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100% के दावे पर CCPA का सख्त एक्शन, दो फूड कंपनियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना
CCPA ने स्टोरिया फूड्स के उन विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें '100% टेंडर कोकोनट वॉटर' और '100% अनार', '100% आम', '100% मिक्स्ड फ्रूट' जैसे दावे किए गए थे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले विज्ञापनों पर सख्ती दिखाते हुए सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने दो प्रमुख फूड कंपनियों पर कार्रवाई की है. अथॉरिटी ने स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड और मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज लिमिटेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. CCPA ने पाया कि दोनों कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार में '100%' शब्द का इस्तेमाल इस तरह कर रही थीं, जिससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता को लेकर भ्रमित किया जा रहा था.
भ्रामक विज्ञापनों पर CCPA की सख्ती
मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता वाली अथॉरिटी ने दोनों कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उत्पादों की पैकेजिंग, वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऐसे सभी दावे तुरंत हटाएं. यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम संबंधी दिशा-निर्देश, 2022 के तहत की गई है.
स्टोरिया के '100% नारियल पानी' दावे पर उठे सवाल
CCPA ने स्टोरिया फूड्स के उन विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें '100% टेंडर कोकोनट वॉटर' और '100% अनार', '100% आम', '100% मिक्स्ड फ्रूट' जैसे दावे किए गए थे. ये दावे कंपनी की वेबसाइट, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट, बिगबास्केट, ब्लिंकिट, जियोमार्ट और जेप्टो पर भी दिखाई दिए.
जांच के दौरान पाया गया कि उत्पाद में केवल 9.6 प्रतिशत कोकोनट वॉटर कंसंट्रेट था, जिसे पानी के साथ मिलाकर तैयार किया गया था. 'रीकॉन्स्टिट्यूटेड' शब्द को पैकेजिंग पर बेहद छोटे अक्षरों में लिखा गया था. इसके अलावा उत्पाद में प्रिजर्वेटिव INS 202 का इस्तेमाल भी किया गया था, जिससे '100% नेचुरल' होने का दावा कमजोर पड़ गया.
इंग्लिश ओवन ब्रेड के दावों पर भी कार्रवाई
CCPA ने 'इंग्लिश ओवन' ब्रांड की ब्रेड के विज्ञापनों की भी जांच की. इनमें '100% आटा ब्रेड', '100% होल व्हीट ब्रेड' और '100% होल-व्हीट आटे से भरपूर' जैसे दावे किए गए थे. इन विज्ञापनों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 50 लाख से अधिक बार देखा गया था.
सुनवाई के दौरान कंपनी ने स्वीकार किया कि उसके ब्रेड उत्पादों में केवल 87 प्रतिशत होल व्हीट आटा इस्तेमाल किया गया था. अथॉरिटी ने पाया कि यह आंकड़ा '100%' के दावे से मेल नहीं खाता.
'जीरो मैदा' और '100% होल व्हीट' के दावे पर आपत्ति
CCPA ने पैकेजिंग पर '100% होल व्हीट ब्रेड' और 'जीरो मैदा' जैसे दावों के एक साथ इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया. अथॉरिटी का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं के मन में यह धारणा बन सकती है कि उत्पाद पूरी तरह गेहूं के आटे से बना है.
कंपनी ने सुनवाई के दौरान यह भी स्वीकार किया कि इस प्रकार की दोहरी जानकारी उपभोक्ताओं के लिए भ्रम पैदा कर सकती है.
तकनीकी दलीलों को CCPA ने किया खारिज
मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज ने तर्क दिया कि '100% आटा' का आशय केवल यह बताना था कि उत्पाद में उपयोग किया गया अनाज गेहूं है. हालांकि CCPA ने इस दलील को खारिज कर दिया.
अथॉरिटी ने कहा कि किसी भी विज्ञापन का मूल्यांकन एक सामान्य और समझदार उपभोक्ता के दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए. यदि कोई दावा उपभोक्ता को भ्रमित करता है, तो बाद में दी गई तकनीकी व्याख्याएं स्वीकार्य नहीं हो सकतीं.
उपभोक्ताओं को गुमराह करने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई
CCPA ने स्पष्ट किया कि उत्पाद की गुणवत्ता, संरचना, पोषण या स्वास्थ्य संबंधी किसी भी दावे को तथ्यात्मक, प्रमाणित और भ्रामकता से मुक्त होना चाहिए. अथॉरिटी ने कहा कि यदि किसी भी उत्पाद के बारे में उपभोक्ताओं को गुमराह किया जाता है, तो भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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