होम / बिजनेस / ईरान युद्ध और तेल संकट का असर, FPIs ने ₹1.68 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिकवाली की

ईरान युद्ध और तेल संकट का असर, FPIs ने ₹1.68 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिकवाली की

ईरान युद्ध और तेल संकट ने वैश्विक निवेश माहौल को झटका दिया है. भारत जैसे उभरते बाजारों में इसका सबसे बड़ा असर FPIs की भारी बिकवाली और बाजार की कमजोरी के रूप में देखने को मिल रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago

ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जारी संकट के बीच वैश्विक बाजारों से विदेशी निवेशकों (FPIs) की भारी निकासी देखने को मिली है. बढ़ती तेल कीमतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों को जोखिम वाले एसेट्स से दूर कर दिया, जिसके चलते भारत सहित उभरते बाजारों में जोरदार बिकवाली दर्ज की गई है.

4 महीनों में रिकॉर्ड बिकवाली

2026 की शुरुआत से अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब ₹1.68 लाख करोड़ की शुद्ध बिकवाली की है. यह पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे बड़ी निकासी मानी जा रही है. इस बिकवाली का सबसे बड़ा हिस्सा मार्च में हुआ, जब अकेले एक महीने में FPIs ने लगभग ₹1.1 लाख करोड़ के शेयर बेच दिए.

ईरान युद्ध और तेल कीमतों ने बिगाड़ा माहौल

अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई, जब ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 22% की तेजी दर्ज की गई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई. होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के चलते वैश्विक तेल सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी मार्ग से गुजरता है.

भारत पर सबसे ज्यादा असर

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है, ऐसे में तेल की बढ़ती कीमतों ने अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है. इससे न केवल महंगाई बढ़ने का खतरा है, बल्कि राजकोषीय घाटा और ग्रोथ आउटलुक भी प्रभावित हो रहा है. इसका असर शेयर बाजार पर भी साफ दिखा है, जहां इस साल अब तक बाजार में कमजोरी दर्ज की गई है.

उभरते बाजारों में भी निकासी का रुझान

FPIs की बिकवाली सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही है, बल्कि अन्य उभरते बाजारों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला है. हालांकि भारत में निकासी का स्तर कई प्रतिस्पर्धी बाजारों से ज्यादा रहा है, जबकि दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में भी भारी आउटफ्लो दर्ज हुआ है.

मूल्यांकन और कमाई पर दबाव

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट के अनुसार, भारतीय बाजार में ऊंचा वैल्यूएशन और कमजोर कमाई ग्रोथ निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रही है. उनका कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतों ने लगभग हर सेक्टर पर दबाव डाला है, जिससे प्रॉफिट ग्रोथ आउटलुक कमजोर हुआ है.

रुपये में गिरावट से बढ़ा नुकसान

विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर रुपये की कमजोरी ने भी असर डाला है. इस साल अब तक भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 3.5% कमजोर हुआ है, जिससे विदेशी निवेशकों का रिटर्न और घट गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईरान संकट का समाधान नहीं होता और Strait of Hormuz से जुड़े जोखिम कम नहीं होते, तब तक FPIs की वापसी मुश्किल है. यदि तेल की कीमतें स्थिर होकर 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आती हैं, तभी बाजार में विदेशी निवेश का प्रवाह फिर से बढ़ सकता है.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

16 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

17 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

18 hours ago

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

19 hours ago

पावर प्लांट्स में सिर्फ 9 दिन का कोयला, 42% घटा स्टॉक; लॉजिस्टिक्स बनी बड़ी चुनौती

बिजली की बढ़ती मांग और परिवहन संबंधी दिक्कतों के चलते थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का दबाव बढ़ा, 190 में से 51 प्लांट्स में स्टॉक गंभीर स्तर पर

20 hours ago


बड़ी खबरें

बकाया टैक्स पर गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति कुर्क कर होगी वसूली; CBDT ने नियमों में किया बदलाव

सीबीडीटी ने 17 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिए आयकर नियम, 2026 के नियम 225 में संशोधन किया है. यह नियम टैक्स बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है.

19 hours ago

सेबी का कमोडिटी सौदा: विदेशी लाते हैं पैसा, भारतीय ब्रोकर उठाते हैं जोखिम

सेबी भारत के फिजिकली सेटल्ड कमोडिटी कॉन्ट्रैक्ट्स में विदेशी फंड्स चाहता है. वे डिलीवरी नहीं ले सकते. इसलिए अगर कोई फंड समय रहते बाहर निकलने में विफल रहता है, तो उसकी पोजीशन बाजार बंद होने के बाद अपने आप एक भारतीय ब्रोकर की खुद की बुक्स में चली जाती है. फंड "किसी भी आगे के अधिकार, टाइटल, दायित्व या एक्सपोजर" से मुक्त हो जाता है. ब्रोकर यह सब अपने ऊपर ले लेता है. SEBI इसे एक सुरक्षा उपाय कहता है.

16 hours ago

20 वर्षों में भारत की GDP 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: अजीत डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत का आर्थिक विस्तार नई पीढ़ी के स्नातकों के लिए अवसर पैदा कर सकता है.

17 hours ago

सरकारी जमीन और बिल्डिंग्स से जुटाए जाएंगे ₹5,000 करोड़ से ज्यादा, NLMC ने तेज की एसेट मॉनेटाइजेशन प्रक्रिया

NLMC बोर्ड ने 5,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अतिरिक्त जमीन और बिल्डिंग संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की सिफारिश की है.

18 hours ago

भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 4.924 अरब डॉलर की गिरावट, 10 हफ्तों की बढ़त पर लगा ब्रेक

विदेशी मुद्रा आस्तियां देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं. डॉलर में व्यक्त FCA में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की विनिमय दरों में होने वाले बदलाव का असर भी शामिल होता है.

1 day ago