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बैंकिंग ऐप की नकल कर रहे फर्जी ऐप पर सरकार सख्त, गूगल को अकाउंट हटाने का निर्देश
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में साइबर धोखाधड़ी से देश को करीब 52,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
सरकार ने प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों की वेबसाइट और मोबाइल ऐप की नकल कर ग्राहकों को ठगने वाले फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने गूगल (Google) से ऐसे कई फायरबेस (Firebase) वेब डेवलपमेंट अकाउंट हटाने को कहा है, जिनका इस्तेमाल बैंकिंग ऐप जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था.
बैंकिंग ऐप की नकल कर रहे थे ठग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट और ऐप के जरिए लोगों को रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और अन्य ऑफर का झांसा दे रहे थे. इन प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया था कि वे प्रमुख बैंकों के असली ऐप जैसे दिखाई दें.
गूगल फायरबेस, गूगल के क्लाउड कारोबार का हिस्सा है. इसका इस्तेमाल मोबाइल ऐप और वेबसाइट बनाने और होस्ट करने के लिए किया जाता है. सरकारी नोटिस पर गूगलने कहा कि फिशिंग, मैलवेयर और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए उसकी सेवाओं के इस्तेमाल के खिलाफ उसकी सख्त नीति है. कंपनी ने कहा कि वह भारत में I4C समेत कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी संस्थानों के साथ मिलकर काम करती है.
5 साल में साइबर फ्रॉड से 52,000 करोड़ रुपये का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में साइबर धोखाधड़ी से देश को करीब 52,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. अकेले 2025 में डिजिटल और साइबर फ्रॉड से करीब 22,500 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया और इस दौरान 28 लाख साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आईं.
फ्रॉड पीड़ितों को 25,000 रुपये तक मुआवजा
डिजिटल और साइबर फ्रॉड के पीड़ितों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस साल संशोधित मुआवजा ढांचा लागू किया है. इसके तहत डिजिटल धोखाधड़ी में 50,000 रुपये तक का नुकसान उठाने वाले पात्र पीड़ितों को एकमुश्त 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है.
RBI ने बढ़ाए डिजिटल सुरक्षा उपाय
RBI की धोखाधड़ी रोकने की व्यवस्था में ऑथेंटिकेशन, ग्राहक सुरक्षा और फ्रॉड डेटा एवं जागरूकता जैसे प्रमुख उपाय शामिल हैं. डिजिटल भुगतान में अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन (AFA) को SMS OTP के अलावा दूसरे सुरक्षित तरीकों तक बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है.
ग्राहकों को असली बैंकिंग वेबसाइट पहचानने में मदद के लिए .bank.in डोमेन उपलब्ध कराया गया है. वहीं, अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए .fin.in डोमेन लाने की योजना है.
अनधिकृत लेनदेन में ग्राहक सुरक्षा
RBI के नियमों के तहत अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की जानकारी समय पर देने पर ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य या सीमित हो सकती है. छोटे मूल्य के फर्जी इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन के मामलों में पात्र ग्राहकों को तय शर्तों के तहत 25,000 रुपये तक मुआवजा भी मिल सकता है.
RBI ने डिजिटल भुगतान से जुड़े जोखिमों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए BE(A)WARE अभियान भी चलाया है. इसके अलावा, केंद्रीय बैंक अनधिकृत लेनदेन की स्थिति में साझा जिम्मेदारी की व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है, जिसमें पैसा भेजने और प्राप्त करने वाले बैंक की जिम्मेदारी तय की जा सकती है.
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