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₹1 लाख करोड़ राजस्व का लक्ष्य, FMCG में बड़ा दांव; ईशा अंबानी ने RCPL के विस्तार का रोडमैप रखा
फूड पार्क नेटवर्क में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी, कैंपा और इंडिपेंडेंस ब्रांड की तेज बढ़त के दम पर रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की बड़ी महत्वाकांक्षा
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
रिलायंस इंडस्ट्रीज की उपभोक्ता इकाई रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने वित्त वर्ष 2030 तक 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य तय किया है. कंपनी का उद्देश्य देश की सबसे बड़ी FMCG कंपनियों में शामिल होना और वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति बनाना है. रिलायंस रिटेल वेंचर्स की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश किया.
FMCG कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी
ईशा अंबानी ने कहा कि RCPL का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत की अग्रणी FMCG कंपनियों में जगह बनाना है. इसके लिए कंपनी उत्पादन क्षमता, वितरण नेटवर्क और ब्रांड पोर्टफोलियो को तेजी से विस्तार दे रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कंपनी उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करेगी.
फूड पार्क नेटवर्क पर 30,000 करोड़ रुपये का निवेश
कंपनी ने एशिया के सबसे बड़े एकीकृत फूड पार्क नेटवर्क में से एक विकसित करने के लिए 30,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की योजना बनाई है. यह नेटवर्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स आधारित आधुनिक तकनीकों से लैस होगा.
ईशा अंबानी के अनुसार, अब तक 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है. कंपनी ने 12 राज्यों में हाई-स्पीड बॉटलिंग लाइनों के जरिए पेय पदार्थों का उत्पादन शुरू कर दिया है. इसके अलावा बिस्कुट, चॉकलेट, मुख्य खाद्य उत्पादों और पैकेज्ड फूड की मल्टी-कैटेगरी उत्पादन इकाइयों का भी विस्तार किया जा रहा है.
30 लाख आउटलेट तक पहुंचा वितरण नेटवर्क
RCPL का वितरण नेटवर्क तेजी से मजबूत हुआ है. कंपनी की पहुंच अब देशभर के 30 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट तक हो गई है. कारोबार शुरू होने के तीन वर्षों के भीतर कंपनी ने 5,000 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स जोड़े हैं. ईशा अंबानी ने कहा कि कंपनी पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य उभरते बाजारों में तेजी से विस्तार कर रही है, जिससे उसकी पहुंच और मजबूत होगी.
कैंपा और इंडिपेंडेंस ब्रांड बने ग्रोथ इंजन
रिलायंस के FMCG कारोबार को कैंपा और इंडिपेंडेंस जैसे ब्रांडों से मजबूत समर्थन मिल रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में कैंपा ने 4,700 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की और प्रमुख बाजारों में दो अंकों की बाजार हिस्सेदारी हासिल करते हुए देश का चौथा सबसे बड़ा कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड बन गया. वहीं, दैनिक उपयोग के उत्पादों वाले ब्रांड इंडिपेंडेंस की बिक्री भी 2,600 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है.
क्विक कॉमर्स और किराना कारोबार पर भी फोकस
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि क्विक कॉमर्स भारतीय उपभोक्ताओं की नई आदत बनता जा रहा है और कंपनी इस क्षेत्र में तेजी से निवेश कर रही है. उन्होंने बताया कि जियोमार्ट देश के सबसे बड़े क्विक कॉमर्स नेटवर्क में शामिल हो चुका है. कंपनी के पास 3,100 से अधिक स्टोर हैं, जो 5,100 पिन कोड क्षेत्रों में फैले 1,200 से ज्यादा शहरों को सेवा दे रहे हैं. जियोमार्ट के औसत दैनिक ऑर्डर सालाना आधार पर 3.6 गुना बढ़ रहे हैं.
1,000 स्टोर के पार पहुंचा स्मार्ट बाजार नेटवर्क
मुकेश अंबानी ने बताया कि कंपनी का स्मार्ट बाजार नेटवर्क 1,000 स्टोर का आंकड़ा पार कर चुका है. उन्होंने इसे दुनिया में बड़े पैमाने पर रिटेल नेटवर्क विस्तार के सबसे तेज उदाहरणों में से एक बताया. कंपनी का मानना है कि विनिर्माण, वितरण, ब्रांड निर्माण और डिजिटल कॉमर्स के संयोजन से वह आने वाले वर्षों में भारतीय FMCG बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करेगी.
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