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सरकारी बैंकों में निवेश का अवसर, SBI म्युचुअल फंड ने लॉन्च किया नया NFO, जानें पूरी डिटेल
इन स्कीम्स में निवेशकर्ता 5,000 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं और इनमें कोई लॉक-इन पीरियड नहीं है, जिससे निवेशकों को लचीलापन मिलता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सरकारी बैंकों में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए एक नई और आकर्षक खबर आई है. एसबीआई म्युचुअल फंड (SBI Mutual Fund) ने बीएसई पीएसयू बैंक इंडेक्स (BSE PSU Bank TRI) पर आधारित एक नया इंडेक्स फंड और ईटीएफ लॉन्च किया है. यह दोनों न्यू फंड ऑफर (NFO) सोमवार, 17 मार्च 2025 से सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध हो गए हैं, और निवेशक 20 मार्च 2025 तक इन फंड्स में निवेश कर सकते हैं.
5,000 रुपये से शुरू करें निवेश
SBI म्युचुअल फंड ने इन दोनों NFOs को ओपन-एंडेड इंडेक्स फंड और ओपन एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के रूप में पेश किया है. इनमें से SBI BSE PSU BANK INDEX FUND एक इंडेक्स फंड है, जबकि SBI BSE PSU BANK ETF एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड है. दोनों फंड्स का उद्देश्य बीएसई पीएसयू बैंक TRI इंडेक्स को ट्रैक करना है. निवेशक इन फंड्स में न्यूनतम 5,000 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं, और इसके बाद वे 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश कर सकते हैं.
कोई लॉक-इन पीरियड नहीं
इन दोनों NFOs में कोई लॉक-इन पीरियड नहीं है, जिससे निवेशक आसानी से अपनी पूंजी निकाल सकते हैं. हालांकि, निवेशकों को एग्जिट लोड के नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है. यदि निवेशक SBI BSE PSU BANK INDEX FUND में आवंटन तिथि से 15 दिनों के भीतर निकासी करते हैं, तो 0.25% शुल्क लागू होगा, जबकि 15 दिनों के बाद कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. दूसरी ओर, SBI BSE PSU BANK ETF में कोई एग्जिट लोड नहीं है, यानी निवेशक जब चाहें इस स्कीम से बाहर निकल सकते हैं.
SBI MF NFO कहां करेगा निवेश?
दोनों NFOs का निवेश BSE PSU Bank TRI इंडेक्स में शामिल इंस्ट्रूमेंट्स में 95% से 100% तक किया जा सकता है. इसके अलावा, सरकारी प्रतिभूतियों जैसे ट्राइ-पार्टी रीपो और लिक्विड म्युचुअल फंड यूनिट्स में 0% से 5% तक का निवेश किया जाएगा. इन दोनों स्कीमों के फंड मैनेजर वायरल छाड़वा (Viral Chhadva) हैं.
निवेश की स्ट्रैटेजी
SBI म्युचुअल फंड के अनुसार, ये दोनों स्कीमें पैसिव और इंडेक्सिंग निवेश रणनीति का पालन करेंगी. इसका उद्देश्य ज्यादा मुनाफा कमाना नहीं होगा और न ही बाजार के उतार-चढ़ाव को लेकर कोई रक्षात्मक कदम उठाए जाएं. फंड मैनेजर किसी विशेष स्टॉक या इंडस्ट्री पर रिसर्च नहीं करेंगे, बल्कि यह स्कीम सीधे इंडेक्स को कॉपी करेगी, जिससे ज्यादा या कम रिटर्न का जोखिम कम हो जाएगा.
किसे करना चाहिए निवेश?
SBI म्युचुअल फंड का मानना है कि ये दोनों स्कीमें उन निवेशकों के लिए उपयुक्त हो सकती हैं जो दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि (long-term capital appreciation) प्राप्त करना चाहते हैं और जो बीएसई पीएसयू बैंक TRI इंडेक्स में शामिल सरकारी बैंक शेयरों में निवेश करना चाहते हैं. इन फंड्स को रिस्कोमीटर पर उच्च जोखिम (high risk) की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए निवेशकों को सावधानीपूर्वक निर्णय लेना चाहिए.
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। BW हिन्दी किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता है. म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है. निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें.)
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