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ग्रीन एनर्जी पर बड़ा दांव. ₹15,312 करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में बिजली संकट होगा खत्म
तमिलनाडु सरकार ने बिजली क्षेत्र में बड़े सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ₹15,312 करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
तमिलनाडु सरकार ने राज्य की बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत, भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार बनाने के उद्देश्य से ₹15,312 करोड़ के बड़े निवेश की घोषणा की है. इस योजना के तहत बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को आधुनिक बनाया जाएगा, नए सबस्टेशन स्थापित होंगे और ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया जाएगा. सरकार का दावा है कि इससे बिजली आपूर्ति बेहतर होगी, लागत घटेगी और ऊर्जा क्षेत्र को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तमिलनाडु सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव और TNPDCL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जे. राधाकृष्णन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाना, वितरण प्रणाली को आधुनिक करना, लागत घटाना और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को तेज करना है.
231 नए सबस्टेशन, पुराने नेटवर्क का होगा आधुनिकीकरण
सरकार की योजना के तहत 121 निर्माणाधीन सबस्टेशन पूरे किए जाएंगे, जबकि 231 नए सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा ट्रांसफॉर्मर, ट्रांसमिशन लाइन और वितरण नेटवर्क का बड़े पैमाने पर उन्नयन किया जाएगा. पुराने बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण पर ₹8,318 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे ग्रिड की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ेगी.
बैटरी स्टोरेज और स्मार्ट ग्रिड पर रहेगा फोकस
तमिलनाडु सरकार बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP), स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल तकनीकों के विकास पर भी तेजी से काम करेगी. इस दिशा में रिसर्च और नई तकनीकों के विकास के लिए आईआईटी मद्रास के साथ समझौता भी किया गया है.
बिजली खरीद की नई रणनीति से होगी बचत
सरकार बिजली खरीद की रणनीति में भी बदलाव कर रही है. अब महंगी शॉर्ट-टर्म खरीद और बिजली एक्सचेंज पर निर्भरता कम की जाएगी. इसकी जगह लंबी अवधि के बिजली खरीद समझौतों, राउंड-द-क्लॉक रिन्यूएबल पावर, फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) और स्टोरेज आधारित बिजली को प्राथमिकता दी जाएगी.
सरकार का अनुमान है कि 8.91 रुपये प्रति यूनिट की औसत लागत वाली बाजार से खरीदी जाने वाली बिजली के बजाय 6.63 रुपये प्रति यूनिट की दीर्घकालिक खरीद से गर्मियों के दौरान हर महीने करीब ₹215 करोड़ की बचत हो सकती है.
ग्रीन एनर्जी हब बनने की तैयारी
सरकार के मुताबिक, नई ग्रीन पावर कंपनी TNGECL अगले पांच वर्षों में राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और ग्रीन एनर्जी जोन विकसित करने का प्रमुख माध्यम बनेगी. इसके साथ ही निजी निवेश, नई तकनीकों और उद्योगों के साथ साझेदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा.
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