होम / बिजनेस / अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बाजार सतर्क, आज दिख सकता है उतार-चढ़ाव

अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बाजार सतर्क, आज दिख सकता है उतार-चढ़ाव

गुरुवार को सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16% गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 34.55 अंक यानी 0.14% फिसलकर 24,196.75 के स्तर पर आ गया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीदों से भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत शुरुआत की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ निवेशकों की सतर्कता हावी हो गई. बैंकिंग और ऑटो शेयरों में बिकवाली के दबाव ने बाजार की दिशा पलट दी और आखिरकार प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए. आज शेयर बाजार की शुरुआत मिले-जुले संकेतों के बीच हो सकती है. एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत से ग्लोबल सेंटिमेंट को सपोर्ट मिल रहा है. वहीं एशियाई बाजारों में कमजोरी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव बना सकती है. ऐसे में निवेशकों के लिए आज का दिन सतर्कता के साथ ट्रेडिंग का रह सकता है. शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती दिख सकती है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली से उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है.

शुरुआती तेजी टिक नहीं पाई

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक चढ़कर खुला, जबकि निफ्टी50 में करीब 150 अंकों की मजबूती देखी गई. हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और दोपहर तक बाजार ने अपनी बढ़त गंवा दी. दिन के अंत में सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16% गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 34.55 अंक यानी 0.14% फिसलकर 24,196.75 के स्तर पर आ गया.

किन शेयरों ने दिखाया दम, कौन रहा कमजोर

सेंसेक्स के 30 में से 15 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए. तेजी वाले शेयरों में ट्रेंट, अडानी पोर्ट्स, बीईएल, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस, टाटा स्टील, टीसीएस, एशियन पेंट्स, आईटीसी और बजाज फिनसर्व शामिल रहे. वहीं गिरावट वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, कोटक बैंक और बजाज फाइनेंस प्रमुख रहे. निफ्टी में एचडीएफसी बैंक, ओएनजीसी और एचडीएफसी लाइफ में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला.

वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले-जुले संकेतों ने भी भारतीय बाजार की दिशा को प्रभावित किया. एशियाई बाजारों में कमजोरी का रुख रहा. जहां जापान का निक्केई, हैंग सेंग और शंघाई कंपोजिट गिरावट में रहे. वहीं अमेरिकी बाजारों में मजबूती देखने को मिली. S&P 500 और नैस्डैक लगातार दूसरे दिन रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए. इसकी वजह मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद और अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावनाएं रहीं.

कमोडिटी बाजार: सोना और कच्चा तेल फिसला

कमोडिटी बाजार में भी नरमी देखने को मिली. सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई. जबकि कच्चे तेल के दाम भी नीचे आए. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीदों ने तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कम की है. जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा.

FII और DII का रुख

विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने लगातार दूसरे दिन खरीदारी की. और करीब ₹382 करोड़ के शेयर खरीदे. इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹3,400 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की. जिससे बाजार पर दबाव बना रहा.

इन शेयरों पर रखें नजर

कॉर्पोरेट मोर्चे पर भी कुछ खबरों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया. HDFC लाइफ के चौथी तिमाही नतीजे कमजोर रहे, जिससे शेयर पर दबाव दिखा. विप्रो ने भी कमजोर गाइडेंस दी. हालांकि कंपनी ने बायबैक का ऐलान किया. वहीं, वेदांता से जुड़ी कानूनी खबरों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई.

बाजार के लिए फिलहाल संकेत मिले-जुले बने हुए हैं. एक तरफ वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद है. वहीं दूसरी ओर घरेलू स्तर पर संस्थागत बिकवाली और कमजोर कॉर्पोरेट नतीजे बाजार को सीमित कर सकते हैं. निवेशकों को सलाह है कि किसी भी ट्रेड से पहले वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें. 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)


टैग्स
सम्बंधित खबरें

अमेरिका की सख्ती के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक, सस्ते तेल पर रोक से पहले ही भर लिया भंडार

भारतीय तेल कंपनियों ने इस वेवर विंडो का तेजी से उपयोग करते हुए रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीद लिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान करीब 30 मिलियन बैरल तेल का ऑर्डर दिया गया.

19 hours ago

भारत में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर को बढ़ावा, 220 MWe प्रोजेक्ट के लिए जल्द टेंडर आमंत्रित होंगे

यह कदम दर्शाता है कि भारत अब ऐसी परमाणु तकनीकों पर फोकस कर रहा है जिन्हें आसानी से विभिन्न स्थानों पर स्थापित और दोहराया जा सके.

20 hours ago

कच्चा तेल महंगा रहा तो बढ़ेगा वैश्विक आर्थिक संकट, महंगाई का दबाव खाद्य वस्तुओं तक पहुंचेगा: IMF

आईएमएफ प्रमुख ने केंद्रीय बैंकों को सलाह दी कि ब्याज दरों में जल्दबाजी में बदलाव करने से बचें और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लें.

23 hours ago

भारत के यात्री वाहन निर्यात में विदेशी कंपनियों का दबदबा, मारुति–हुंडई ने संभाली 70% से ज्यादा हिस्सेदारी

भारत का यात्री वाहन निर्यात लगातार मजबूत हो रहा है, लेकिन इसमें वैश्विक कंपनियों की पकड़ बढ़ने और घरेलू कंपनियों की सीमित हिस्सेदारी एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक अंतर को दर्शाती है.

23 hours ago

अडानी पावर की जेपी पावर पर नजर, NCLT डील और ओपन ऑफर की संभावना तेज

पावर सेक्टर में इस संभावित बड़े सौदे को लेकर निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह अधिग्रहण पूरे सेक्टर की प्रतिस्पर्धा और संरचना को प्रभावित कर सकता है.

23 hours ago


बड़ी खबरें

अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बाजार सतर्क, आज दिख सकता है उतार-चढ़ाव

गुरुवार को सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16% गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 34.55 अंक यानी 0.14% फिसलकर 24,196.75 के स्तर पर आ गया.

2 hours ago

डिजिटल इंडिया के बीच भी कैश का जलवा बरकरार: FY26 में चलन में मुद्रा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची

RBI के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 की नोटबंदी के बाद भी नकदी का चलन लगातार बढ़ा है. हालांकि 2,000 रुपये के नोट को 2023 में वापस लेने का फैसला किया गया था, लेकिन अब तक उसके 98% से ज्यादा नोट बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं.

1 hour ago

Wipro का मेगा बायबैक ऐलान: 15,000 करोड़ के शेयर खरीदेगी कंपनी, निवेशकों को बड़ा रिटर्न देने की तैयारी

वित्त वर्ष 2025-26 में Wipro का शुद्ध लाभ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में मामूली 0.47% अधिक है.

1 hour ago

अमेरिका की सख्ती के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक, सस्ते तेल पर रोक से पहले ही भर लिया भंडार

भारतीय तेल कंपनियों ने इस वेवर विंडो का तेजी से उपयोग करते हुए रूस से भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीद लिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान करीब 30 मिलियन बैरल तेल का ऑर्डर दिया गया.

19 hours ago

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में रिलायंस के दो पूर्व अधिकारियों को किया गिरफ्तार

ईडी ने अपनी जांच में पाया कि अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों ने कथित रूप से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की.

20 hours ago