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Adani की इस कंपनी को किसने किया ब्लैकलिस्ट, क्या निवेशकों के आएंगे 'बुरे दिन'?
अडानी समूह की लिस्टेड कंपनियों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहा. कुछ कंपनियों के शेयर लुढ़के, तो कुछ में मजबूती भी आई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
अडानी समूह (Adani Group) के लिए एक बुरी खबर आई है. समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports and Special Economic Zone) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. नॉर्वे के 1.7 ट्रिलियन डॉलर वाले सॉवरेन वेल्थ फंड ने अस्वीकार्य जोखिम का हवाला देते हुए अडानी पोर्ट्स को अपने पोर्टफोलियो से ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इस फंड का प्रबंधन करने वाले नोर्गेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट (Norges Bank Investment Management) ने यह जानकारी दी है.
2022 से जारी थी निगरानी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी पोर्ट्स के अलावा नार्वे के वेल्थ फंड ने अमेरिका की L3Harris Technolgies और चीन की Weichai पावर को भी अपने पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है. यह फैसला नॉर्वे की काउंसिल ऑन एथिक्स की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है. मालूम हो कि नोर्गेस बैंक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट साल 2022 से अडानी पोर्ट्स की निगरानी कर रहा था और कंपनी को पोर्टफोलियो से बाहर करने के साथ ही निगरानी भी खत्म हो गई है. Norges के इस निर्णय को अडानी पोर्ट्स के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इसका असर कंपनी के शेयरों पर भी पड़ सकता है.
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इस वजह से आई नजर में
अडानी पोर्ट्स पर आरोप है कि वो युद्ध और संघर्ष क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल रही. इसी के आधार पर नॉर्वे के वेल्थ फंड ने अस्वीकार्य जोखिम का हवाला देते हुए अडानी पोर्ट्स को अपने पोर्टफोलियो से बाहर कर दिया है. दरअसल, म्यांमार में एक पोर्ट टर्मिनल में अडानी पोर्ट्स की भागीदारी के चलते कंपनी नार्वे सरकार की नज़र में आई थी. कंपनी ने पिछले साल ही उस पोर्ट प्रोजेक्ट को बेचने की बात कही थी, लेकिन नॉर्वे की काउंसिल ऑन एथिक्स ने कहा था कि खरीदार के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. लिहाजा यह पता लगाना असंभव है कि क्या अडानी पोर्ट्स का अभी भी उससे संबंध है.
ऐसा रहा है स्टॉक का हाल
काउंसिल ऑन एथिक्स के अनुसार, बेहद गंभीर मानदंडों का उल्लंघन हुआ है, जो अस्वीकार्य जोखिम है. गौरतलब है कि अडानी पोर्ट्स भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट ऑपरेटर और एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर कंपनी है. उसके पास 13 बंदरगाह और टर्मिनल हैं, जो देश की कुल पोर्ट कैपिसिटी के 24% के बराबर है. माना जा रहा है कि नॉर्वे से आई इस बुरी खबर का असर कंपनी के शेयरों पर पड़ सकता है. आज यानी गुरुवार को अडानी पोर्ट्स के शेयर मामूली बढ़त के साथ 1,342 रुपए पर बंद हुए. बीते 5 कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.49% और इस साल अब तक 28.07% चढ़ा है. इसका 52 वीक का हाई लेवल 1,424.95 रुपए है.
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