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NSE ने SEBI से फिर मांगी IPO के लिए NOC, लिस्टिंग प्रक्रिया में हो सकती है तेजी
NSE ने एक बार फिर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से अपने प्रस्तावित IPO के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की है, जिसे प्राप्त करने की प्रक्रिया आठ साल से लंबित है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने एक बार फिर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) को पत्र लिखकर अपने प्रस्तावित आईपीओ (IPO) के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की मांग की है. यह एनओसी NSE के शेयरों की लिस्टिंग की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसे प्राप्त करने के लिए NSE ने SEBI से अनुमति मांगी है. इस प्रक्रिया में आठ साल से अधिक का समय बीत चुका है और NSE ने 2016 में अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था.
NSE का अनुरोध पत्र और SEBI को लिखे गए पत्रों का इतिहास
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार NSE के 28 मार्च के पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि वह SEBI से अपने शेयरों की लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए NOC की मांग कर रहे हैं, जिससे उन्हें आगे की कार्रवाई करने की अनुमति मिल सके. इससे पहले, NSE ने SEBI को इसी प्रकार के अनुरोध पत्र 2019 में, 2020 में दो बार, और अगस्त 2024 में भी भेजे थे. हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है.
SEBI द्वारा उठाए गए मुद्दे और NSE का जवाब
पिछले महीने, 28 फरवरी को, SEBI ने NSE के पत्र का जवाब दिया, जिसमें टेक्नोलॉजी, प्रबंधन कर्मियों, क्लियरिंग कॉरपोरेशन के स्वामित्व और कोलोकेशन मामलों जैसे मुद्दों पर कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ की थीं. इन मुद्दों पर NSE ने SEBI की टिप्पणियों का उत्तर दिया और सभी बिंदुओं को स्पष्ट किया. SEBI का एक मुख्य सवाल क्लियरिंग कॉरपोरेशन के स्वामित्व से संबंधित था, जिसमें यह चिंता जताई गई थी कि एक्सचेंजों के पास अपने क्लियरिंग कॉरपोरेशन का अत्यधिक स्वामित्व नहीं होना चाहिए. NSE ने जवाब दिया कि उनका स्वामित्व मौजूदा नियामक ढांचे के तहत उचित है और इसे DRHP में जोखिम कारकों के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है.
टेक्नोलॉजी सुधार और भविष्य की योजना
SEBI ने NSE के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी कुछ सवाल उठाए थे. NSE ने यह स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में उसने अपने टेक्नोलॉजी सिस्टम को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. NSE के अनुसार, पिछले चार वर्षों में कोई बड़ी रुकावट नहीं आई है, और 2022 में मैकिन्से द्वारा दिए गए 82 सुझावों में से 65 को लागू किया गया है.
SEBI से अपेक्षित मंजूरी का महत्व
NSE का मानना है कि SEBI से NOC प्राप्त करना उसके आईपीओ की प्रक्रिया में एक अहम कड़ी है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो NSE अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया को और अधिक तेज़ी से आगे बढ़ा सकता है, जो भारतीय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा. हालांकि, SEBI ने अब तक एक्सचेंजों से क्लियरिंग कॉरपोरेशन के डीमर्जर के लिए कोई अंतिम नियम नहीं जारी किए हैं.
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