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100% एथेनॉल फ्यूल को कानूनी मंजूरी, तेल आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम
नागपुर में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने बताया कि उन्होंने 100 फीसदी एथेनॉल के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल के उपयोग को कानूनी मान्यता देने वाले नियमों को मंजूरी दे दी है. सरकार का मानना है कि यह फैसला न केवल पेट्रोलियम आयात पर देश की निर्भरता कम करेगा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, किसानों की आय और आत्मनिर्भर ईंधन अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा.
100% एथेनॉल के उपयोग को मिली कानूनी मान्यता
नागपुर में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में गडकरी ने बताया कि उन्होंने 100 फीसदी एथेनॉल के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके साथ ही भारत में एथेनॉल को एक वैध और व्यापक परिवहन ईंधन के रूप में अपनाने का रास्ता साफ हो गया है. गडकरी ने कहा कि एथेनॉल पेट्रोल का एक व्यवहारिक विकल्प बन सकता है और इससे देश के भारी-भरकम ईंधन आयात बिल को कम करने में मदद मिलेगी.
₹22 लाख करोड़ के आयात बिल को कम करने पर फोकस
भारत वर्तमान में कच्चे तेल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर सालाना करीब 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है. सरकार का लक्ष्य घरेलू स्तर पर उत्पादित एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ाकर इस खर्च को कम करना है. गडकरी लंबे समय से एथेनॉल आधारित अर्थव्यवस्था के समर्थक रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार इस विचार को आगे बढ़ाया था, तब कई लोगों ने इसका मजाक उड़ाया था, लेकिन अब यह सपना हकीकत का रूप ले रहा है.
फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को मिल रही रफ्तार
सरकार के इस कदम के साथ देश में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का विस्तार भी तेज होने की उम्मीद है. हाल ही में गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मारुति सुजुकी की एथेनॉल-संगत वैगनआर लॉन्च की थी. यह वाहन E20 से लेकर E100 तक एथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चलने में सक्षम है, फिलहाल इसे E85 ईंधन के उपयोग की मंजूरी प्राप्त है.
हीरो, टोयोटा और हुंडई समेत कई कंपनियां तैयार
गडकरी ने बताया कि हीरो मोटोकोर्प पहले ही स्प्लेंडर प्लस और HF डीलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल संस्करण बाजार में उतार चुकी है. इन मोटरसाइकिलों में E85-संगत इंजन लगाए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि टोयोटा, सुजुकी, एमजी मोटर और हुंडई जैसी कंपनियां अगले डेढ़ महीने के भीतर 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले वाहन लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं.
ग्रीन हाइड्रोजन पर भी सरकार का जोर
एथेनॉल के साथ-साथ सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को भी भविष्य के ईंधन के रूप में बढ़ावा दे रही है. गडकरी ने बताया कि नागपुर में जल्द ही एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी, जिसमें हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन और दो हाइड्रोजन से चलने वाली बसें शामिल होंगी. ये बसें पानी से तैयार किए गए ग्रीन हाइड्रोजन पर चलेंगी और आम लोगों के लिए उपलब्ध होंगी. गडकरी ने कहा कि हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन का दौर अब दूर नहीं है.
नीतिगत बदलाव से मिलेगा बड़ा समर्थन
सरकार ने हाल ही में 22 से 30 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को केंद्रीय उत्पाद शुल्क से छूट देने का फैसला किया है. इससे इन मिश्रणों को E20 ईंधन के समान दर्जा मिल गया है. इसके अलावा केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिसके तहत E85 और 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन को औपचारिक मान्यता दी जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव भारत में वैकल्पिक और स्वदेशी ईंधनों के बड़े पैमाने पर उपयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा.
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम
100 प्रतिशत एथेनॉल फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिलना भारत की ऊर्जा नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है. इससे आयातित ईंधन पर निर्भरता कम होने, किसानों के लिए नए अवसर पैदा होने, पर्यावरणीय लाभ मिलने और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. आने वाले महीनों में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और एथेनॉल आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर सभी की नजर रहेगी.
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