✕

होम / बिजनेस / मुकेश अंबानी की कंपनी पर लगेगा 125 करोड़ का जुर्माना, शेयर में भी गिरावट, जानें पूरा मामला

मुकेश अंबानी की कंपनी पर लगेगा 125 करोड़ का जुर्माना, शेयर में भी गिरावट, जानें पूरा मामला

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी कंपनी ने पीएलआई स्कीम के तहत बैटरी सेल प्लांट को समय पर स्थापित नहीं किया, जिस कारण कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) एक बड़ी मुश्किल में पड़ सकती है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड पर बैटरी सेल प्लांट के निर्माण में देरी के कारण जुर्माना लगने की संभावना जताई जा रही है. यह प्लांट सरकारी पीएलआई योजना (PLI Scheme) के तहत स्थापित किया जाना था, लेकिन तय समय सीमा में इसे पूरा नहीं किया जा सका. इस वजह से सोमवार को रिलायंस के शेयरों में भारी गिरावट आई है, और अब कंपनी पर 125 करोड़ रुपये का जुर्माना लग सकता है. तो आइए जानते हैं ये पूरा मामला क्या है? 

क्या है मामला?

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड सरकारी योजना के तहत एक बिड को जीतने के बाद तय समय सीमा में बैटरी सेल प्लांट स्थापित नहीं कर पाई है. इसके चलते कंपनी पर जुर्माना लगाने की बात की जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस ने 2022 में बैटरी सेल प्लांट के लिए एक बोली जीती थी, जिसे पीएलआई स्कीम के तहत स्थापित करना था. अब यह प्रोजेक्ट तय समय में नहीं हुआ, जिसके चलते कंपनी पर 125 करोड़ का जुर्माना लग सकता है.

क्या है पीएलआई स्कीम?

भारत सरकार ने बैटरी सेल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना शुरू की थी. इसका मुख्य उद्देश्य देश की ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) कंपनियों की इंपोर्ट निर्भरता को कम करना और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना था. हालांकि, साल 2014 में भारत के जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर 13 प्रतिशत हो गई है.

बता दें, रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के अलावा, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड और राजेश एक्सपोर्ट्स जैसी कंपनियों ने भी 2022 में बैटरी सेल प्लांट स्थापित करने के लिए बोली जीती थी. हालांकि, ओला ने पिछले साल मार्च में टेस्टिंग प्रोडक्शन शुरू किया और पहली तिमाही में लिथियम-आयन सेल का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने की योजना बनाई है. इसके विपरीत, रिलायंस और अन्य कंपनियां समय पर अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सकीं. 

ग्रीन एनर्जी पर ज्यादा फोकर कर रही रिलायंस 

रिलायंस इंडस्ट्रीज पर यह सवाल उठने लगा है कि क्या कंपनी ने अपनी योजनाओं में बदलाव किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस ने अब अपनी प्राथमिकताओं को बदलकर ग्रीन एनर्जी पर ज्यादा फोकस करना शुरू कर दिया है, जिसके चलते बैटरी सेल निर्माण में देरी हुई. रिलायंस ने 2021 में सोडियम-आयन सेल मेकर फैराडियन और 2022 में नीदरलैंड की लिथियम वर्क्स को टेकओवर किया था, लेकिन ये निवेश छोटे पैमाने पर किए गए थे. जानकारों का मानना है कि पिछले साल सेल मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करना जोखिम भरा था, क्योंकि ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता का माहौल था और बैटरी की कीमतों में गिरावट आ गई थी, जिससे इंपोर्ट सस्ता हो गया.

शेयरों में गिरावट का असर

इस खबर के बाहर आने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी गिरावट आई है. सोमवार को खबर लिखे जाने तक एनएसई पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की कीमत 2.17 प्रतिशत नीचे गिरकर 1,174.00 रुपये पर पहुंच गई. वहीं, बीएसई पर 2.38% प्रतिशत की गिरावट के साथ शेयर की कीमत 1,171.10 रुपये पर आ गई. इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 56 हजार करोड़ रुपये तक घट चुका है. 


