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सरकारी खजाना हुआ मालामाल, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार
सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत सरकार के लिए उत्साहजनक रही है. 17 जून तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर (Net Direct Tax) संग्रह 14.64 प्रतिशत बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. प्रत्यक्ष कर संग्रह (Direct tax collection) में यह वृद्धि कॉरपोरेट टैक्स, गैर-कॉरपोरेट टैक्स और एडवांस टैक्स कलेक्शन में मजबूत बढ़ोतरी के कारण दर्ज की गई है. इससे सरकार की आय में इजाफा होने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत भी मिले हैं.
कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में 22 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 17 जून तक शुद्ध कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 22.47 प्रतिशत बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये हो गया. वहीं, व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF), फर्मों और अन्य संस्थाओं से प्राप्त गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह 8.40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
STT से सरकार की कमाई में जोरदार उछाल*
शेयर बाजार में बढ़ती गतिविधियों का असर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) संग्रह पर भी दिखाई दिया. 17 जून तक STT के जरिए सरकार को 18,856 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 13,013 करोड़ रुपये था. इससे स्पष्ट है कि पूंजी बाजार में निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.
टैक्स रिफंड में भी हुई बढ़ोतरी
सरकार ने इस अवधि के दौरान करदाताओं को 89,026 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.19 प्रतिशत अधिक है. इसके बावजूद शुद्ध कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 6.10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा
17 जून तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (Gross Direct Tax Collection) 12.46 प्रतिशत बढ़कर 6.10 लाख करोड़ रुपये हो गया. एक वर्ष पहले समान अवधि में यह आंकड़ा 5.42 लाख करोड़ रुपये था. कुल संग्रह में सकल कॉरपोरेट टैक्स का योगदान 2.77 लाख करोड़ रुपये और गैर-कॉरपोरेट टैक्स का योगदान 3.15 लाख करोड़ रुपये रहा.
एडवांस टैक्स से मिले सकारात्मक संकेत
वित्त वर्ष 2026-27 में एडवांस टैक्स संग्रह 15.3 प्रतिशत बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसमें कॉरपोरेट एडवांस टैक्स संग्रह 16.01 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि गैर-कॉरपोरेट एडवांस टैक्स संग्रह 12.73 प्रतिशत बढ़कर 37,620 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि एडवांस टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में तेज वृद्धि यह दर्शाती है कि कंपनियों की आय और मुनाफे की स्थिति मजबूत बनी हुई है. साथ ही, करदाताओं की आय में भी सुधार देखने को मिल रहा है. ऐसे में मौजूदा वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को समर्थन मिलने की उम्मीद है.
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