होम / बिजनेस / RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी कमी, एक हफ्ते में निकले 10 अरब डॉलर
RBI के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी कमी, एक हफ्ते में निकले 10 अरब डॉलर
एक सप्ताह में करीब 10 अरब डॉलर घटा भारत का फॉरेक्स रिजर्व, गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 10.75 अरब डॉलर की कमी; विदेशी मुद्रा आस्तियों में हालांकि बढ़ोतरी दर्ज
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक सप्ताह के भीतर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 12 जून 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 10 अरब डॉलर घटकर 671.63 अरब डॉलर रह गया. यह गिरावट मुख्य रूप से सोने की कीमतों में आई नरमी के कारण हुई है, जिससे RBI के गोल्ड रिजर्व के मूल्य में भारी कमी दर्ज की गई.
एक सप्ताह में 9.98 अरब डॉलर घटा फॉरेक्स रिजर्व
RBI द्वारा जारी साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 12 जून को समाप्त सप्ताह में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 9.985 अरब डॉलर घट गया. इससे पहले वाले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 711 मिलियन डॉलर की कमी आई थी.
इस गिरावट के बाद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 671.625 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. गौरतलब है कि 27 फरवरी 2026 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था.
विदेशी मुद्रा आस्तियों में दर्ज हुई बढ़ोतरी
हालांकि कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के बीच विदेशी मुद्रा आस्तियों (FCA) में बढ़ोतरी देखने को मिली है. समीक्षा सप्ताह के दौरान FCA में 846 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ और यह बढ़कर 544.290 अरब डॉलर पर पहुंच गया. FCA विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होता है. इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है.
सोने के भंडार की वैल्यू में 10.75 अरब डॉलर की गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार में आई बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह गोल्ड रिजर्व का मूल्य कम होना रहा. बीते सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी के चलते RBI के स्वर्ण भंडार की वैल्यू 10.754 अरब डॉलर घट गई.
इसके बाद देश के गोल्ड रिजर्व का मूल्य घटकर 100.112 अरब डॉलर रह गया. मार्च 2026 के अंत तक RBI के पास 880.52 टन सोना था, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 16.7 प्रतिशत हिस्सा है.
SDR और IMF रिजर्व में भी मामूली कमी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षा सप्ताह के दौरान स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में 66 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई. वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे भारत के रिजर्व की वैल्यू भी 11 मिलियन डॉलर घट गई. वर्तमान में IMF के पास भारत का रिजर्व 4.815 अरब डॉलर है.
क्यों महत्वपूर्ण है विदेशी मुद्रा भंडार?
विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की वित्तीय मजबूती का अहम संकेतक माना जाता है. इसका उपयोग आयात भुगतान, मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने में किया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट मुख्य रूप से गोल्ड रिजर्व के मूल्यांकन में बदलाव का असर है, जबकि विदेशी मुद्रा आस्तियों में बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.
टैग्स