✕

होम / बिजनेस / आयुर्वेद और आधुनिक वेलनेस का संगम, अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में पेश किए गए नए हेल्थ सॉल्यूशंस

आयुर्वेद और आधुनिक वेलनेस का संगम, अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में पेश किए गए नए हेल्थ सॉल्यूशंस

एडवांस डायबेटिक केयर जूस और गिलोय पपीता जूस रहे प्रमुख आकर्षण, 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

आयुर्वेद के विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक जीवनशैली की वेलनेस जरूरतों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही क्यूरा (Cura) ने 21 से 23 अगस्त तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं वेलनेस एक्सपो 2026 में अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया. कंपनी ने एक्सपो में एडवांस डायबेटिक केयर जूस और गिलोय पपीता समेत अपने आयुर्वेद आधारित वेलनेस पोर्टफोलियो को पेश किया.

क्यूरा का फोकस प्राकृतिक रूप से प्राप्त सामग्रियों और उद्देश्यपूर्ण आयुर्वेदिक फॉर्मुलेशन के जरिए रोजमर्रा की वेलनेस जरूरतों के लिए सरल और सुलभ समाधान विकसित करने पर है. एक्सपो में कंपनी ने अपने उत्पादों की फॉर्मुलेशन प्रक्रिया और आयुर्वेद आधारित दृष्टिकोण को उपभोक्ताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सामने रखा.

एडवांस डायबेटिक केयर जूस रहा प्रमुख आकर्षण

एक्सपो में एडवांस डायबेटिक केयर जूस प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा. इसे डायबेटिक वेलनेस के तौर पर उन लोगों के लिए पेश किया गया, जो अपने ब्लड शुगर मैनेजमेंट को अपनी दैनिक वेलनेस दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहते हैं.

कंपनी के अनुसार, करीब 20 प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार इस फॉर्मुलेशन में गुडमर (Gymnema sylvestre) को प्रमुख वनस्पति के रूप में शामिल किया गया है. इसके अलावा करेला, जामुन, नीम, गिलोय, मेथी, शिलाजीत, अश्वगंधा, अर्जुन, आंवला, हल्दी और दालचीनी जैसी सामग्रियां भी इसमें शामिल हैं. कंपनी के मुताबिक इसका शुगर-फ्री और ट्रिपल-रिफाइंड फॉर्मुलेशन प्राकृतिक सामग्रियों के संयोजन पर आधारित है.

क्यूरा ने गिलोय पपीता जूस को भी एक्सपो में प्रदर्शित किया. कंपनी के अनुसार, इसे बुखार के मौसम, इम्युनिटी और सामान्य स्वास्थ्य से जुड़ी वेलनेस जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है.

इसमें गिलोय, पपीते की पत्ती और तुलसी के साथ नीम, अश्वगंधा और एलोवेरा जैसी प्राकृतिक सामग्रियां शामिल हैं. कंपनी के मुताबिक फॉर्मुलेशन को इम्युनिटी, स्वास्थ्य लाभ, सूजनरोधी और ज्वररोधी सहायता, प्लेटलेट सपोर्ट तथा दैनिक प्रतिरक्षा सुरक्षा जैसी वेलनेस जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

आयुर्वेद को रोजमर्रा की वेलनेस से जोड़ने पर जोर

क्यूरा आयुर्वेदिक एंड यूनानी के डायरेक्टर आदित्य मीहीर ने कहा, “हमारा उद्देश्य उद्देश्यपूर्ण वेलनेस को सरल और सुलभ बनाना है, साथ ही इसे आयुर्वेद के विज्ञान और विरासत से जोड़कर रखना है. इस एक्सपो ने हमें ऐसे उपभोक्ताओं और उद्योग जगत के हितधारकों से जुड़ने का अवसर दिया, जो आज तेजी से भरोसेमंद और प्राकृतिक वेलनेस समाधानों की तलाश कर रहे हैं.”

14 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक पहुंच का दावा

कंपनी के मुताबिक क्यूरा ने अब तक 14 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दी हैं और 28 से ज्यादा राज्यों में 3,000 से अधिक डॉक्टरों का विश्वास हासिल किया है. कंपनी की गुणवत्ता संबंधी प्रतिबद्धता ISO-GMP प्रमाणित विनिर्माण और NABL प्रयोगशाला प्रमाणन से मजबूत होती है.

