होम / बिजनेस / देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

इप्सोस की ‘व्हाट वरीज द वर्ल्ड’ रिपोर्ट (मई 2026) के अनुसार, शहरी भारतीयों का देश की दिशा और अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत बना हुआ है. रिपोर्ट में 73 फीसदी शहरी भारतीयों ने माना कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि 78 फीसदी लोगों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक राय व्यक्त की.

यह आंकड़े भारत को दुनिया के सबसे आशावादी देशों में शामिल करते हैं. सिंगापुर में 81 फीसदी, मलेशिया में 70 फीसदी और हंगरी में 62 फीसदी लोगों ने अपने देशों की दिशा और आर्थिक स्थिति को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया. इन देशों को भविष्य को लेकर मजबूत विश्वास रखने वाले देशों के समूह में देखा जा रहा है.

वैश्विक तस्वीर से अलग दिखा भारत

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 30 देशों में औसतन केवल 39 फीसदी लोगों का मानना है कि उनका देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि सिर्फ 37 फीसदी लोग अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक हैं.

दुनिया के कई हिस्सों में निराशावाद बढ़ता दिखाई दे रहा है. फ्रांस इस सूची में सबसे नीचे रहा, जहां 88 फीसदी लोगों ने माना कि उनका देश गलत दिशा में जा रहा है. यह विकसित देशों में बढ़ती असंतुष्टि को दर्शाता है.

शासन और अर्थव्यवस्था पर भरोसा

इप्सोस इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश रामालिंगम ने कहा कि शहरी भारतीयों में शासन व्यवस्था और आर्थिक दिशा को लेकर लगातार भरोसा दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा, "ये निष्कर्ष न केवल संस्थागत स्थिरता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि नागरिक जटिल वैश्विक परिस्थितियों के बीच खुद को ढालने और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं. लोग सतर्क जरूर हैं, लेकिन उन्हें अपने हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भरोसा है."

भारत की प्रमुख चिंताएं

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं. रोजगार को लेकर चिंता पर वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं और उनके रोजगार बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव का भी असर दिखाई देता है.

दुनिया की सबसे बड़ी चिंता बनी महंगाई

वैश्विक स्तर पर महंगाई लोगों की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. इसके बाद अपराध और हिंसा, बेरोजगारी, गरीबी और सामाजिक असमानता तथा वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं. रिपोर्ट बताती है कि भारत की चिंताएं मुख्य रूप से रोजगार और आर्थिक दबावों से जुड़ी हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत लोगों को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है. सुरेश रामालिंगम ने कहा, "भारत में लोगों की चिंताएं उनके वास्तविक जीवन के अनुभवों से जुड़ी हुई हैं. रोजगार, भ्रष्टाचार और वित्तीय दबाव लोगों की प्रमुख चिंताएं हैं. हालांकि ये स्थानीय चुनौतियां हैं, लेकिन इन पर वैश्विक परिस्थितियों का भी प्रभाव पड़ रहा है."

सर्वे में 30 देशों के लोगों को किया गया शामिल

यह सर्वेक्षण इप्सोस के ग्लोबल एडवाइजर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 24 अप्रैल से 8 मई 2026 के बीच किया गया. भारत में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 500 लोगों से बातचीत की गई. सर्वे में कुल 30 देशों के लोगों को शामिल किया गया. भारत सहित कई विकासशील देशों के नमूने मुख्य रूप से शहरी, शिक्षित और अपेक्षाकृत समृद्ध वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसलिए इन देशों के परिणामों को अधिक जुड़े हुए और जागरूक आबादी के दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए.

भारत के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि रिपोर्ट के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद शहरी भारतीयों का देश की आर्थिक दिशा और भविष्य को लेकर भरोसा कायम है. हालांकि रोजगार, भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियां अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं, लेकिन नागरिकों में भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

13 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

14 hours ago

टूल एंड इक्विपमेंट एक्स्पो: हैंड टूल्स से स्मार्ट ऑटोमेशन तक, मैन्युफैक्चरिंग में तकनीक का नया दौर

एक्सपो में एक 'इनोवेशन गैलरी' तैयार की गई है, जिसमें 200 से अधिक प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया गया है. इस गैलरी उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उभरती तकनीकों, नए विचारों और इनोवेटिव समाधानों को सामने लाना है.

14 hours ago

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

15 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

17 hours ago


बड़ी खबरें

प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT से सरकार की कमाई 53% बढ़ी

17 सितंबर तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 13% बढ़ा, एडवांस टैक्स में भी 16.18% की तेज वृद्धि

15 hours ago

Infosys के सीनियर VP बोले, सेमीकंडक्टर में भारत के लिए ‘Invent in India’ का बड़ा मौका

Semicon India 2026 में मेघल ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की पारंपरिक सप्लाई चेन और डिजाइन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हो रहा है. खासकर AI आधारित वर्कलोड यह तय कर रहे हैं कि चिप्स को किस तरह डिजाइन किया जाए.

13 hours ago

RBI की 50,000 करोड़ रुपये की OMO बिक्री में 66,590 करोड़ रुपये की बोलियां

RBI ने बाजार में चल रही यील्ड से अधिक यील्ड पर सरकारी प्रतिभूतियों को स्वीकार किया. इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने बॉन्ड खरीदने के लिए प्रीमियम यील्ड की मांग की.

14 hours ago

भारत की इकोनॉमी पर Moody’s का भरोसा बढ़ा, FY27 GDP ग्रोथ अनुमान 6% से बढ़ाकर 7%

Moody’s के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और निजी क्षेत्र के निवेश में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है.

19 hours ago

भारत-भूटान सहयोग: ₹4,000 करोड़ की ऊर्जा कर्ज सुविधा, UPI और रेल संपर्क पर बढ़ी साझेदारी

ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹4,000 करोड़ की कर्ज सुविधा, भारत में UPI भुगतान कर सकेंगे भूटानी नागरिक; रेल कनेक्टिविटी और ईंधन आपूर्ति पर भी फैसले

17 hours ago