टैग्स  
सम्बंधित खबरें

दूसरी तिमाही में 7.3% रह सकती है भारत की विकास दर, पहली तिमाही से धीमी होगी रफ्तार

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूंजीगत और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े सामान का उत्पादन निवेश गतिविधियों में मजबूती के संकेत दे रहा है.

17 minutes ago

डॉ. शार्दुल एस. श्रॉफ: IBC से संस्थान निर्माण तक, कानून की दुनिया में पांच दशकों का सफर

इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत कानूनी व्यवस्था को विकसित करने से लेकर एक नई लॉ फर्म की संस्थागत नींव तैयार करने तक, डॉ. शार्दुल के करियर में संस्थानों को बदलते समय के अनुरूप तैयार करने पर जोर रहा है.

18 hours ago

विनिर्माण क्षेत्र में 14 लाख से ज्यादा नई नौकरियां, FY25 में रोजगार बढ़कर 2.10 करोड़ हुआ

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 7.19 फीसदी बढ़ा. इस दौरान पंजीकृत विनिर्माण प्रतिष्ठानों की संख्या भी बढ़कर 2.67 लाख हो गई, जबकि सकल मूल्य वर्धन (GVA), पूंजी निवेश और औद्योगिक उत्पादन में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.

21 hours ago

ट्रेड टेंशन के बीच अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता, पीयूष गोयल ने मैन्युफैक्चरिंग-टेक पर दिया जोर

गोयल ने अमेरिकी कंपनियों के साथ बातचीत में भारत में उच्च-मूल्य वाली क्षमताओं के निर्माण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भागीदारी बढ़ाने से जुड़े अवसरों को भी रेखांकित किया.

1 day ago

लगातार चौथे दिन गिरावट के संकेत, गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज इन शेयरों पर रहेगी नजर

बुधवार सेंसेक्स 48.78 अंक यानी 0.07 फीसदी गिरकर 72,480.29 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 में 95.75 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट रही और यह 22,620.45 पर बंद हुआ.

1 day ago


बड़ी खबरें

दूसरी तिमाही में 7.3% रह सकती है भारत की विकास दर, पहली तिमाही से धीमी होगी रफ्तार

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूंजीगत और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े सामान का उत्पादन निवेश गतिविधियों में मजबूती के संकेत दे रहा है.

17 minutes ago

अक्टूबर की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG ₹62.50 महंगा; ATF के दाम भी बढ़े

कमर्शियल एलपीजी का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में होता है. ऐसे में कीमत बढ़ने से इन कारोबारों की परिचालन लागत बढ़ सकती है.

21 hours ago

HDFC बैंक को मिला नया नेतृत्व, अनूप बागची 27 अक्टूबर से संभालेंगे MD-CEO की जिम्मेदारी

अब बागची के नेतृत्व में एचडीएफसी बैंक की आगे की रणनीति और कारोबार की दिशा पर बाजार की नजर रहेगी. खासतौर पर बैंक के रिटेल कारोबार, जमा वृद्धि और मार्जिन से जुड़े प्रदर्शन को लेकर नए नेतृत्व की रणनीति महत्वपूर्ण होगी. 

30 minutes ago

भारत में पहली बार WCOG, 61 देशों के 3,000 विशेषज्ञ जुटे; एआई और मेडिकल टेक्नोलॉजी पर मंथन

WCOG के उद्घाटन पर जेपी नड्डा बोले- पाचन और लिवर संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए इलाज के साथ रोकथाम और शुरुआती जांच पर जोर जरूरी

15 hours ago

सहर जमान बनीं सीजे इंटरनेशनल होटल्स के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक

पत्रकारिता, संचार और कला क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली सहर ज़मान 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी के बोर्ड में शामिल हुईं.

17 hours ago