क्यूरा के अनुसार, उसके चुनिंदा वेलनेस फॉर्मुलेशन की ताजगी और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए उन्हें हर 48 घंटे में SS-ग्रेड केतलियों में ताजा तैयार किया जाता है. कंपनी का दावा है कि ये उत्पाद अर्क-आधारित नहीं हैं, जैसा कि इस श्रेणी के कई उत्पादों में देखने को मिलता है.

20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं वेलनेस एक्सपो क्यूरा के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दर्शकों, उपभोक्ताओं और उद्योग हितधारकों से जुड़ने का मंच बना. तीन दिवसीय आयोजन में 150 से अधिक वैश्विक प्रदर्शक, 150 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता और 20 से अधिक देशों से 10,000 से ज्यादा व्यापारिक आगंतुक शामिल हुए.

एक्सपो में स्वास्थ्य सेवा, AYUSH, वेलनेस, पोषण, मेडिकल टेक्नोलॉजी और निवारक स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. क्यूरा ने इस मंच के जरिए अपने आयुर्वेद आधारित वेलनेस उत्पादों और फॉर्मुलेशन को पेश किया. कंपनी के मुताबिक, एक्सपो में भागीदारी उसके उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान, प्राकृतिक सामग्रियों, ताजगी और सोच-समझकर तैयार किए गए फॉर्मुलेशन के जरिए आयुर्वेद आधारित वेलनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का सरल और भरोसेमंद हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

13 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

16 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

17 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

17 hours ago

IRDAI के प्रस्तावित सुधारों पर IBAI की चिंता, PM मोदी से कहा- 10 लाख नौकरियों पर पड़ सकता है असर

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कमीशन कैप और खर्च सीमा में बदलाव टालने की मांग की, 2028 तक मौजूदा व्यवस्था जारी रखने की अपील

20 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की संपत्तियां कैसे हुईं अलग और कर्ज रह गया? ₹592 करोड़ के सौदे ने उठाए कई सवाल

₹7,000 करोड़ से ₹18 करोड़ तक. बॉम्बे रेयॉन के ₹7,359 करोड़ के दावों के साथ परिसमापन में जाने से दो साल पहले, उसका तारापुर संयंत्र और ब्रांड एक नई कंपनी में चले गए थे. उस कंपनी ने बाद में ₹240 करोड़ जुटाए और अब उसे गोकलदास एक्सपोर्ट्स में समाहित किया जा रहा है. वह सवाल जिसका बॉम्बे रेयॉन ने कभी जवाब नहीं दिया: कारोबार छोड़ने के बदले उसे क्या मिला?

17 hours ago

VB-G-RAM G में कामों का दायरा बढ़ा, अब 375 तरह के कामों को मंजूरी; पानी और आजीविका पर जोर

सरकार का कहना है कि कामों का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को मजदूरी के अवसर देने के साथ ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करना है, जिनका गांवों में लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके.

17 hours ago

प्रोटीन की जरूरत समझ रहे शहरी भारतीय, फिर भी 70% रोजाना 41 ग्राम से कम कर रहे सेवन: रिपोर्ट

पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद प्रोटीन और फाइबर का पर्याप्त सेवन नहीं कर पा रहे शहरी भारतीय, कीमत और सुविधाजनक विकल्पों की कमी बनी बड़ी बाधा

13 hours ago

RBI MPC से पहले रियल्टी की उम्मीदें, 5.25% पर रेपो रेट रहने से होमबायर्स का भरोसा बढ़ने की आस

त्योहारी सीजन में घर खरीदारी के बीच रियल एस्टेट डेवलपर्स की नजर RBI के फैसले पर, स्थिर दरों से EMI, अफोर्डेबिलिटी और हाउसिंग डिमांड को मिल सकता है सहारा

15 hours ago

सितंबर में ऑटो रिटेल बिक्री ने तोड़े रिकॉर्ड, 25.37 लाख वाहनों की हुई बिक्री; टू-व्हीलर की मांग सबसे मजबूत

सितंबर 2026 में देश में कुल 25,36,920 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 31.82% अधिक है. FADA के मुताबिक, त्योहारी मांग के साथ पिछले साल का कमजोर बेस भी इस तेज वृद्धि की बड़ी वजह है.

16 hours ago