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Adani ग्रुप में निवेश से खुश हैं Rajiv Jain, लेकिन इस बात का है मलाल

अडानी समूह के मुश्किल समय में GQG पार्टनर्स के राजीव जैन ने समूह की कंपनियों में निवेश की हिम्मत दिखाई थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

राजीव जैन (Rajiv Jain) का नाम तो आपने सुना ही होगा. GQG पार्टनर्स वाले राजीव जैन ही वह शख्स हैं, जिन्होंने मुश्किल समय में अडानी का साथ दिया था. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद जब अडानी समूह (Adani Group) में निवेशकों का भरोसा कम हो रहा था, तब राजीव जैन की कंपनी ने अडानी समूह में निवेश की हिम्मत दिखाई थी. तब से लेकर अब तक वह अडानी की कई कंपनियों में पैसा लगा चुके हैं. हालांकि, कुछ ऐसा भी है जिसका मलाल उन्हें आज भी है. 

LIC को लेकर कही ये बात
राजीव जैन अडानी समूह में किए गए अपने निवेश से खुश हैं, लेकिन उन्हें इस बात का मलाल है कि LIC पर दांव लगाने से वह चूक गए. भारत में 22 अरब डॉलर से ज्यादा का एसेट मैनेज करने वाली अमेरिका कंपनी GQG पार्टनर्स LIC के शेयरों में पिछले साल आई रैली का लाभ उठाने का मौका चूक गई. जैन को इसी बात का मलाल है. बता दें कि देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के शेयरों में पिछले कुछ वक्त में अच्छी तेजी देखने को मिली है. कंपनी का शेयर 9 फरवरी को अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था. 

जैन ने यहां लगाया है पैसा
GQG के मालिक जैन ने एक मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा कि वह LIC के शेयर खरीदना जरूर पसंद करते, लेकिन मौका उनके हाथ से निकल गया. जीक्यूजी ने भारत की कई कंपनियों में पैसा लगाया है. पिछले साल GQG ने अडानी समूह की चार कंपनियों में निवेश किया था, जिससे उसे 2.4 अरब डॉलर का फायदा हुआ. एक रिपोर्ट बताती है कि जैन ने अडानी ग्रुप की कंपनियों में कुल 1.9 अरब डॉलर का निवेश किया था और दस महीने में उनका निवेश 130% बढ़कर 4.3 अरब डॉलर पहुंच गया. GQG पार्टनर्स की जीक्यूजी पार्टनर्स इमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड ने पिछले साल अप्रैल से सितंबर के बीच पतंजलि फूड्स लिमिटेड, JSW एनर्जी लिमिटेड, मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड, मैक्रोटेक डेवलपर्स लिमिटेड और IDFC फर्स्ट बैंक में भी निवेश किया था. इसके अलावा, कंपनी ने ITC लिमिटेड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में अपना निवेश बढ़ाया है. 

फ्लोरिडा में है मुख्यालय
राजीव जैन ने जून 2016 में GQG Partners की स्थापना की थी. यह दुनिया की प्रमुख ग्लोबल एंड एमर्जिंग मार्केट्स इनवेस्टर्स फर्म है. कंपनी का मुख्यालय अमेरिका के फ्लोरिडा में है. जबकि इसके ऑफिस न्यूयॉर्क, लंदन, सिएटल और सिडनी में भी हैं. GQG ऑस्ट्रेलिया के सिक्योरिटीज एक्सचेंज में लिस्टेड है. 2021 में कंपनी ऑस्ट्रेलिया में सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आई थी. GQG ने आईपीओ के जरिए 1.187 अरब डॉलर जुटाए थे. भारत में इस कंपनी को असल पहचान अडानी समूह पर आए संकट के बाद ही मिली. 
 


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