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Vodafone Idea के लिए खुला फंडिंग का रास्ता, SBI देगा कर्ज; अब निजी बैंकों पर टिकी नजर
35,000 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाने की योजना में बढ़ी उम्मीद, प्रवर्तक कंपनियां देंगी गारंटी; SBI निजी बैंकों से बाकी कर्ज मिलने के बाद ही जारी करेगा अपनी रकम
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आईडिया (Vodafone Idea) को अपनी 45,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना के लिए बैंक ऋण जुटाने में बड़ी राहत मिली है. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कंपनी के हिस्से का ऋण मंजूर करने पर सहमति जताई है. दरअसल, वोडाफोन-आईडिया की प्रवर्तक कंपनियां कर्ज के लिए गारंटी देने को तैयार हो गई हैं, जिससे पहले गारंटी को लेकर अटका वित्तपोषण प्रस्ताव आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है. हालांकि, SBI ने रकम जारी करने से पहले एक अहम शर्त रखी है. बैंक तब तक अपना हिस्सा जारी नहीं करेगा, जब तक वोडाफोन-आईडिया निजी क्षेत्र के बैंकों से प्रस्तावित ऋण का बाकी हिस्सा हासिल नहीं कर लेती.
प्रवर्तक कंपनियां देंगी गारंटी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गारंटी वोडाफोन-आईडिया की प्रवर्तक कंपनियां देंगी, न कि समूह की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियां. यह गारंटी SBI के ऋण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवर के तौर पर काम करेगी. सूत्र के मुताबिक, कंपनी की ओर से यह अनुरोध किया गया था कि यदि चार वर्षों तक सब कुछ ठीक रहता है तो गारंटी वापस ले ली जाए. SBI ने इस शर्त पर भी सहमति जताई है.
कंपनी में प्रमोटरों की 25.64 फीसदी हिस्सेदारी
मार्च 2026 तक वोडाफोन-आईडिया में प्रवर्तकों की कुल हिस्सेदारी 25.64 फीसदी थी. इसमें वोडाफोन ग्रुप पीएलसी की 19 फीसदी और कुमार मंगलम बिड़ला के नेतृत्व वाले आदित्य बिड़ला ग्रुप की 6.63 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है. भारत सरकार की कंपनी में करीब 49 फीसदी हिस्सेदारी है, लेकिन इसे प्रवर्तक के बजाय सार्वजनिक शेयरधारक की श्रेणी में रखा गया है.
निजी बैंकों से कर्ज जुटाना अभी बाकी
बैंकर के मुताबिक, निजी क्षेत्र के बैंक फिलहाल इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं. ऐसे में वोडाफोन-आईडिया को उनके साथ अलग से बातचीत करनी होगी. कंपनी को सभी ऋणदाताओं के साथ चर्चा कर पूरे वित्तपोषण को अंतिम रूप देना होगा. इसमें कुछ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी शामिल हो सकते हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक ऋणदाता कितना योगदान देगा. कंपनी को तब तक वित्तपोषण प्रस्ताव आगे बढ़ाने में मुश्किल होगी, जब तक सभी ऋणदाता अपने-अपने हिस्से को मंजूरी नहीं दे देते.
35,000 करोड़ रुपये के नए कर्ज की जरूरत
वोडाफोन-आईडिया ने अगले तीन वर्षों में 45,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यय योजना के लिए 35,000 करोड़ रुपये का नया वित्तपोषण मांगा है. इसमें 25,000 करोड़ रुपये बैंक ऋण के तौर पर और 10,000 करोड़ रुपये क्रेडिट लाइन या अन्य गैर-ऋण सुविधाओं के रूप में जुटाने की योजना है. कंपनी की पूंजीगत व्यय योजना में 17 प्राथमिकता वाले सर्किल में 5G नेटवर्क का विस्तार, EBITDA को बढ़ाना और ग्राहकों की संख्या में इजाफा कर आय को मजबूत करना शामिल है.
पहले ही मिल चुके हैं 6,400 करोड़ रुपये
जून 2026 को समाप्त तिमाही तक वोडाफोन-आईडिया लंबी अवधि की बैंक सुविधा के तहत 6,400 करोड़ रुपये हासिल कर चुकी है. कंपनी के मुख्य कार्याधिकारी अभिजित किशोर ने 11 अगस्त को तिमाही नतीजों के बाद विश्लेषकों से बातचीत में कहा था कि कंपनी अपने सभी ऋणदाताओं के साथ बातचीत कर रही है और इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है. कंपनी के मुताबिक, ऋणदाताओं में SBI के नेतृत्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के भारतीय बैंक और विदेशी बैंकों का समूह शामिल है.
FY27 के कैपेक्स के लिए बैंक कर्ज अहम
बैंकर के मुताबिक, SBI की शर्तें कंपनी के लिए स्वीकार्य हैं और बैंक अपने हिस्से का ऋण जारी करेगा. हालांकि, दूसरे ऋणदाताओं को अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं और बोर्ड की मंजूरी से गुजरना होगा. वोडाफोन-आईडिया को प्रत्येक ऋणदाता के साथ अलग-अलग बातचीत कर वित्तपोषण को अंतिम रूप देना होगा. कंपनी को उम्मीद है कि SBI के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों के साथ बातचीत जल्द अंतिम रूप लेगी. इसके साथ ही वह दूसरे स्रोतों से भी ऋण जुटाने की कोशिश कर रही है. वित्त वर्ष 2027 में पूंजीगत व्यय बढ़ाने और नेटवर्क विस्तार को गति देने के लिए बैंक ऋण वोडाफोन-आईडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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