होम / बिजनेस / भारत में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर फैब,₹12,035 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित
भारत में बनेगी एशिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर फैब,₹12,035 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए जमीन आवंटित
नवी मुंबई में शुरू होने जा रहे इस प्रोजेक्ट से देश की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में जबरदस्त वृद्धि होगी, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर खुलेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
नवी मुंबई जल्द ही भारत का प्रमुख सेमीकंडक्टर हब बनने जा रहा है. महाराष्ट्र सरकार द्वारा आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिस पर वह करीब 12,035 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर फैब यूनिट स्थापित करेगा. इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी निवेशक के रूप में शामिल हैं.
हर माह बनेंगे 1.25 लाख वेफर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह यूनिट एशिया की सबसे बड़ी और उन्नत सेमीकंडक्टर फैब्स में से एक होगी. यहां हर महीने 1 लाख 25 हजार वेफर्स तैयार करने की क्षमता होगी, जो भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सौंपी भूमि आवंटन की मंजूरी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स को प्रोजेक्ट के लिए 100 एकड़ भूमि का सहमति पत्र (LOI) सौंपा. उन्होंने इस अवसर पर कहा कि महाराष्ट्र सरकार हर स्तर पर इस प्रोजेक्ट को पूरा समर्थन देगी, चाहे वह बुनियादी ढांचा हो, नीतिगत सहयोग या स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी आवश्यकताएं हों. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह सिर्फ महाराष्ट्र नहीं, बल्कि पूरे भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है.
टेक्सास से नवी मुंबई आएगी सेमीकंडक्टर यूनिट
आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स ने जानकारी दी है कि वह अमेरिका के टेक्सास स्थित शेरमैन शहर से दुनिया की एक प्रतिष्ठित और पुरानी सेमीकंडक्टर फैब यूनिट को भारत में स्थानांतरित कर रहा है. यह यूनिट अब नवी मुंबई में स्थापित की जाएगी.
परियोजना की टाइमलाइन और आर्थिक प्रभाव
कंपनी का लक्ष्य है कि अगले छह महीनों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए और परियोजना का पहला चरण वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही तक शुरू हो जाए. आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन राजेंद्र चोडणकर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट भारत की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा. आरआरपी इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन राजेंद्र चोडणकर ने कहा कि यह अधिग्रहण भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और हजारों युवाओं को रोजगार देगा.
नवी मुंबई को मिलेगी वैश्विक पहचान
इस प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से नवी मुंबई को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मानचित्र पर नई पहचान मिलने की संभावना है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
टैग्स