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सीएम विजय का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में 93 हजार नौकरियां
विजय सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय की सरकार ने राज्य में बड़े निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं. करीब 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के चार बड़े औद्योगिक और बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स से राज्य में 93 हजार से अधिक रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. सरकार का दावा है कि ये परियोजनाएं तमिलनाडु को विनिर्माण, हरित ऊर्जा और समुद्री उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी.
मुख्यमंत्री बनने के बाद निवेश पर बड़ा फोकस
अभिनेता से नेता बने और फिर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) ने चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का वादा किया था. सरकार बनने के बाद उन्होंने औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता देते हुए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. राज्य सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.
L&T के साथ 18,600 करोड़ रुपये की मेगा डील
विजय सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी शुरुआती औद्योगिक डील इंजीनियरिंग कंपनी L&T के साथ हुई है. राज्य सरकार ने 18,600 करोड़ रुपये के निवेश वाले समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस निवेश के तहत तीन प्रमुख परियोजनाएं विकसित की जाएंगी:
1. कांचीपुरम में 15,000 करोड़ रुपये का हाइपरस्केल और एज एआई डेटा सेंटर.
2. कोयंबटूर में 2,500 करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग प्लांट.
3. तिरुवल्लुर के कट्टुपल्ली में 1,100 करोड़ रुपये की लागत से शिपबिल्डिंग और ऑफशोर विंड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार.
इन परियोजनाओं से 8,200 से अधिक स्थानीय रोजगार सृजित होने की संभावना है.
थूथुकुडी में बनेगा 38 हजार करोड़ का शिपबिल्डिंग हब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिण कोरियाई कंपनी HD हुंडई ने थूथुकुडी में लगभग 38,000 करोड़ रुपये की लागत से मेगा शिपबिल्डिंग और मरीन इंजीनियरिंग क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाई है. तमिलनाडु की नई शिपबिल्डिंग नीति 2026 के तहत प्रस्तावित इस परियोजना से करीब 15,000 रोजगार मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट राज्य के दक्षिणी तट को वैश्विक समुद्री उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर सकता है.
ग्रीन एनर्जी और पावर सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक विकास के लिए बिजली आपूर्ति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार ने 231 बिजली परियोजनाओं के लिए 15,032 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है. इसके अलावा चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली और तिरुनेलवेली में पांच नवीकरणीय ऊर्जा जोन विकसित किए जाएंगे. इन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाएगा. इन परियोजनाओं से लगभग 15,058 नई नौकरियां पैदा होने का अनुमान है.
शिपयार्ड परियोजनाओं से मिल सकते हैं 55 हजार रोजगार
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड की ओर से तमिलनाडु में दो ग्रीनफील्ड कमर्शियल शिपयार्ड स्थापित करने की योजना है. इन परियोजनाओं में लगभग 30,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. हालांकि इन परियोजनाओं से जुड़े समझौते पूर्व सरकार के दौरान हुए थे, लेकिन वर्तमान सरकार इन्हें आगे बढ़ाने में रुचि दिखा रही है. इन प्रोजेक्ट्स से लगभग 55,000 रोजगार सृजित होने की संभावना है.
निवेशकों को मिलेगी सिंगल विंडो सुविधा
निवेश प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने तमिलनाडु इन्वेस्टर प्रमोशन कमीशन के गठन की घोषणा की है. इस आयोग की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे. सरकार के अनुसार, 200 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली या 5,000 से अधिक स्थानीय रोजगार देने वाली कंपनियों को सिंगल विंडो फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस की सुविधा प्रदान की जाएगी.
राज्य को औद्योगिक हब बनाने की तैयारी
सरकार का मानना है कि डेटा सेंटर, शिपबिल्डिंग, हरित ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्र में होने वाले ये बड़े निवेश तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे. साथ ही रोजगार के बड़े अवसर पैदा कर राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्रों में शामिल करने में मदद करेंगे.
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