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जियो का मेगा IPO लॉन्च के करीब, 4 अरब डॉलर जुटाने के लिए सेबी के पास DRHP दाखिल
जियो का यह इश्यू, देश के सबसे बड़े IPO में से एक होगा, जिसका वैल्यूएशन का अनुमान 100 अरब डॉलर से अधिक है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
रिलायंस समूह की डिजिटल और दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स देश के पूंजी बाजार में बड़ा धमाका करने की तैयारी में है. कंपनी ने अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास मसौदा दस्तावेज (DRHP) दाखिल कर दिया है. प्रस्तावित IPO के जरिए कंपनी करीब 4 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है.
27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी कंपनी
सेबी के पास जमा मसौदे के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी. शेयरों की अंतिम कीमत बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, IPO के बाद कंपनी की बाजार पूंजी 100 अरब डॉलर से अधिक हो सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैल्यूएशन कई प्रमुख भारतीय कंपनियों और हाल ही में प्रस्तावित बड़े IPOs से भी अधिक हो सकता है.
मुकेश अंबानी बोले- यह भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 69वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में जियो IPO को समूह के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव बताया. उन्होंने कहा कि यह केवल रिलायंस ही नहीं, बल्कि लाखों शेयरधारकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है. अंबानी के मुताबिक, जियो की लिस्टिंग भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगी.
आकाश, ईशा और अनंत संभाल रहे हैं अगला चरण
अंबानी ने बताया कि IPO प्रक्रिया और जियो के अगले विकास चरण की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी के नेतृत्व के हाथों में है. कंपनी के विस्तार और मूल्य सृजन की रणनीति का नेतृत्व आकाश, ईशा और अनंत अंबानी कर रहे हैं. उनका कहना है कि जियो का भविष्य उज्ज्वल है और यह निवेशकों के लिए दीर्घकालिक अवसर प्रदान करेगा.
मेटा और गूगल नहीं बेचेंगे अपनी हिस्सेदारी
IPO में जियो के मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी बिक्री के लिए नहीं रखी जाएगी. 2020 में निवेश करने वाले प्रमुख वैश्विक निवेशकों में Meta, Google, KKR, Silver Lake और General Atlantic शामिल हैं. इन निवेशकों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 30.89 प्रतिशत है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी बनी हुई है.
IPO से जुटी रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में लगेगा
मसौदा दस्तावेज के अनुसार, IPO से प्राप्त राशि में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज भुगतान के लिए किया जाएगा. कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्रमुख निवेश बैंकिंग संस्थानों को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है.
अब आसमान से भी इंटरनेट पहुंचाएगी जियो
AGM में जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने कंपनी की भविष्य की रणनीति का भी खुलासा किया. उन्होंने कहा कि जियो निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में अपना स्वदेशी संचार उपग्रह विकसित करने की संभावना पर काम कर रही है. इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के गांवों, सीमावर्ती क्षेत्रों और द्वीपों तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है, जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क की पहुंच सीमित है.
AI और 5G पर रहेगा बड़ा फोकस
जियो आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), 5G और सैटेलाइट ब्रॉडबैंड को अपनी विकास रणनीति का केंद्र बनाएगी. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने पूरे ग्राहक आधार को 5G नेटवर्क पर लाना है.
साथ ही, कंपनी इस वर्ष के अंत तक नेटवर्क में सीधे एकीकृत AI एजेंट लॉन्च करने की योजना बना रही है, जो हर भारतीय भाषा में उपलब्ध होंगे और अलग से डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी.
जियो की अगली विकास रणनीति
कंपनी ने भविष्य के लिए पांच प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताएं तय की हैं. इनमें 5G विस्तार, जियोएयर फाइबर के जरिए हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंच, छोटे व्यवसायों का डिजिटलीकरण, क्लाउड आधारित सेवाओं का विस्तार और AI-संचालित ग्राहक सेवाओं को बढ़ावा देना शामिल है. जियो का यह IPO न केवल रिलायंस समूह के लिए, बल्कि भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है.
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