होम / बिजनेस / Wipro का मेगा बायबैक ऐलान: 15,000 करोड़ के शेयर खरीदेगी कंपनी, निवेशकों को बड़ा रिटर्न देने की तैयारी

Wipro का मेगा बायबैक ऐलान: 15,000 करोड़ के शेयर खरीदेगी कंपनी, निवेशकों को बड़ा रिटर्न देने की तैयारी

वित्त वर्ष 2025-26 में Wipro का शुद्ध लाभ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में मामूली 0.47% अधिक है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने अपने इतिहास के सबसे बड़े शेयर बायबैक प्लान को मंजूरी दे दी है. 15,000 करोड़ रुपये के इस बायबैक के जरिए कंपनी न सिर्फ शेयरधारकों को रिटर्न देना चाहती है, बल्कि बाजार में अपने मजबूत भरोसे का संकेत भी दे रही है.

बोर्ड ने दी सबसे बड़े बायबैक को मंजूरी

कंपनी के निदेशक मंडल ने 15,000 करोड़ रुपये तक के शेयर बायबैक प्रस्ताव को हरी झंडी दी है. यह अब तक का सबसे बड़ा बायबैक प्रोग्राम है. इसके तहत कंपनी 2 रुपये फेस वैल्यू वाले करीब 60 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी, जो कुल चुकता पूंजी का लगभग 5.7% है. यह बायबैक 250 रुपये प्रति शेयर के भाव पर किया जाएगा, हालांकि इसे लागू करने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी.

आईटी सेक्टर में मुकाबले की तस्वीर

भले ही यह Wipro का सबसे बड़ा बायबैक है, लेकिन आईटी सेक्टर की अन्य कंपनियों की तुलना में यह थोड़ा छोटा है. Infosys ने हाल ही में 18,000 करोड़ रुपये का बायबैक ऑफर दिया था, जो अब तक का सबसे बड़ा रहा है. वहीं Tata Consultancy Services (TCS) ने दिसंबर 2023 में 17,000 करोड़ रुपये का बायबैक पूरा किया था.

क्यों किया जाता है बायबैक

शेयर बायबैक आमतौर पर कंपनियां अतिरिक्त नकदी को शेयरधारकों को लौटाने के लिए करती हैं. इससे प्रति शेयर कमाई (EPS) बेहतर होती है और बाजार में कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को लेकर भरोसा मजबूत होता है. इस कदम से यह भी संकेत मिलता है कि कंपनी अपने शेयर को मौजूदा कीमत पर आकर्षक मान रही है.

नतीजों के साथ आया बड़ा ऐलान

बायबैक की घोषणा ऐसे समय पर हुई है जब Wipro ने अपने चौथी तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं. जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 1.89% घटकर 3,501.8 करोड़ रुपये रह गया. हालांकि, कंपनी की आय में 7.6% की बढ़ोतरी हुई और यह 24,236.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. तिमाही आधार पर मुनाफे और राजस्व में क्रमश: 12.2% और 2.8% की बढ़त दर्ज की गई.

कंपनी के सीईओ और एमडी Srini Pallia ने माना कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक और नीतिगत अनिश्चितताएं अब ‘न्यू नॉर्मल’ बन चुकी हैं. इसके बावजूद आईटी खर्च में मजबूती बनी हुई है, जो सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है.

पूरे साल का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 में Wipro का शुद्ध लाभ 13,197.4 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में मामूली 0.47% अधिक है. वहीं कंपनी का कुल राजस्व 3.96% बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये हो गया.  वहीं, चौथी तिमाही में Wipro का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 1.9% घटकर 3,502 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व 7.7% बढ़कर 24,236 करोड़ रुपये पर पहुंचा; हालांकि तिमाही आधार पर राजस्व में 2.9% और सालाना आधार पर कुल मिलाकर 12.3% की बढ़त दर्ज की गई. कंपनी का प्रदर्शन ब्लूमबर्ग के अनुमान के आसपास रहा, लेकिन राजस्व उम्मीदों से थोड़ा कम रहा. स्थिर मुद्रा के आधार पर आईटी सेवा राजस्व में सालाना 0.2% की गिरावट आई,

लॉन्ग टर्म निवेशकों को फायदा

यह मेगा बायबैक निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इससे न केवल शेयर की कीमत को सपोर्ट मिल सकता है, बल्कि लॉन्ग टर्म निवेशकों को बेहतर रिटर्न की उम्मीद भी बढ़ती है. आने वाले समय में बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस बायबैक को कैसे और कितनी तेजी से लागू करती है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

18 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

19 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

20 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

21 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

22 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

21 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

18 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

19 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

20 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago