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अप्रैल में भारत की इकोनॉमी को रफ्तार, कॉम्पोजिट PMI 58.3 पर पहुंचा; मैन्युफैक्चरिंग में जोरदार उछाल
अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया. मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.9 पर पहुंच गया, जो मार्च में 53.9 था. वहीं सर्विस PMI भी बढ़कर 57.9 हो गया, जो पहले 57.5 था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत संकेत दिए हैं. अप्रैल 2026 में प्राइवेट सेक्टर की गतिविधियों में तेजी दर्ज की गई है और कॉम्पोजिट PMI बढ़कर 58.3 पर पहुंच गया है. बढ़ती मांग, नए ऑर्डर और उत्पादन में इजाफे ने इस ग्रोथ को सपोर्ट किया है, जिससे आर्थिक गतिविधियों में मजबूती साफ दिखाई दे रही है.
प्राइवेट सेक्टर में तेज़ी के संकेत
HSBC फ्लैश इंडिया कॉम्पोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स अप्रैल में 58.3 रहा, जो मार्च में 57.0 था. यह डेटा S&P Global द्वारा जारी किया गया है. PMI का 50 से ऊपर रहना आर्थिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है. मौजूदा स्तर लंबे समय के औसत से ऊपर है, जो मजबूत बिजनेस ग्रोथ का संकेत देता है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ का इंजन
अप्रैल में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया. मैन्युफैक्चरिंग PMI बढ़कर 55.9 पर पहुंच गया, जो मार्च में 53.9 था. वहीं सर्विस PMI भी बढ़कर 57.9 हो गया, जो पहले 57.5 था. हालांकि सर्विस सेक्टर में भी बढ़त जारी रही, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार ज्यादा तेज रही, जिसने कुल ग्रोथ को आगे बढ़ाया.
आउटपुट और नए ऑर्डर में उछाल
HSBC की चीफ इंडिया इकॉनमिस्ट प्रांजुल भंडारी के अनुसार, मार्च में पश्चिम एशिया तनाव से आई रुकावट के बाद अब बिजनेस गतिविधियों में फिर तेजी आई है. कंपनियों को नए ऑर्डर तेजी से मिल रहे हैं और उत्पादन भी बढ़ा है. सप्लाई चेन से जुड़े जोखिमों को देखते हुए कंपनियां कच्चे माल और तैयार उत्पाद का स्टॉक भी बढ़ा रही हैं.
लागत दबाव बरकरार, कीमतों में बढ़ोतरी
हालांकि मांग मजबूत है, लेकिन कंपनियों पर लागत का दबाव अभी भी बना हुआ है. इस दबाव का कुछ हिस्सा कंपनियों ने कीमतें बढ़ाकर ग्राहकों पर डाला है.
रोजगार में तेज बढ़त
अप्रैल में प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़े हैं. यह पिछले 10 महीनों की सबसे तेज वृद्धि मानी जा रही है. इसका कारण बिजनेस विस्तार योजनाएं, बढ़ती मांग, भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया है.
आगे का आउटलुक कैसा?
कंपनियां आने वाले 12 महीनों को लेकर आशावादी बनी हुई हैं. हालांकि मार्च के मुकाबले भरोसे में हल्की कमी आई है, लेकिन यह अभी भी पिछले 18 महीनों के दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर है.
अप्रैल के PMI आंकड़े संकेत देते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत मांग और उत्पादन के दम पर नई रफ्तार पकड़ रही है. खासकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मजबूती आने वाले महीनों में ग्रोथ को और गति दे सकती है.
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