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धीरूभाई अंबानी जयंती: नहीं जानते होंगे ये बातें, इसलिए कहे जाते थे Polyester Prince

धीरूभाई के बारे में बहुत सी ऐसी बातें है जो लोगों को आज भी नहीं पता हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक और बिजनेस टाइकून की आज 90वीं जयंती है. उनका जन्म 28 दिसंबर को हुआ था. धीरूभाई को पॉलिस्टर प्रिंस के नाम से भी जाना जाता है. उनका जन्म गुजरात के जूनागढ़ में दो स्कूल टीचर जमनाबेन और हीराचंद गोवर्धनदास अंबानी के घर पर हुआ था. धीरूभाई के बारे में बहुत सी ऐसी बातें है जो लोगों को आज भी नहीं पता हैं. ऐसे ही 10 फैक्ट्स हम उनके बारे में पेश कर रहे हैं. 

इसलिए कहा जाता है उनको पॉलिस्टर प्रिंस

विभाजन के बाद, भारत में कपड़ा उद्योग ठप हो गया था, क्योंकि प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्र पाकिस्तान में थे जबकि सूती मिलें बंबई में थीं. जब अंबानी यमन को मसालों का निर्यात कर रहे थे, तब उन्होंने एक निर्यात पुनःपूर्ति लाइसेंस प्राप्त किया, जिसका उपयोग उन्होंने भारत में कपड़े की कमी के कारण पॉलिएस्टर यार्न को भारत में आयात करने के लिए किया. सबसे पहले, उन्होंने बॉम्बे के बाजारों में आयातित पॉलिएस्टर यार्न को 300 प्रतिशत तक के प्रीमियम पर बेचा. तब उन्होंने महसूस किया कि मूल्यवर्धित नायलॉन के वस्त्रों को बेचने में अधिक लाभ था.

अंबानी ने अपने दूसरे चचेरे भाई चंपकलाल दमानी के साथ कपड़े का व्यवसाय स्थापित करने का फैसला किया, जो तुर्की में रहते थे और पॉलिएस्टर यार्न को यमन में आयात करते थे. इस तरह 1966 में रिलायंस का जन्म हुआ. हालांकि, वैचारिक मतभेदों के कारण वे जल्द ही अलग हो गए.

रिलायंस ने 'विमल' नाम से नायलॉन के कपड़ों का उत्पादन शुरू किया, जो जल्द ही देश में सबसे ज्यादा बिकने वाले कपड़े के ब्रांडों में से एक बन गया. रिलायंस को विश्व बैंक से उत्कृष्टता का पुरस्कार भी मिला.

1. धीरूभाई ने काफी छोटे स्तर पर अपना बिजनेस शुरु किया था और कई मुश्किलों के बाद वो आगे बढ़ पाए.

2. उन्होंने गुजरात में गिरनार पर्वत पर तीर्थयात्रियों को चाट-पकोड़ा बेचकर अपना पहला उद्यम शुरू किया.

3. परिवार में पांच भाई-बहन थे और वो तीसरे नंबर की संतान थे.साल 1955 में धीरूभाई ने कोकिलाबेन संग विवाह रचाया, और इसके बाद उनके जीवन में काफी खुशियां आने लगी.

4. अदन में रहते हुए, उनकी पहली नौकरी एक गैस-स्टेशन अटेंडेंट की थी.वहां उन्हें ए. बेसे एंड कंपनी में 300 रुपये की पहली तनख्वाह मिली.

5. उन्होंने 1960 में अपने भाई- चंपकलाल दमानी के साथ एक कंपनी- रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन की सह-स्थापना की.

6. भले ही मुकेश और अनिल अंबानी का नाम हर वक्त सुर्खियों में रहता है, लेकिन दूसरी तरफ दीप्ति और नीना दोनों ही लाइमलाइट से कोसों दूर रहती हैं. 

7. सबसे पहले, उन्होंने अपनी कंपनी का नाम Reliance Commercial Corporation रखा और फिर इसका नाम बदलकर Reliance Textiles Pvt. लिमिटेड और अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड.

8. धीरूभाई अंबानी ने जल्द ही 1950 के दशक के अंत में मसालों में कारोबार करने वाला एक व्यवसाय शुरू किया. इस नवजात उपक्रम का नाम 'रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन' रखा गया.

9. रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन का पहला कार्यालय नरसीनाथ स्ट्रीट पर मस्जिद बंदर में था.यह 350 वर्ग फुट (33-मीटर वर्ग) का एक छोटा कमरा था जिसमें एक टेबल, तीन कुर्सियां और एक टेलीफोन था.

10. धीरूभाई अंबानी ने 1968 में 'विमल' ब्रांड नाम के तहत अपनी कंपनी के कारोबार का विस्तार टेक्सटाइल इंडस्ट्री में भी किया.

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