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ईरान की चेतावनी: अमेरिका का आर्थिक युद्ध जारी रहा तो खाड़ी से एक बूंद भी तेल नहीं निकलेगा
अमेरिका की नई पाबंदियों की धमकी के बीच तेहरान ने बढ़ाया दबाव, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वॉशिंगटन उसके खिलाफ आर्थिक युद्ध जारी रखता है, तो खाड़ी क्षेत्र से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक दिया जाएगा. ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने सोमवार को कहा कि इसमें रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाला तेल निर्यात भी शामिल है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "अगर आर्थिक युद्ध जारी रहा तो तेल की एक बूंद भी निर्यात नहीं की जाएगी." उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध होर्मुज जलडमरूमध्य के साथ-साथ फारस की खाड़ी के अन्य हिस्सों से होने वाले तेल निर्यात पर भी लागू होगा.
अमेरिका की नई पाबंदियों के बीच बढ़ा तनाव
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तेहरान पर और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की योजना के बीच ईरान ने यह सख्त रुख अपनाया है. रेजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका के आर्थिक अभियान का समर्थन करने या उसमें शामिल होने वाले किसी भी देश को ईरान युद्ध में भागीदार के तौर पर देखेगा.
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है. यहां से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और ईंधन की बड़ी मात्रा की आवाजाही होती है. इस मार्ग पर किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है. ईरान पहले भी अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के दौरान इस जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री परिवहन को बाधित करने की धमकी देता रहा है. हालांकि, इस बार की चेतावनी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि तेहरान ने आर्थिक दबाव बढ़ने की स्थिति में व्यापक स्तर पर तेल निर्यात रोकने की बात कही है.
ईरानी संसद के स्पीकर ने भी अमेरिका पर साधा निशाना
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने भी रविवार को ट्रंप की प्रतिबंध लगाने की धमकी का मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि आक्रामक आर्थिक दबाव लगाने वाले देशों पर इसका उल्टा असर पड़ सकता है. गालिबाफ ने X पर एक पोस्ट में "ईरान बूमरैंग" का व्यंग्यात्मक संदर्भ दिया. इसके साथ चार हिस्सों वाली एक कॉमिक साझा की गई, जिसमें "अब तक का सबसे विनाशकारी आर्थिक अभियान" लिखे हथियार को ईरान की ओर फेंकते और फिर उसी हथियार को उसके इस्तेमाल करने वाले पर वापस आते दिखाया गया.
ईरान ने सैन्य दबाव को लेकर भी अमेरिका पर निशाना साधा
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता सरदार मोहेबी ने कहा कि अमेरिका का आर्थिक उपायों पर जोर देना इस बात की स्वीकारोक्ति है कि सैन्य दबाव काम नहीं कर पाया. ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, मोहेबी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का आर्थिक युद्ध का आदेश देना इस बात की अप्रत्यक्ष स्वीकारोक्ति है कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा है.
उन्होंने कहा कि ईरान दशकों से अपने महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर प्रतिबंधों का सामना करता रहा है और आगे लगाए जाने वाले आर्थिक प्रतिबंधों के प्रभाव को भी संभालने में सक्षम होगा.
‘प्रतिबंध ईरान के लिए नई बात नहीं’
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी अमेरिका की प्रतिबंधों की धमकी की आलोचना की. अल जजीरा के अनुसार, उन्होंने कहा कि युद्ध और प्रतिबंध इस्लामिक गणराज्य ईरान के लिए नई बात नहीं हैं. बघाई ने कहा कि ईरान करीब दो दशकों से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है.
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