीतिक निवेश को आकर्षित कर रहे हैं. हमारे शोध से पता चलता है कि रियल एस्टेट सेक्टर ने सबसे बड़ा योगदान दिया, जहां 8 डेवलपर्स और 1 REIT ने मिलकर ₹22,320 करोड़ जुटाए. यह वित्तीय मजबूती आने वाले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के बड़े विस्तार में मदद करेगी.”

सभी सेक्टर्स में रिकॉर्ड QIP फंडिंग 

2024 में QIP फंडिंग अपने अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुंच गई, जहां 99 मामलों में कुल ₹1,41,482 करोड़ जुटाए गए. यह 2020 के पिछले रिकॉर्ड ₹80,816 करोड़ से 75% अधिक है. Anarock के अनुसार, रियल एस्टेट सेक्टर QIP फंडिंग में सबसे आगे रहा, चाहे वह पूंजी जुटाने की बात हो या मामलों की संख्या की.  

अनुज पुरी ने कहा कि "2024 में रियल एस्टेट सेक्टर, डेवलपर्स और REITs ने QIP फंडिंग में टॉप किया, जिससे पूंजी निवेश का एक नया बेंचमार्क स्थापित हुआ. इस साल QIP मामलों की संख्या पिछले साल की तुलना में दोगुनी रही, जो अब तक का सबसे अधिक है. संस्थागत निवेशकों को रियल एस्टेट सेक्टर की भविष्य की वृद्धि पर पूरा भरोसा है."

QIP क्यों हो रहा है लोकप्रिय?  

QIP (Qualified Institutional Placement), डेवलपर्स के लिए प्राइवेट इक्विटी या पारंपरिक बैंक लोन से बेहतर विकल्प साबित हो रहा है. Anarock के अनुसार, इसके मुख्य फायदे हैं:  

• तेज़ और कम खर्चीला फंड जुटाने का तरीका. 
• कम से कम शेयरधारकों की हिस्सेदारी घटाकर लिक्विडिटी (नकदी) तक आसान पहुंच, जिससे मालिकाना हक बना रहता है.  
• म्यूचुअल फंड और पेंशन फंड जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करता है, जिससे सेक्टर को बड़ा निवेश मिलता है.  
• फंड का लचीला उपयोग– ज़मीन खरीदने, निर्माण करने या पुराने कर्ज़ को चुकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रहती है.  
• बाजार में अच्छी साख (क्रेडिबिलिटी) बनती है, जिससे निवेशकों को भविष्य की विकास संभावनाओं पर भरोसा होता है. 

इन सभी फायदों से परियोजनाओं (प्रोजेक्ट्स) की गति तेज़ होती है, जिससे डेवलपर्स बड़े विस्तार योजनाओं को पूरा कर सकते हैं.

पिछले सालों में QIP का ट्रेंड  

2023 में सभी सेक्टर्स में QIP के जरिए ₹55,109 करोड़ जुटाए गए, जो 43 मामलों से आया. यह राशि 2017 में जुटाए गए ₹56,152 करोड़ के करीब थी. खास बात यह रही कि 2023 में रियल एस्टेट डेवलपर्स ने QIP से कोई फंड नहीं जुटाया. इसलिए 2024 में QIP के ज़रिए रियल एस्टेट सेक्टर की जबरदस्त वापसी और भी अहम हो गई.

बाजार के ट्रेंड और रियल एस्टेट का प्रदर्शन  

2024 में, व्यापक शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया. Nifty 5 इंडेक्स ने साल के पहले आधे हिस्से में अच्छा प्रदर्शन किया, जो मजबूत कॉर्पोरेट कमाई, विदेशी निवेश और सकारात्मक आर्थिक संकेतकों (जैसे GDP वृद्धि और घटती महंगाई) से प्रेरित था. लेकिन साल के दूसरे आधे हिस्से में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मुद्रास्फीति की बदलती नीतियों के कारण असमंजस बढ़ा. इन वजहों से बाजार में सुधार (कमी) आई, जिससे निवेशकों को अपनी रणनीतियाँ बदलनी पड़ीं. इन चुनौतियों के बावजूद, पांच Nifty सेक्टोरल इंडेक्स ने 2024 में 30% से अधिक की बढ़त दर्ज की. रियल एस्टेट इंडेक्स ने चौथा स्थान प्राप्त किया, और 34.67% की सालाना बढ़त दिखाई, जैसा कि Anarock ने बताया.

2025 का दृष्टिकोण (आउटलुक)  

Anarock का मानना है कि 2025 में QIP फंडिंग का मिश्रित परिदृश्य रहेगा, क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. अनुज पुरी ने कहा कि "2024 के दूसरे हिस्से में बढ़ी हुई अस्थिरता (वोलाटिलिटी) को देखते हुए, 2025 में निवेशकों के बीच कुछ सतर्कता बनी रह सकती है. लेकिन, रियल एस्टेट इंडेक्स का मजबूत प्रदर्शन, बाज़ार की अनिश्चितताओं के बावजूद, इस सेक्टर में निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है."  

2025 में बड़े और सूचीबद्ध (लिस्टेड) डेवलपर्स को संस्थागत निवेशकों का समर्थन मिलता रहेगा, क्योंकि वे अस्थिर बाजार में स्थिर निवेश अवसरों की तलाश करेंगे. अगर वैश्विक मौद्रिक नीतियाँ स्थिर होती हैं और घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत रहते हैं, तो रियल एस्टेट में QIP फंडिंग और बढ़ सकती है. इससे सेक्टर का विस्तार, नई ज़मीन की खरीद और कर्ज़ पुनर्भुगतान (डेट रिफाइनेंसिंग) की पहल तेज़ होगी, जिससे रियल एस्टेट का दीर्घकालिक (लॉन्ग-टर्म) विकास मजबूत होगा.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत में फिर मजबूत होंगे देसी मोबाइल ब्रांड, सरकार देगी ₹5,000 करोड़ का प्रोत्साहन

स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों के दबदबे के बीच सरकार भारतीय मोबाइल ब्रांडों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है. ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना में करीब ₹5,000 करोड़ भारतीय कंपनियों के लिए रखे गए हैं.

4 hours ago

IPO बाजार में रिकॉर्ड तेजी, 6 महीने में 78 कंपनियों ने जुटाए ₹94,205 करोड़

अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए कंपनियों की फंड जुटाने की रफ्तार तेज रही. इस दौरान 78 कंपनियों ने ₹94,205 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 35 फीसदी अधिक है.

6 hours ago

चंद्रशेखरन और वेंणु श्रीनिवासन के बीच टीवीएस से जुड़ा दूसरा सौदा टाटा संस बोर्ड के समक्ष नहीं रखा गया: रिपोर्ट

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के परिवार की कंपनी कर्नाटक में 330 करोड़ रुपये के औद्योगिक पार्क की योजना बना रही है. यहां टीवीएस मोटर और उसके टियर-1 आपूर्तिकर्ताओं के लिए ऑटो कंपोनेंट्स बनाए जाने हैं.

7 hours ago

त्योहारी सीजन से पहले निसान की बड़ी छलांग, घरेलू बिक्री में 100% उछाल

निसान मोटर इंडिया ने सितंबर 2026 में घरेलू बाजार में 3,300 वाहनों की थोक बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 100 प्रतिशत अधिक है. कंपनी ने घरेलू और निर्यात बाजारों को मिलाकर सितंबर में कुल 10,025 वाहनों की थोक बिक्री की.

8 hours ago

दूसरी तिमाही में 7.3% रह सकती है भारत की विकास दर, पहली तिमाही से धीमी होगी रफ्तार

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूंजीगत और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े सामान का उत्पादन निवेश गतिविधियों में मजबूती के संकेत दे रहा है.

11 hours ago


बड़ी खबरें

IPO बाजार में रिकॉर्ड तेजी, 6 महीने में 78 कंपनियों ने जुटाए ₹94,205 करोड़

अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान मेनबोर्ड आईपीओ के जरिए कंपनियों की फंड जुटाने की रफ्तार तेज रही. इस दौरान 78 कंपनियों ने ₹94,205 करोड़ जुटाए, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 35 फीसदी अधिक है.

6 hours ago

भारत में फिर मजबूत होंगे देसी मोबाइल ब्रांड, सरकार देगी ₹5,000 करोड़ का प्रोत्साहन

स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों के दबदबे के बीच सरकार भारतीय मोबाइल ब्रांडों को मजबूत करने की तैयारी कर रही है. ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण योजना में करीब ₹5,000 करोड़ भारतीय कंपनियों के लिए रखे गए हैं.

4 hours ago

CII की CBG कमेटी के को-चेयरमैन नियुक्त हुए वरुण कराड

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब सरकार ₹23,731 करोड़ के गोबरधन (GOBARdhan) ढांचे को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

7 hours ago

HDFC बैंक के पहले बाहरी CEO होंगे अनूप बागची, सामने होंगी ये 6 बड़ी प्राथमिकताएं

जैसे-जैसे अनूप बागची 27 अक्टूबर को एचडीएफसी बैंक की कमान संभालने की तैयारी कर रहे हैं, भरोसा बहाल करना, विकास और लाभप्रदता को मजबूत करना, ग्राहक अनुभव में सुधार करना और प्रतिभाओं को एक दिशा में लाना उनके शुरुआती एजेंडे को परिभाषित करेगा.

7 hours ago

सोना हुआ सस्ता, दिल्ली में 22 कैरेट का भाव ₹1.37 लाख के करीब, चांदी भी फिसली

इस साल जनवरी में घरेलू बाजार में चांदी की कीमत 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी. मौजूदा भाव उस रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है.

11 hours ago