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MG Motor में होगी JSW की एंट्री, जानिए क्या होगा खास?

MG मोटर (MG Motor) चीन की सरकार के स्वामित्व वाली ऑटोमोबाइल कंपनी SAIC की क्षेत्रीय शाखा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बनाने वाली चाइनीज कंपनी MG मोटर (MG Motor) और सज्जन जिंदल (Sajjan Jindal) की अध्यक्षता वाले JSW ग्रुप (JSW Group) के बीच फिलहाल बातचीत जारी है और माना जा रहा है कि अगर इन दोनों कंपनियों के बीच किसी भी तरह का समझौता होता है तो भारत में MG मोटर का भविष्य काफी बड़ा हो जाएगा. 

MG मोटर के उद्देश्य को मिलेगी मजबूती
आपको बता दें कि MG मोटर (MG Motor) चीन की सरकार के स्वामित्व वाली ऑटोमोबाइल कंपनी SAIC की क्षेत्रीय शाखा है और फिलहाल यह कंपनी दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल मार्केट यानी भारत में अपनी जगह तलाश रही है. दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी मार्केट में अपनी जगह तलाशने के लिए कंपनी की तरफ से भारतीय निवेशकों की खोज भी जारी है. कंपनी भारत में एक बेहतर भविष्य की तलाश कर रही है और कहना गलत नहीं होगा कि अगर सज्जन जिंदल (Sajjan Jindal) की अध्यक्षता वाले JSW ग्रुप (JSW Group) के साथ कंपनी किसी भी प्रकार की साझेदारी करती है तो भारत में अपना भविष्य बनाने के कंपनी के उद्देश्य को काफी मजबूती मिलेगी. 

5000 करोड़ जुटाना चाहती है MG मोटर
बहुराष्ट्रीय JSW ग्रुप (JSW Group) स्टील, सीमेंट और एनर्जी के उत्पादन के लिए जाना जाता है और फिलहाल JSW ग्रुप और MG मोटर (MG Motor) के बीच काफी उच्चस्तरीय बातचीत जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आ रही जानकारी की मानें तो JSW ग्रुप द्वारा MG मोटर में 48-49% जितनी हिस्सेदारी खरीदी जा सकती है. दूसरी तरफ MG मोटर 51% हिस्सेदारी के बदले लगभग 5000 करोड़ रुपये जितनी राशि इकट्ठा करने के बारे में विचार कर रही है. कंपनी का मानना है कि इससे न सिर्फ कंपनी को भारतीय अध्यक्षता मिलेगी बल्कि कारोबार बढ़ाने के कंपनी के उद्देश्यों की भी पूर्ती होगी.

डील के पैसों का इस्तेमाल
MG मोटर इंडिया के CEO राजीव चाबा की मानें तो कंपनी का प्लान है कि इस डील के माध्यम से इकट्ठी हुई राशि का निवेश दूसरे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में करेगी. आपको बता दें कि गुजरात के हलोल में पहले से ही कंपनी का एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट मौजूद है और इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 1 लाख 20 हजार यूनिट्स प्रतिवर्ष है. माना जा रहा है कि अगर कंपनी द्वारा दूसरा प्लांट भी शुरू कर दिया जाता है तो कंपनी की उत्पादन क्षमता 300,000 यूनिट प्रतिवर्ष पहुंच जायेगी. 
 

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