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BRICS देशों में यूपी का जलवा, ₹50,000 करोड़ के निर्यात से बनाया नया रिकॉर्ड
BRICS और सहयोगी देशों को उत्तर प्रदेश से 5.36 अरब डॉलर का निर्यात, राज्य के MSME, हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग ने बनाया नया रिकॉर्ड
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
उत्तर प्रदेश ने BRICS देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में 5.36 अरब डॉलर (करीब ₹50,000 करोड़) से अधिक का निर्यात दर्ज किया है. राज्य के हस्तशिल्प, चमड़ा उत्पाद, कालीन, रेडीमेड गारमेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) उत्पादों की BRICS देशों में मजबूत मांग देखने को मिली है. यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर की बढ़ती वैश्विक पहचान और निर्यात क्षमता को दर्शाती है.
BRICS देशों में बढ़ी यूपी के उत्पादों की पहुंच
आगरा में आयोजित BRICS MSME फोरम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के MSME मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि राज्य लगातार BRICS देशों के साथ व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूत कर रहा है. वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 5.36 अरब डॉलर के निर्यात में से 3.93 अरब डॉलर का निर्यात BRICS सदस्य देशों को और 1.43 अरब डॉलर का निर्यात सहयोगी देशों को किया गया.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से मशीनरी, वस्त्र, चमड़ा उत्पाद, कालीन और कीमती पत्थरों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है, जिससे राज्य की वैश्विक बाजारों में पकड़ मजबूत हुई है.
96 लाख MSME इकाइयां बनीं अर्थव्यवस्था की ताकत
राज्य सरकार के अनुसार, उत्तर प्रदेश में करीब 96 लाख MSME इकाइयां संचालित हो रही हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं. MSME क्षेत्र राज्य की आर्थिक वृद्धि, नवाचार और रोजगार सृजन का प्रमुख आधार बनकर उभरा है.
मंत्री ने कहा कि सरकार MSME क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए लगातार नई पहल कर रही है, जिससे निर्यात में तेजी आई है और स्थानीय उद्योगों को नए अवसर मिले हैं.
ODOP योजना ने खोले वैश्विक बाजारों के दरवाजे
'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना उत्तर प्रदेश की सबसे सफल योजनाओं में शामिल हो चुकी है. इस पहल ने स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ODOP योजना के तहत अब तक 20,000 से अधिक लाभार्थियों को लगभग 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सहायता दी गई है. इससे 3.16 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं.
पारंपरिक कारीगरों को मिल रहा आधुनिक तकनीक का साथ
राज्य सरकार 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' के जरिए पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है. अब तक 4.41 लाख से अधिक कारीगरों को इस योजना का लाभ मिल चुका है, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि हुई है.
10 लाख नई माइक्रो यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य
युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' चला रही है. इसके तहत बिना गारंटी के ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. सरकार ने अगले 10 वर्षों में 10 लाख नई माइक्रो यूनिट्स स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है, जिससे रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा.
MSME पार्कों से मिलेगा औद्योगिक विकास को बल
राज्य में PLEDGE योजना के तहत आधुनिक MSME पार्क विकसित किए जा रहे हैं. अब तक 12 जिलों में MSME पार्कों को मंजूरी दी जा चुकी है. इन पार्कों का उद्देश्य उद्योगों को बेहतर बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स और कारोबारी माहौल उपलब्ध कराना है.
निर्यात और निवेश का नया केंद्र बन रहा उत्तर प्रदेश
BRICS देशों में बढ़ती मांग और MSME सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन ने उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ODOP, MSME प्रोत्साहन योजनाओं और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में निवेश के चलते आने वाले वर्षों में राज्य का निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है.
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