होम / BW क्लास / BW Class: क्या होता है Stock Split और क्यों पड़ती है इसकी जरूरत, जानते हैं आप?
BW Class: क्या होता है Stock Split और क्यों पड़ती है इसकी जरूरत, जानते हैं आप?
नेस्ले इंडिया ने अपने शेयरों को विभाजित कर दिया है. इसी के साथ कंपनी के शेयर का भाव 27 हजार से घटकर 2668.10 रुपए हो गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) ने अपने शेयरों को 10 टुकड़ों में विभाजित कर दिया है. कंपनी ने 1:10 के रेश्यो में अपने स्टॉक को स्प्लिट किया है. यानी अगर रिकॉर्ड डेट तक आपके पास नेस्ले इंडिया का 1 शेयर होगा, तो स्प्लिट के बाद में आपके खाते में उसके 10 शेयर पहुंच जाएंगे. इसी के साथ नेस्ले इंडिया के एक शेयर का भाव 27,116.40 से घटकर 2668.10 रुपए आ गया है. चलिए जानते हैं कि आखिर स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) क्या होता है, कंपनी को इसकी जरूरत क्यों पड़ती है, क्या इससे कंपनी के मार्केट कैप पर कोई असर होता है और निवेशकों के लिए इसमें क्या लाभ छिपा है?
क्या होता है स्टॉक स्प्लिट?
जैसा कि नाम से ही समझ आ रहा है स्टॉक स्प्लिट यानी शेयरों का विभाजन. इस प्रक्रिया के तहत स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करके एक निर्धारित तिथि पर अपने शेयरों को एक निश्चित अनुपात में बांट देती है. जैसे कि नेस्ले ने 1:10 के रेश्यो में बंटवारे को अंजाम दिया. जिस अनुपात में कंपनी स्टॉक स्प्लिट करती है, उसी अनुपात में शेयरहोल्डर्स के शेयरों में बदलाव हो जाता है. उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास किसी कंपनी के 400 शेयर हैं और कंपनी स्टॉक स्प्लिट लाकर 1 शेयर को 2 में तोड़ देती है, आपके पास कंपनी के 800 शेयर हो जाएंगे. हालांकि, इससे उसकी निवेश की वैल्यू पर कोई असर नहीं होगा.
ये भी पढ़ें - इन Sectors से हाथ खींच रहे विदेशी निवेशक, क्या प्रभावित होगी Stocks की चाल?
क्यों पड़ती है इसकी जरूरत?
जब कंपनी के शेयर की डिमांड काफी ज्यादा होती है, लेकिन उसकी कीमत के चलते छोटे निवेशक ना चाहते हुए भी दूरी बना लेते हैं, तो कंपनी स्टॉक स्प्लिट करती है. इस प्रक्रिया से महंगा शेयर सस्ता हो जाता है और छोटे निवेशक आसानी से निवेश कर सकते हैं. कुछ समय पहले तक नेस्ले इंडिया के एक शेयर का भाव 27,116.40 रुपए था. एक शेयर के लिए इतना बड़ा अमाउंट इन्वेस्ट करना हर किसी के बस की बात नहीं. लेकिन शेयरों के बंटवारे के बाद अब इसकी कीमत घटकर 2668.10 रुपए आ गई है, तो छोटे निवेशक भी इसमें पैसा लगा पाएंगे. कुल मिलाकर कहें तो कोई कंपनी स्टॉक स्प्लिट केवल इसलिए करती है, ताकि छोटे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके.
मार्केट कैप होता है प्रभावित?
क्या स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के मार्केट कैप पर भी कोई असर पड़ता है? इस सवाल का जवाब है -ना. चलिए इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं. पिज्जा अक्सर 4 टुकड़ों में विभाजित होता है, लेकिन यदि आप छह लोग खाने वाले हों तो आप अपने हिसाब से उसे छह हिस्सों में भी बांट सकते हैं. क्या आपके ऐसा करने से पिज्जा का साइज घट या बढ़ जाएगा? निश्चित तौर पर नहीं. ठीक इसी तरह, स्टॉक स्प्लिट से केवल शेयर के टुकड़े होते हैं, इससे कंपनी के मार्केट कैप पर कोई असर नहीं पड़ता. बस शेयरों की संख्या बढ़ जाती है. रही बात निवेशकों के फायदे की, तो शेयरों के विभाजन से उनके पास डिमांड वाले शेयरों को कम कीमत में खरीदने का मौका मिल जाता है.
टैग्स